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Hardoi News: बब्बन पर भाजपा नेतृत्व का भरोसा कायम, फिर बने जिलाध्यक्ष
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हरदोई। उम्मीद के मुताबिक भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने एक बार फिर अजीत सिंह बब्बन पर ही भरोसा जताया है।
प्रदेश महामंत्री और जिलाध्यक्ष चुनाव के पर्यवेक्षक एमएलसी सुभाष यदुवंश की मौजूदगी में जिला चुनाव अधिकारी संजीव वालिया ने अजीत सिंह बब्बन को जिलाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की। घोषणा होते ही पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अजीत सिंह बब्बन को फूल मालाओं से लाद दिया। कार्यालय पहुंचकर और सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दी गई।
कुछ माह पहले भाजपा ने संगठन चुनाव की प्रक्रिया शुरू की थी। मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों की घोषणा के बाद जिलाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए गए थे। जनपद में 17 लोगों ने नामांकन दाखिल किए थे। इनमें से तीन नामों का पैनल बनाकर प्रदेश नेतृत्व को भेजने का निर्देश था। इसमें मौजूदा और निवर्तमान जिलाध्यक्ष का नाम अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश थे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिलाध्यक्ष घोषित किए जाने का इंतजार लंबे समय से चल रहा था।
हालांकि, हरदोई में पहले से ही तय था कि जिलाध्यक्ष में बदलाव नहीं होगा और मौजूदा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन को ही फिर से जिम्मेदारी दी जाएगी। गंगानगर स्थित पार्टी कार्यालय में पर्यवेक्षक सुभाष यदुवंश और चुनाव अधिकारी संजीव वालिया ने अजीत सिंह बब्बन के नाम की घोषणा की। इस दौरान उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, सांसद अशोक रावत, एमएलसी अशोक अग्रवाल, भाजपा नेता पीके वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष सुख सागर मिश्र मधुर, जिला उपाध्यक्ष प्रीतेश दीक्षित और संदीप सिंह, जिला महामंत्री अनुराग मिश्रा, सतेंद्र राजपूत और ओम वर्मा मौजूद रहे।
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‘सबका साथ सबका विश्वास’ से दोबारा मिली अजीत को जिलाध्यक्ष की कुर्सी
दूसरी बार जिलाध्यक्ष घोषित किए गए अजीत सिंह बब्बन का पहला कार्यकाल लगभग डेढ़ वर्ष रहा। इस कार्यकाल में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र ‘सबका साथ सबका विश्वास’ का जाप करते रहे। पार्टी के जनप्रतिनिधियों के बीच कई बार आपस में टकराव के स्वर सुनाई दिए, लेकिन बब्बन को लेकर सब एक मत रहे। बब्बन इससे पहले दो बार जिला महामंत्री और एक बार जिला उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं, युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष भी रहे हैं। प्रदेश में सदस्यता के मामले में हरदोई टॉप पांच जिलों में शामिल रहा था। इसका फायदा भी बब्बन को मिला। लोकसभा चुनाव जनपद में बब्बन के नेतृत्व में लड़ा गया था। कन्नौज, लखीमपुर, सीतापुर, धौरहरा जैसी सीटें भाजपा हार गई थी, लेकिन हरदोई और मिश्रिख से भाजपा प्रत्याशी जीतने में कामयाब रहे थे। इस कारण भी बब्बन के पक्ष में सकारात्मक माहौल रहा।
अब नई कमेटी का गठन भी बब्बन के लिए बड़ी चुनौती
जिलाध्यक्ष घोषित किए गए अजीत सिंह बब्बन मूलत: कैडर और संगठन के व्यक्ति ही माने जाते हैं। संगठन के पुराने कार्यकर्ताओं से सीधे संबंध भी उनके हैं। अब नई जिला कमेटी का गठन भी होगा। नई कमेटी का गठन भी बब्बन के लिए बड़ी चुनौती होगा। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा में आए दूसरे दलों से लोग भी कमेटी में समायोजन चाहते हैं। हालांकि, बब्बन यह बात खूब समझते हैं कि सत्ता के साथ आए लोग, सत्ता के साथ जा भी सकते हैं।
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सुरेश चौधरी बने बसपा के नए जिलाध्यक्ष
हरदोई। बहुजन समाज पार्टी में शीर्ष स्तर पर चल रही खींचतान के बीच हरदोई जिलाध्यक्ष बदल दिया गया है। लोकसभा चुनाव के पहले जिलाध्यक्ष बनाए गए कटरी निवासी राजेश्वर कुशवाहा को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर कछौना के कुकुही निवासी सुरेश चौधरी को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। सुरेश चौधरी पूर्व में भी दो बार बसपा के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। बसपा के मंडल कोऑर्डिनेटर हरीश शैलानी की ओर से जारी पत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के निर्देश पर सुरेश चौधरी को अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की गई है। सुरेश ने अध्यक्ष बनने पर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि वह बसपा को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
