{"_id":"5eaf06b88ebc3e90440d56ec","slug":"board-exam-hardoi-news-knp5583277192","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीजीआईसी में पहले जांची जाएंगीं सामाजिक विज्ञान व कला की कापियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीजीआईसी में पहले जांची जाएंगीं सामाजिक विज्ञान व कला की कापियां
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हरदोई। जीजीआईसी में यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में सोशल डिस्टेंसिंग का ठीक से पालन हो सके, इसके लिए प्रधानाचार्य शालिनी शर्मा ने पहले सामाजिक विज्ञान व कला की कापी जांचे जाने की योजना बनाई है। डीआईओएस को पत्र लिख अवगत कराया है। विद्यालय में परीक्षकों को देखते हुए स्थान कम हैं, ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का ठीक से पालन कराना मुश्किल हो रहा है। अत: यह योजना बनाई गई है। पांच मई से मूल्यांकन शुरू होना है।
उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना बहुत जरूरी है। जीजीआईसी में हाईस्कूल की एक लाख 40 हजार कापियों का मूल्यांकन 700 परीक्षक व 76 प्रधान परीक्षक करेंगे। उनका कहना है कि स्कूल में स्थान कम हैं, ऐसे में दिक्कत आएगी। इसको ध्यान में रखते हुए पहले केवल सामाजिक विज्ञान व कला की कापियां जंचवाई जाएंगी।
बाद में अन्य विषयों की कापी चेक कराई जाएंगी। बताया कि शेष परीक्षक विद्यालय द्वारा सूचना करने पर उपस्थि हों। जिससे सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहेगी। अपनी पूरी योजना के बारे में डीआईओएस को अवगत करा दिया है।
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हरदोई। पांच मई से शुरू होने वाले मूल्यांकन को लेकर राजकीय इंटर कालेज में साफ सफाई का दौर रविवार से शुरू हो गया। प्रधानाचार्य सुधाकर वाजपेयी के निर्देशन में सफाईकर्मियों ने मूल्यांकन कक्षों की साफ सफाई की व सैनिटाइज भी किया।
प्रधानाचार्य का कहना है कि दो दिन जो मूल्यांकन पूर्व में हुआ उसमें भी निर्देश आ चुके थे कि सोशल डिस्टेेंसिंग का पालन पूरा कराया जाए जिसके चलते उन्होंने पूर्व में ही तैयारियां कर दी थीं। राजकीय इंटर कालेज में स्थान की कोई समस्या नहीं है। इसलिए जितने परीक्षक आएंगे उनसे विधिवत कापियां जंचवाई जाएंगीं।
हरदोई। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विधान चंद्र द्विवेदी ने मूल्यांकन लॉकडाउन के दौरान न कराने की मांग की है। उन्होंने डीआईओएस को जारी पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा है कि लॉकडाउन में परीक्षकों का निकल पाना बहुत मुश्किल होगा। जगह-जगह चेकिंग होगी वह रोके जाएंगे।
इसके अलावा कोरोना का खतरा भी लगातार बना रहेगा। इसलिए संघ मांग करता है कि मूल्यांकन बाद में ही कराया जाए। वहीं दूसरी ओर कुछ शिक्षकों का कहना है कि लॉकडाउन से पूर्व ही शासनादेश में कहा गया था कि परीक्षकों के नियुक्ति पत्र व उनके स्कूल के परिचय पत्र को लेकर पास जारी किए जाए ताकि आगे आने वाले समय में उनको किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े, लेकिन अभी तक उनको किसी तरह का कोई पास जारी नहीं किया गया है।
हरदोई। लॉकडाउन के चलते ट्रेन व बसें पूरी तरह से बंद हैं। शहर में दो मई से लेकर 10 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन में हैं। अधिकांश परीक्षक शहर से बाहर के ही हैं। ऐसे में किस तरह से परीक्षक अपने निजी वाहनों से मूल्यांकन केंद्र तक पहुंच पाएंगे यह देखने की बात होगी।
हरदोई। डीआईओएस वीके दुबे का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित तिथियों में ही शहर के तीनों मूल्यांकन केंद्रों पर एक बार फिर से मूल्यांकन शुरू कराया जाएगा। सोमवार को आरआर इंटर कालेज, जीआईसी व जीजीआईसी का सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। इसके अलावा केंद्रों पर मूल्यांकन का उचित ध्यान रखा जाएगा।
दूर दराज से आने वाले परीक्षकों को समस्या न हो इसको लेकर डीएम व एसपी दोनों को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया है। उसमें मांग की गई है कि यदि परीक्षक अपना नियुक्ति पत्र व परिचय पत्र लेकर चलता है तो उसे रोका न जाए।
