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ब्लड में खराबी तो मुंह में होती बीमारी
ब्ययूराो, अमर उजाला हरदाोई
Updated Sat, 06 Dec 2014 12:30 AM IST
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हरदोई। अमर उजाला और डाबर के तत्वावधान में डेंटल कैंप में शुक्रवार को सेंट जेम्स हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित किया गया। जहां चिकित्सकों ने बच्चों के दांतों की जांच कर उन्हें ब्रशिंग तरीके के बारे में जानकारी दी। चिकित्सकों ने छात्र-छात्राओं को बताया कि दांतों की नियमित सफाई न करने से कई प्रकार की बीमारियां लगती हैं। उन्हें ब्रश करने के साथ ही दांतों को नियमित रूप से डाक्टरों को दिखाने को भी कहा। बच्चों को डाबर की ओर से रेड टूथपेस्ट भी दिया गया और उसके गुण भी बताए गए।
बच्चों के दांतों की निशुल्क जांच को अमर उजाला और डाबर के संयुक्त तत्वावधान में कैंप संचालित किया जा रहा है। कई स्कूलों में कैंप लगाने के बाद शुक्रवार को डाबर रेड ब्रिगेेड सेंट जेम्स हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंची। जहां स्कूल के कक्षा तीन से लेकर आठ तक के बच्चों को दांतों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम की शुरुआत के साथ बच्चों को डाबर रेड टूथपेस्ट का वितरण किया गया और उन्हें जानकारियां दी गईं। दंत चिकित्सक डा. रवि दत्त मिश्र ने बच्चों को बताया कि दांतों को नियमित ढंग से साफ न करने से बीमारियों का खतरा रहता है और शरीर की गई बीमारियां मुंह की सफाई न होने से ही होती हैं। उन्होंने बच्चों को अपने दांतों को प्रतिदिन दो बार साफ करने को कहा।
डा. अनुराग सिंह ने दांतों की जांच कर कई बच्चों को कैविटीज की समस्या से ग्रसित पाया और कुछ में दूध के दांतों के अवशेष पाए। जिनको उन्होेंने निकलवाने की सलाह दी। डा. अनुराग गुप्ता ने बताया कि दांत की नियमित सफाई नहीं की गई तो दुर्गंध आने लगती है और कई प्रकार के वैक्टीरिया भी आ जाते हैं। ऐेसे में दांतों की नियमित सफाई करनी चाहिए। बच्चों को डाबर रेड के गुणों के बारे में धर्मानंद गौतम ने जानकारी दी। कार्यक्रम में राजन चंदेल, अर्पिता कश्यप, शाहनवाज अंसारी, कुमार सौरभ गुप्ता व अब्दुल कलीम अंसारी मौजूद थे। उधर, स्कूल के फादर क्लाउडियस डी अलमेडा तथा बेनेडीकेटा टेल्लीस ने कहा कि बच्चों को कई बीमारियां मुंह के माध्यम से होती हैं, ऐसे में अमर उजाला द्वारा आयोजित दांत शिविर बच्चों के लिए काफी बेहतर है।
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उन्हाेंने कैंप की सराहना की। साथ ही स्कूल की जगजीत कौर, ग्लेयस जोजो, मधुरिमा श्रीवास्तव, रतना सिंह, समोना जाहिर, सारिका चतुर्वेदी, आफरिन हसन खान, मोना सोमवंशी, ममता तिवारी, सीमा सिंह, आकांक्षा सिंह, जैक्लिन सेयरिक, नेहा त्रिवेदी, नीता, प्रतिभा मिश्रा, अर्चना सक्सेना, श्वेता जायसवाल, गीतिका मिश्रा, सुनीता यादव, कुसुम गोडियाल, प्रेयश श्रीवास्तव, नीतू अबरोल, आरशी नाज फारूकी, विमल कुमार मिश्रा, हर्ष वर्धन शुक्ला, कल्पना दीक्षित, सेयरिक केएस, अनुज प्रताप सिंह, सहाना सिंह, ममता श्रीवास्तव, अखिलेश सिंह, फ्लोमिना रानी, जोजोमोन, अनूप सिंह, संजय शर्मा, पूनम सिंह, स्नेह सिंह, अर्चना अवस्थी, प्रतिमा द्विवेदी, दुष्यंत कुमार, ज्योजीत चटर्जी, शीला सिंह, संजय सिंह, रीना मिश्रा, दिग्विजय सिंह, विजय सैमुअल, सोभना तिवारी व पूर्णिमा सिंह ने सहयोग दिया।
