हरदोई। शहर के नुमाइश मैदान में चल रहे रामलीला कार्यक्रम में सोमवार को वृंदावन से आए कलाकारों ने राम और सुग्रीव के मिलने व राम द्वारा बालि का वध किए जाने की लीलाओं का मंचन किया। इसके साथ ही कलाकारों ने रासलीला का भी मंचन किया।
कलाकारों ने मंचन कर दिखाया कि जंगल में राम व लक्ष्मण से भेंट होने के बाद हनुमान उन्हें सुग्रीव के पास लाते हैं। प्रभु श्रीराम सुग्रीव से पंपापुर राज छोड़े जाने का कारण पूछते हैं तो सुग्रीव बताते हैं कि जंगल में जाकर मायावी एक गुफा में घुस जाता है, इस पर बालि उसे गुफा के मुख्य द्वार पर रोक देता और युद्ध के लिए गुफा के अंदर चला जाता है। कलाकारों ने दिखाया कि एक माह तक गुफा के अंदर मायावी व बालि के बीच युद्ध होता रहता है। इस बीच गुफा के द्वार से सफेद रक्त की धार आने लगती है। सुग्रीव भाई का निधन होने की बात सोचकर गुफा के द्वार पर बड़ा पत्थर टिकाकर राज्य में वापस आ जाता है। सुग्रीव पंपापुर का राजपाठ चलाने लगता है, इधर कुछ समय पर बाद बालि सकुशल वापस आता है और सुग्रीव को राजगद्दी पर आसीन देख नाराज हो जाता है। बालि, सुग्रीव पर हमला बोल देता है। किसी तरह सुग्रीव जान बचाकर ऋषिमुख पर्वत पर आकर शरण लेता है। कलाकारों ने दिखाया कि सुग्रीव से पूरी बात पता चलने पर प्रभु श्रीराम बालि को मारने का निश्चय करते हैं और खुले मैदान में बालि व सुग्रीव के बीच हो रहे युद्ध के दौरान पेड़ की ओट लेकर बालि पर बाण चलाकर उसका वध कर देते हैं। इस मौके पर रामप्रकाश शुक्ला, कृष्ण अवतार दीक्षित, वियोग चंद्र मिश्रा, प्रमोद मिश्रा, मुनेंद्र सिंह, बब्लू शुक्ला, प्रेमशंकर द्विवेदी व विष्णु आदि मौजूद रहे।