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बिहार से सबक ले मिड-डे मील शुद्ध करेगा कंटिंजेंसी प्लान
ब्यूरो/अमर उजाला हरदोई
Updated Thu, 08 Jan 2015 11:36 PM IST
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बिहार के सारण जिले में विषाक्त मिड-डे मील का भोजन
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खाने से हुई बच्चों की मौतों का हवाला देते हुए यूपी सरकार ने भी प्रदेश के
स्कूलों में चलने वाले मध्याह्न भोजन को शुद्ध रखने एवं किसी भी आपातकालीन
स्थिति से निपटने को कंटिंजेंसी प्लान तैयार कर डीएम को भेज दिया है। प्लान में हर स्कूल में न सिर्फ एक रजिस्टर में
पूरा ब्योरा हर वक्त मौजूद होगा, बल्कि रसोइयों से लेकर टीचरों तक को
प्रशिक्षित करने की योजना तैयार की गई है।
कुल मिलाकर कहना गलत न होगा कि बिहार से सीख लेकर यूपी में कंटिंजेंसी प्लान के माध्यम से मिड-डे मील को शुद्ध करने की पूरी तैयारी है। प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाआें में से एक मध्याह्न योजना में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने को इस प्लान को यूपी सरकार ने तैयार किया है।
जिसके तहत जरूरी निर्देश प्रदेश के समस्त डीएम को प्रेषित करके इन पर अमल कराने के लिए निर्देशित किया गया है। इन निर्देशों में बिहार के सारण जिले की घटना का हवाला देकर ऐसी घटनाएं यूपी न होने पाएं, इसको लेकर अभी से सतर्क व जागरूक होने के लिए निर्देशित किया गया है।
सचिव स्तर से जारी निर्देशों में योजना के तहत हर विद्यालय में एक कंटिंजेंसी प्लान रजिस्टर तैयार रखने की हिदायत दी है। इस रजिस्टर में सभी आस पड़ोस से लेकर जिला मुख्यालय के अफसरों के दूरभाष नंबर रखने को कहा गया, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा सके। सचिव एचएल गुप्ता द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया कि इसके अलावा स्कूल आने जाने वाले लोगों पर सख्त निगाह रखी जाए।
इसकी जिम्मेदारी स्कूल के हर टीचर व कर्मी की होगी। वर्षा ऋतु में भोजन को तैयार करने वाली खाद्य सामग्री को फर्श पर न रखा जाए, बल्कि किसी कंटेनर में बंद करके टाट या पट्टी के ऊपर रखा जाए, ताकि खाद्य सामग्री न खराब होने पाए। योजना के तहत यह भी निर्देश दिए गए कि जहां पर गैस सिलेंडराें के माध्यम से खाना तैयार किया जा रहा है वहां पर समय-समय पर गैस पाइप के लीकेज की जांच करवाई जाती रहे।
खाने को हमेशा किचेन शेड के नीचे ही बनाया जाए, ताकि कीड़ों आदि के भोजन में गिरने की संभावना न हो। यदि लकड़ी पर भोजन अंदर बनाया जा रहा है तो धुएं को निकालने को चिमनी आदि की भी व्यवस्था की जाए। भोजन को खुले में न परोसा जाए किसी कक्ष या हाल में परोसा जाए, ताकि बाहर कोई जहरीली वस्तु भोजन न गिरे।
निर्देशों में यह भी कहा गया कि यदि स्कूल का हैंडपंप खराब पानी दे रहा है तो तत्काल बीडीओ या जल निगम को इसकी सूचना दी जाए। इसका पानी बच्चों को कतई न पिलाया जाए। डीएम रमेश मिश्रा ने पत्र में दिए गए निर्देशों का अनुपालन करने को बीएसए को भेज दिया है।
कुल मिलाकर कहना गलत न होगा कि बिहार से सीख लेकर यूपी में कंटिंजेंसी प्लान के माध्यम से मिड-डे मील को शुद्ध करने की पूरी तैयारी है। प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाआें में से एक मध्याह्न योजना में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने को इस प्लान को यूपी सरकार ने तैयार किया है।
जिसके तहत जरूरी निर्देश प्रदेश के समस्त डीएम को प्रेषित करके इन पर अमल कराने के लिए निर्देशित किया गया है। इन निर्देशों में बिहार के सारण जिले की घटना का हवाला देकर ऐसी घटनाएं यूपी न होने पाएं, इसको लेकर अभी से सतर्क व जागरूक होने के लिए निर्देशित किया गया है।
सचिव स्तर से जारी निर्देशों में योजना के तहत हर विद्यालय में एक कंटिंजेंसी प्लान रजिस्टर तैयार रखने की हिदायत दी है। इस रजिस्टर में सभी आस पड़ोस से लेकर जिला मुख्यालय के अफसरों के दूरभाष नंबर रखने को कहा गया, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा सके। सचिव एचएल गुप्ता द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया कि इसके अलावा स्कूल आने जाने वाले लोगों पर सख्त निगाह रखी जाए।
इसकी जिम्मेदारी स्कूल के हर टीचर व कर्मी की होगी। वर्षा ऋतु में भोजन को तैयार करने वाली खाद्य सामग्री को फर्श पर न रखा जाए, बल्कि किसी कंटेनर में बंद करके टाट या पट्टी के ऊपर रखा जाए, ताकि खाद्य सामग्री न खराब होने पाए। योजना के तहत यह भी निर्देश दिए गए कि जहां पर गैस सिलेंडराें के माध्यम से खाना तैयार किया जा रहा है वहां पर समय-समय पर गैस पाइप के लीकेज की जांच करवाई जाती रहे।
खाने को हमेशा किचेन शेड के नीचे ही बनाया जाए, ताकि कीड़ों आदि के भोजन में गिरने की संभावना न हो। यदि लकड़ी पर भोजन अंदर बनाया जा रहा है तो धुएं को निकालने को चिमनी आदि की भी व्यवस्था की जाए। भोजन को खुले में न परोसा जाए किसी कक्ष या हाल में परोसा जाए, ताकि बाहर कोई जहरीली वस्तु भोजन न गिरे।
निर्देशों में यह भी कहा गया कि यदि स्कूल का हैंडपंप खराब पानी दे रहा है तो तत्काल बीडीओ या जल निगम को इसकी सूचना दी जाए। इसका पानी बच्चों को कतई न पिलाया जाए। डीएम रमेश मिश्रा ने पत्र में दिए गए निर्देशों का अनुपालन करने को बीएसए को भेज दिया है।