इंसेट---
छोटी बीमारियों को भी न करें नजरअंदाज
हरदोई। मुंह की बीमारियां ऐसा नहीं हैं कि सिर्फ दांतों की साफ सफाई न होने से ही हो जाती हैं, कई ऐसे कारण हैं, जिनसे भी मुंह और दांतों में बीमारियां हो जाती हैं। इनमें से एक ब्लड डिस्ऑर्डर भी है। ब्लड डिस्ऑर्डर अर्थात खून में खराबी से मुंह में कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं, जिनमें मंसूढ़ों में चकत्ते बनना और होठों से खून का रिसाव जैसी बीमारी है। दांतों और मुंह की सफाई के प्रति लोग गंभीर कतई नहीं होते हैं और जब दांतों में कैविटीज या अन्य कोई कमी तो जाती है तो भी इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता है और आगे चलकर यह बीमारी गंभीर हो जाती है।
डा. अनुराग सिंह बताते हैं कि ब्लड डिस्अॅार्डर से कई प्रकार की मुंह की बीमारी हो जाती हैं। इनमें परनिसियस एनीमिया से मसूढ़ों में चकत्ते हो जाते हैं और जीभ से स्वाद भी खत्म हो जाता है। आयरन डिफिशियंसी एनीमिया से जीभ में समस्याएं हो जाती हैं और होठ के किनारे भी फटने लगते हैं। एपलास्टिक एनीमिया से ओरल मुकोसा पोलर की बीमारी हो जाती है, जिसमें त्वरित ढंग से मुंह से खून का रिसाव होने लगता है। हेमोफिलिया के कारण दांत उखाड़ने से खून बहुत देर तक बंद नहीं होता है साथ ही खून के थक्के भी बनने लगते हैं। जिनसे बचाव को डॉक्टरों से नियमित चेकअप कराते रहना चाहिए।
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बच्चों के दांतों की निशुल्क जांच को अमर उजाला और डाबर के संयुक्त तत्वावधान में कैंप संचालित किया जा रहा है। कई स्कूलों में कैंप लगाने के बाद शुक्रवार को डाबर रेड ब्रिगेेड सेंट जेम्स हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंची। जहां स्कूल के कक्षा तीन से लेकर आठ तक के बच्चों को दांतों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम की शुरुआत के साथ बच्चों को डाबर रेड टूथपेस्ट का वितरण किया गया और उन्हें जानकारियां दी गईं। दंत चिकित्सक डा. रवि दत्त मिश्र ने बच्चों को बताया कि दांतों को नियमित ढंग से साफ न करने से बीमारियों का खतरा रहता है और शरीर की गई बीमारियां मुंह की सफाई न होने से ही होती हैं। उन्होंने बच्चों को अपने दांतों को प्रतिदिन दो बार साफ करने को कहा।
