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भाजपा विधायक के %प्रमुख पुत्र’ के ब्लाक में %खेल’ की जांच
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हरदोई। भाजपा विधायक के ब्लाक प्रमुख पुत्र के ब्लाक में क्षेत्र पंचायत के बजट से एक ही कार्य को नाम बदलकर बार-बार कराने की आड़ में खेल का मामला सोशल मीडिया पर छाने के बाद तूल पकड़ गया है। सीडीओ आकांक्षा राना ने हकीकत तक पहुंचने के लिए दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। दो दिन में रिपोर्ट तलब की है। पूरा मामला टड़ियावां ब्लाक का है। यहां के ब्लाक प्रमुख रविप्रकाश गोपामऊ से भाजपा विधायक श्यामप्रकाश के पुत्र हैं।
बीते दिनों टड़ियावां क्षेत्र पंचायत के बजट से कार्य कराने के लिए निविदाएं आमंत्रित की गईं थीं। कुल 24 कार्यों के लिए निविदाएं आमंत्रित की गईं थीं। निविदाओं की बिक्री दो से चार दिसंबर के बीच होनी थीं और चार दिसंबर को ही निविदाएं खुलनी भी थीं। इसी दौरान अलग-अलग श्रोतों से विभागीय आला अधिकारियों को पता चला कि कुल 24 कार्योँ में से पांच कार्य ही कराए जाने हैं, जबकि बाकी कार्य पूर्व में हो चुके हैं और इस बार नाम बदलकर निविदाएं निकालीं गईं हैं।
पूर्व में हो चुके कार्यों पर ही गोलमाल की कवायद की आशंका में आला अधिकारियों ने भी सख्त रुख अपना लिया। मामला सोशल मीडिया पर भी तूल पकड़ गया तो अब सीडीओ आकांक्षा राना ने पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। सीडीओ के मुताबिक उपायुक्त मनरेगा प्रमोद सिंह चंद्रौल और लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता धर्मेंद्र सिंह की कमेटी बनाई गई है। दो दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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यह भी देना होगा रिपोर्ट में
सीडीओ ने जांच टीम को निर्देश दिए हैं कि जांच के समय यह भी देखा जाए कि जिन कार्यों की निविदाएं आमंत्रित की गईं हैं, उनकी उपयोगिता क्या है। कार्यों के आगणन (इस्टीमेट) की भी जांच होगी और यह देखा जाएगा कि इस्टीमेट कार्यस्थल का स्थलीय सत्यापन कर बनाए गए हैं या नहीं। सीडीओ ने जांच आदेश में उक्त बिंदुओं को शामिल कर टड़ियावां क्षेत्र पंचायत के जिम्मेदारों की धुकधुकी बढ़ा दी है।
साहब गए थे, फोन पर लौट गए
विकास महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्रों के अनुसार विकास विभाग के एक अधिकारी पूरे मामले की हकीकत पता करने के नाम पर टड़ियावां पहुंच गए थे। इसी बीच राजनीतिक रसूख वाले दो जिम्मेदारों के फोन उक्त अधिकारी के पास पहुंच गए तो अधिकारी भी लौट आए। यह जानकारी आला अधिकारियों को हुई तो फिर जांच टीम गठित की गई।
ब्लाक प्रमुुख की सुनिए
टड़ियावां के ब्लाक प्रमुख रविप्रकाश ने बताया कि कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है। अभी सिर्फ टेंडर निकाले गए हैं। सीडीओ ने जांच टीम गठित कर दी है। टीम जांच कर हकीकत देख ले। अगर कहीं कोई एक-दो काम गलत दर्ज हुए होंगे तो अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक उसमें सुधार करा दिया जाएगा। हो सकता है कि मानवीय भूल से ऐसा हुआ हो, लेकिन कोई अनियमितता जैसी मंशा या बात नहीं है।
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बीते दिनों टड़ियावां क्षेत्र पंचायत के बजट से कार्य कराने के लिए निविदाएं आमंत्रित की गईं थीं। कुल 24 कार्यों के लिए निविदाएं आमंत्रित की गईं थीं। निविदाओं की बिक्री दो से चार दिसंबर के बीच होनी थीं और चार दिसंबर को ही निविदाएं खुलनी भी थीं। इसी दौरान अलग-अलग श्रोतों से विभागीय आला अधिकारियों को पता चला कि कुल 24 कार्योँ में से पांच कार्य ही कराए जाने हैं, जबकि बाकी कार्य पूर्व में हो चुके हैं और इस बार नाम बदलकर निविदाएं निकालीं गईं हैं।
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पूर्व में हो चुके कार्यों पर ही गोलमाल की कवायद की आशंका में आला अधिकारियों ने भी सख्त रुख अपना लिया। मामला सोशल मीडिया पर भी तूल पकड़ गया तो अब सीडीओ आकांक्षा राना ने पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। सीडीओ के मुताबिक उपायुक्त मनरेगा प्रमोद सिंह चंद्रौल और लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता धर्मेंद्र सिंह की कमेटी बनाई गई है। दो दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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यह भी देना होगा रिपोर्ट में
सीडीओ ने जांच टीम को निर्देश दिए हैं कि जांच के समय यह भी देखा जाए कि जिन कार्यों की निविदाएं आमंत्रित की गईं हैं, उनकी उपयोगिता क्या है। कार्यों के आगणन (इस्टीमेट) की भी जांच होगी और यह देखा जाएगा कि इस्टीमेट कार्यस्थल का स्थलीय सत्यापन कर बनाए गए हैं या नहीं। सीडीओ ने जांच आदेश में उक्त बिंदुओं को शामिल कर टड़ियावां क्षेत्र पंचायत के जिम्मेदारों की धुकधुकी बढ़ा दी है।
साहब गए थे, फोन पर लौट गए
विकास महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्रों के अनुसार विकास विभाग के एक अधिकारी पूरे मामले की हकीकत पता करने के नाम पर टड़ियावां पहुंच गए थे। इसी बीच राजनीतिक रसूख वाले दो जिम्मेदारों के फोन उक्त अधिकारी के पास पहुंच गए तो अधिकारी भी लौट आए। यह जानकारी आला अधिकारियों को हुई तो फिर जांच टीम गठित की गई।
ब्लाक प्रमुुख की सुनिए
टड़ियावां के ब्लाक प्रमुख रविप्रकाश ने बताया कि कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है। अभी सिर्फ टेंडर निकाले गए हैं। सीडीओ ने जांच टीम गठित कर दी है। टीम जांच कर हकीकत देख ले। अगर कहीं कोई एक-दो काम गलत दर्ज हुए होंगे तो अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक उसमें सुधार करा दिया जाएगा। हो सकता है कि मानवीय भूल से ऐसा हुआ हो, लेकिन कोई अनियमितता जैसी मंशा या बात नहीं है।