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प्रदेश महामंत्री और जिलाध्यक्ष चुनाव के पर्यवेक्षक एमएलसी सुभाष यदुवंश की मौजूदगी में जिला चुनाव अधिकारी संजीव वालिया ने अजीत सिंह बब्बन को जिलाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की। घोषणा होते ही पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अजीत सिंह बब्बन को फूल मालाओं से लाद दिया। कार्यालय पहुंचकर और सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दी गई।
कुछ माह पहले भाजपा ने संगठन चुनाव की प्रक्रिया शुरू की थी। मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों की घोषणा के बाद जिलाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए गए थे। जनपद में 17 लोगों ने नामांकन दाखिल किए थे। इनमें से तीन नामों का पैनल बनाकर प्रदेश नेतृत्व को भेजने का निर्देश था। इसमें मौजूदा और निवर्तमान जिलाध्यक्ष का नाम अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश थे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिलाध्यक्ष घोषित किए जाने का इंतजार लंबे समय से चल रहा था।
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हालांकि, हरदोई में पहले से ही तय था कि जिलाध्यक्ष में बदलाव नहीं होगा और मौजूदा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन को ही फिर से जिम्मेदारी दी जाएगी। गंगानगर स्थित पार्टी कार्यालय में पर्यवेक्षक सुभाष यदुवंश और चुनाव अधिकारी संजीव वालिया ने अजीत सिंह बब्बन के नाम की घोषणा की। इस दौरान उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, सांसद अशोक रावत, एमएलसी अशोक अग्रवाल, भाजपा नेता पीके वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष सुख सागर मिश्र मधुर, जिला उपाध्यक्ष प्रीतेश दीक्षित और संदीप सिंह, जिला महामंत्री अनुराग मिश्रा, सतेंद्र राजपूत और ओम वर्मा मौजूद रहे।
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‘सबका साथ सबका विश्वास’ से दोबारा मिली अजीत को जिलाध्यक्ष की कुर्सी
दूसरी बार जिलाध्यक्ष घोषित किए गए अजीत सिंह बब्बन का पहला कार्यकाल लगभग डेढ़ वर्ष रहा। इस कार्यकाल में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र ‘सबका साथ सबका विश्वास’ का जाप करते रहे। पार्टी के जनप्रतिनिधियों के बीच कई बार आपस में टकराव के स्वर सुनाई दिए, लेकिन बब्बन को लेकर सब एक मत रहे। बब्बन इससे पहले दो बार जिला महामंत्री और एक बार जिला उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं, युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष भी रहे हैं। प्रदेश में सदस्यता के मामले में हरदोई टॉप पांच जिलों में शामिल रहा था। इसका फायदा भी बब्बन को मिला। लोकसभा चुनाव जनपद में बब्बन के नेतृत्व में लड़ा गया था। कन्नौज, लखीमपुर, सीतापुर, धौरहरा जैसी सीटें भाजपा हार गई थी, लेकिन हरदोई और मिश्रिख से भाजपा प्रत्याशी जीतने में कामयाब रहे थे। इस कारण भी बब्बन के पक्ष में सकारात्मक माहौल रहा।
अब नई कमेटी का गठन भी बब्बन के लिए बड़ी चुनौती
जिलाध्यक्ष घोषित किए गए अजीत सिंह बब्बन मूलत: कैडर और संगठन के व्यक्ति ही माने जाते हैं। संगठन के पुराने कार्यकर्ताओं से सीधे संबंध भी उनके हैं। अब नई जिला कमेटी का गठन भी होगा। नई कमेटी का गठन भी बब्बन के लिए बड़ी चुनौती होगा। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा में आए दूसरे दलों से लोग भी कमेटी में समायोजन चाहते हैं। हालांकि, बब्बन यह बात खूब समझते हैं कि सत्ता के साथ आए लोग, सत्ता के साथ जा भी सकते हैं।
सुरेश चौधरी बने बसपा के नए जिलाध्यक्ष
हरदोई। बहुजन समाज पार्टी में शीर्ष स्तर पर चल रही खींचतान के बीच हरदोई जिलाध्यक्ष बदल दिया गया है। लोकसभा चुनाव के पहले जिलाध्यक्ष बनाए गए कटरी निवासी राजेश्वर कुशवाहा को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर कछौना के कुकुही निवासी सुरेश चौधरी को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। सुरेश चौधरी पूर्व में भी दो बार बसपा के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। बसपा के मंडल कोऑर्डिनेटर हरीश शैलानी की ओर से जारी पत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के निर्देश पर सुरेश चौधरी को अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की गई है। सुरेश ने अध्यक्ष बनने पर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि वह बसपा को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।