हरदोई। डीआईओएस ने बताया कि आरआर व जीआईसी में स्थान की कोई समस्या नहीं है। सारे कमरे खोलकर आराम से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए मूल्यांकन कराया जाएगा। जीजीआईसी में दिक्कत है तो वहां विज्ञान सरीखे बड़ी संख्या वाले विषयों की उत्तरपुस्तिकाएं एक-एक करके जांची जाएंगी।
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उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना बहुत जरूरी है। जीजीआईसी में हाईस्कूल की एक लाख 40 हजार कापियों का मूल्यांकन 700 परीक्षक व 76 प्रधान परीक्षक करेंगे। उनका कहना है कि स्कूल में स्थान कम हैं, ऐसे में दिक्कत आएगी। इसको ध्यान में रखते हुए पहले केवल सामाजिक विज्ञान व कला की कापियां जंचवाई जाएंगी।
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बाद में अन्य विषयों की कापी चेक कराई जाएंगी। बताया कि शेष परीक्षक विद्यालय द्वारा सूचना करने पर उपस्थि हों। जिससे सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहेगी। अपनी पूरी योजना के बारे में डीआईओएस को अवगत करा दिया है।
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हरदोई। पांच मई से शुरू होने वाले मूल्यांकन को लेकर राजकीय इंटर कालेज में साफ सफाई का दौर रविवार से शुरू हो गया। प्रधानाचार्य सुधाकर वाजपेयी के निर्देशन में सफाईकर्मियों ने मूल्यांकन कक्षों की साफ सफाई की व सैनिटाइज भी किया।
प्रधानाचार्य का कहना है कि दो दिन जो मूल्यांकन पूर्व में हुआ उसमें भी निर्देश आ चुके थे कि सोशल डिस्टेेंसिंग का पालन पूरा कराया जाए जिसके चलते उन्होंने पूर्व में ही तैयारियां कर दी थीं। राजकीय इंटर कालेज में स्थान की कोई समस्या नहीं है। इसलिए जितने परीक्षक आएंगे उनसे विधिवत कापियां जंचवाई जाएंगीं।
हरदोई। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विधान चंद्र द्विवेदी ने मूल्यांकन लॉकडाउन के दौरान न कराने की मांग की है। उन्होंने डीआईओएस को जारी पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा है कि लॉकडाउन में परीक्षकों का निकल पाना बहुत मुश्किल होगा। जगह-जगह चेकिंग होगी वह रोके जाएंगे।
इसके अलावा कोरोना का खतरा भी लगातार बना रहेगा। इसलिए संघ मांग करता है कि मूल्यांकन बाद में ही कराया जाए। वहीं दूसरी ओर कुछ शिक्षकों का कहना है कि लॉकडाउन से पूर्व ही शासनादेश में कहा गया था कि परीक्षकों के नियुक्ति पत्र व उनके स्कूल के परिचय पत्र को लेकर पास जारी किए जाए ताकि आगे आने वाले समय में उनको किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े, लेकिन अभी तक उनको किसी तरह का कोई पास जारी नहीं किया गया है।
हरदोई। लॉकडाउन के चलते ट्रेन व बसें पूरी तरह से बंद हैं। शहर में दो मई से लेकर 10 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन में हैं। अधिकांश परीक्षक शहर से बाहर के ही हैं। ऐसे में किस तरह से परीक्षक अपने निजी वाहनों से मूल्यांकन केंद्र तक पहुंच पाएंगे यह देखने की बात होगी।
हरदोई। डीआईओएस वीके दुबे का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित तिथियों में ही शहर के तीनों मूल्यांकन केंद्रों पर एक बार फिर से मूल्यांकन शुरू कराया जाएगा। सोमवार को आरआर इंटर कालेज, जीआईसी व जीजीआईसी का सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। इसके अलावा केंद्रों पर मूल्यांकन का उचित ध्यान रखा जाएगा।
दूर दराज से आने वाले परीक्षकों को समस्या न हो इसको लेकर डीएम व एसपी दोनों को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया है। उसमें मांग की गई है कि यदि परीक्षक अपना नियुक्ति पत्र व परिचय पत्र लेकर चलता है तो उसे रोका न जाए।
हरदोई। डीआईओएस ने बताया कि आरआर व जीआईसी में स्थान की कोई समस्या नहीं है। सारे कमरे खोलकर आराम से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए मूल्यांकन कराया जाएगा। जीजीआईसी में दिक्कत है तो वहां विज्ञान सरीखे बड़ी संख्या वाले विषयों की उत्तरपुस्तिकाएं एक-एक करके जांची जाएंगी।