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Hardoi News: वोकल फॉर लोकल से आत्मनिर्भर बन औरों को दे रहीं रोजगार
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हरदोई। वोकल फॉर लोकल से स्थानीय उत्पादों को बनाने, पैकिंग और ब्रांडिंग कर महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। उन महिलाओं ने अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। इससे महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।
विकास खंड अहिरोरी के शुक्लापुर गांव की महिलाओं ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर स्वयं सहायता का गठन किया। समूह गठन के साथ ही लक्ष्मी को अध्यक्ष, धीरू शुक्ला को सचिव और गीतांजलि को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। उद्देश्य स्पष्ट और मन में लगन ने काम को पंख लगा दिए। समूह से 12 महिलाओं को जोड़कर पहले बचत की आदत डाली, फिर सरकारी मदद मिली और काम शुरू किया। पदाधिकारियों ने बताया कि स्थानीय उत्पाद बनाने के साथ ही गाय और भैंस पालन किया।
बताया कि गाय और भैंस के दूध से देसी घी तैयार किया जाता है। शहद, किचन में उपयोग होने वाला मसाला, सत्तू, शहर में ड्राइ फ्रूट मिलाकर पैकिंग के साथ ही मोटे अनाज का आटा आदि तैयार किया जाता है। तैयार सामग्री की बिक्री जिले के साथ ही लखनऊ और आसपास के जिलों में की जा रही है। कच्चा माल लखनऊ से लाया जाता है।
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बताया कि समूह की 12 महिलाओं के साथ गांव की महिलाओं को सामग्री पैकिंग के काम में लगाया जाता है जिससे उन महिलाओं को भी रोजगार मिलने लगा है। पदाधिकारियों ने बताया कि समूह के उत्पाद की बिक्री और कच्चा माल लाने के काम में पुरुषों को भी जोड़ा गया है, जिससे जगत नारायण मिश्र और अंकित शुक्ला को भी रोजगार मिला है।
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विकास खंड अहिरोरी के शुक्लापुर गांव की महिलाओं ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर स्वयं सहायता का गठन किया। समूह गठन के साथ ही लक्ष्मी को अध्यक्ष, धीरू शुक्ला को सचिव और गीतांजलि को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। उद्देश्य स्पष्ट और मन में लगन ने काम को पंख लगा दिए। समूह से 12 महिलाओं को जोड़कर पहले बचत की आदत डाली, फिर सरकारी मदद मिली और काम शुरू किया। पदाधिकारियों ने बताया कि स्थानीय उत्पाद बनाने के साथ ही गाय और भैंस पालन किया।
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बताया कि गाय और भैंस के दूध से देसी घी तैयार किया जाता है। शहद, किचन में उपयोग होने वाला मसाला, सत्तू, शहर में ड्राइ फ्रूट मिलाकर पैकिंग के साथ ही मोटे अनाज का आटा आदि तैयार किया जाता है। तैयार सामग्री की बिक्री जिले के साथ ही लखनऊ और आसपास के जिलों में की जा रही है। कच्चा माल लखनऊ से लाया जाता है।
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बताया कि समूह की 12 महिलाओं के साथ गांव की महिलाओं को सामग्री पैकिंग के काम में लगाया जाता है जिससे उन महिलाओं को भी रोजगार मिलने लगा है। पदाधिकारियों ने बताया कि समूह के उत्पाद की बिक्री और कच्चा माल लाने के काम में पुरुषों को भी जोड़ा गया है, जिससे जगत नारायण मिश्र और अंकित शुक्ला को भी रोजगार मिला है।