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Hardoi News: लेखपाल को मौत का दोषी ठहरा किसान ने फंदा लगाकर की खुदकुशी

Sat, 09 May 2026 11:07 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2026 11:07 PM IST
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Blaming accountant for death, farmer commits suicide by hanging
फोटो-36-रणवीर सिंह। फाइल फोटो
हरदोई। देहात कोतवाली क्षेत्र के पूरा बहादुर में शनिवार सुबह किसान ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। किसान की शर्ट पर क्षेत्रीय लेखपाल अरुणेश यादव के कारण लिखा था। लेखपाल की वजह से खुदकुशी किए जाने की चर्चा से सनसनी फैल गई। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर अपर जिलाधिकारी प्रफुल्ल त्रिपाठी ने परिजनों से जानकारी ली। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक लेखपाल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।
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पुराबहादुर निवासी रणवीर सिंह उर्फ गुड्डू (58) खेती करते थे। भाई गोपाल सिंह ने बताया कि रणवीर शनिवार सुबह घर से निकले थे। कुछ देर बाद उनका शव उनके ही खेत में लगे सागौन के पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटका मिला। शौच के लिए उधर गए ग्रामीणों ने शव देखकर परिजनों को सूचना दी। रणवीर की शर्ट पर दाहिने और नीचे की तरफ नीले पेन से लिखा था लेखपाल अरुणेश यादव के कारण। घटना का पता चलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
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गांव के कुछ जागरूक लोगों ने कोतवाली देहात पुलिस को सूचना देने के साथ ही यूपी 112 पर भी घटना की जानकारी दी। घटना को लेकर गोपाल सिंह ने बताया कि जमीन के कुछ कागज दुरुस्त कराने के लिए रणवीर कई बार तहसील जाते थे। हालांकि कागजों में क्या सही होना था, यह वह नहीं बता सके। मृतक के परिवार में पत्नी गीता, दो विवाहिता पुत्रियां, एक अविवाहित पुत्री और दो बेटे हैं।
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घटना का पता चलने पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रफुल्ल त्रिपाठी मोर्चरी पहुंचे और मृतक के परिजनों से जानकारी ली। एडीएम ने बताया कि लेखपाल से रणवीर क्यों परेशान थे, इसकी कोई जानकारी परिजन नहीं दे पा रहे हैं। अभिलेखों को लेकर परेशान होने की बात पता चलने पर तहसील से सारा रिकॉर्ड दिखवाया गया। इसमें भी सब कुछ दुरुस्त है न तो नाम गलत दर्ज है और न ही क्षेत्रफल कम है। फिलहाल सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। अगर परिजन शिकायत देंगे तो प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।



आनन फानन खंगाले गए अभिलेख, दुरुस्त मिलने पर ली राहत की सांस
रणवीर सिंह के फंदा लगाकर खुदकुशी करने और इसकी वजह लेखपाल अरुणेश कुमार को बताया जाना प्रशासन के लिए मुसीबत बन गया। पुलिस से इसकी जानकारी मिलते ही एडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रशासन की टीमें सक्रिय की गईं। सबसे पहले एसडीएम सदर मयंक कुंडू को पुराबहादुर और रणवीर के सभी अभिलेख देखने को कहा गया। एडीएम का दावा है कि अभिलेखों के मुताबिक एक साल पहले पूरा बहादुर में चकबंदी की प्रक्रिया पूरी हुई थी। रणवीर और उनके भाइयों के नाम तीन गाटों (2151, 1076, 1015) में कुल लगभग ढाई हेक्टेयर जमीन दर्ज है। चकबंदी से पहले भी तीनों भाइयों के नाम से इतनी ही जमीन थी। अभिलेखों में रणवीर का नाम भी सही दर्ज है और खतौनी में भी पूरा ब्योरा स्पष्ट है। ऐसे में अभी तक यह नहीं पता चल पा रहा कि अरुणेश यादव से रणवीर सिंह को क्या समस्या थी और वह किस काम के लिए अरुणेश के पास चक्कर काट रहे थे।




20 अप्रैल को ही हुई थी बेटे की शादी, 20 मई को घर आनी थी बरात
गांव से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि रणवीर सिंह के दो बेटे निशांत और अभय प्रताप हैं। इनमें से एक की शादी 20 अप्रैल को हुई थी। घर में हंसी खुशी के माहौल के बीच रणवीर ने अपनी सबसे छोटी बेटी की शादी भी तय कर दी थी। मैकपुर निवासी मोनू को 20 मई को बरात लेकर पूरा बहादुर आना था। जिस घर से बेटी की डोली उठनी थी वहां से शनिवार को पिता अर्थी निकली।

फोटो-36-रणवीर सिंह। फाइल फोटो

फोटो-36-रणवीर सिंह। फाइल फोटो

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