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डा. अनुराग सिंह ने दांतों की जांच कर कई बच्चों को कैविटीज की समस्या से ग्रसित पाया और कुछ में दूध के दांतों के अवशेष पाए। जिनको उन्होेंने निकलवाने की सलाह दी। डा. अनुराग गुप्ता ने बताया कि दांत की नियमित सफाई नहीं की गई तो दुर्गंध आने लगती है और कई प्रकार के वैक्टीरिया भी आ जाते हैं। ऐेसे में दांतों की नियमित सफाई करनी चाहिए। बच्चों को डाबर रेड के गुणों के बारे में धर्मानंद गौतम ने जानकारी दी। कार्यक्रम में राजन चंदेल, अर्पिता कश्यप, शाहनवाज अंसारी, कुमार सौरभ गुप्ता व अब्दुल कलीम अंसारी मौजूद थे। उधर, स्कूल के फादर क्लाउडियस डी अलमेडा तथा बेनेडीकेटा टेल्लीस ने कहा कि बच्चों को कई बीमारियां मुंह के माध्यम से होती हैं, ऐसे में अमर उजाला द्वारा आयोजित दांत शिविर बच्चों के लिए काफी बेहतर है।
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उन्हाेंने कैंप की सराहना की। साथ ही स्कूल की जगजीत कौर, ग्लेयस जोजो, मधुरिमा श्रीवास्तव, रतना सिंह, समोना जाहिर, सारिका चतुर्वेदी, आफरिन हसन खान, मोना सोमवंशी, ममता तिवारी, सीमा सिंह, आकांक्षा सिंह, जैक्लिन सेयरिक, नेहा त्रिवेदी, नीता, प्रतिभा मिश्रा, अर्चना सक्सेना, श्वेता जायसवाल, गीतिका मिश्रा, सुनीता यादव, कुसुम गोडियाल, प्रेयश श्रीवास्तव, नीतू अबरोल, आरशी नाज फारूकी, विमल कुमार मिश्रा, हर्ष वर्धन शुक्ला, कल्पना दीक्षित, सेयरिक केएस, अनुज प्रताप सिंह, सहाना सिंह, ममता श्रीवास्तव, अखिलेश सिंह, फ्लोमिना रानी, जोजोमोन, अनूप सिंह, संजय शर्मा, पूनम सिंह, स्नेह सिंह, अर्चना अवस्थी, प्रतिमा द्विवेदी, दुष्यंत कुमार, ज्योजीत चटर्जी, शीला सिंह, संजय सिंह, रीना मिश्रा, दिग्विजय सिंह, विजय सैमुअल, सोभना तिवारी व पूर्णिमा सिंह ने सहयोग दिया।
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छोटी बीमारियों को भी न करें नजरअंदाज
हरदोई। मुंह की बीमारियां ऐसा नहीं हैं कि सिर्फ दांतों की साफ सफाई न होने से ही हो जाती हैं, कई ऐसे कारण हैं, जिनसे भी मुंह और दांतों में बीमारियां हो जाती हैं। इनमें से एक ब्लड डिस्ऑर्डर भी है। ब्लड डिस्ऑर्डर अर्थात खून में खराबी से मुंह में कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं, जिनमें मंसूढ़ों में चकत्ते बनना और होठों से खून का रिसाव जैसी बीमारी है। दांतों और मुंह की सफाई के प्रति लोग गंभीर कतई नहीं होते हैं और जब दांतों में कैविटीज या अन्य कोई कमी तो जाती है तो भी इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता है और आगे चलकर यह बीमारी गंभीर हो जाती है।
डा. अनुराग सिंह बताते हैं कि ब्लड डिस्अॅार्डर से कई प्रकार की मुंह की बीमारी हो जाती हैं। इनमें परनिसियस एनीमिया से मसूढ़ों में चकत्ते हो जाते हैं और जीभ से स्वाद भी खत्म हो जाता है। आयरन डिफिशियंसी एनीमिया से जीभ में समस्याएं हो जाती हैं और होठ के किनारे भी फटने लगते हैं। एपलास्टिक एनीमिया से ओरल मुकोसा पोलर की बीमारी हो जाती है, जिसमें त्वरित ढंग से मुंह से खून का रिसाव होने लगता है। हेमोफिलिया के कारण दांत उखाड़ने से खून बहुत देर तक बंद नहीं होता है साथ ही खून के थक्के भी बनने लगते हैं। जिनसे बचाव को डॉक्टरों से नियमित चेकअप कराते रहना चाहिए।