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बाल श्रम के खिलाफ संवेदनशील बने समाज
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Sun, 12 Jun 2016 11:57 PM IST
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गोष्ठी
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम विरोध दिवस पर रविवार को रेडक्रास सोसायटी में गोष्ठी हुई। बाल श्रम के खिलाफ समाज को संवेदनशील होने पर जोर दिया गया। सहायक श्रमायुक्त ने बाल श्रम लेेने वाले सेवायोजकों के खिलाफ जुर्माना और जेल होने के कानून की जानकारी दी। साथ ही व्यापारियों और स्वयंसेवी संस्था के सदस्यों से प्रतिष्ठानों में काम करने वाले बाल श्रमिकों के बारे में जानकारी मांगी है।
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सहायक श्रमायुक्त अनुभव वर्मा ने कहा कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से कार्य न लिया जाए। उन्होंने व्यापारी और स्वयंसेवी संस्थाओं से बाल श्रमिक वाले प्रतिष्ठानाें की जानकारी देने की अपील की। श्रम प्रवर्तन अधिकारी अजीत कुमार कनौजिया ने कहा कि बाल श्रम कराने वाले सेवायोजक पर 10 से 20 हजार रुपये का अर्थदंड और एक वर्ष की सजा का प्रावधान है। बाल श्रम परियोजना के फील्ड आफीसर सतीश चंद्रा ने कहा कि बाल श्रमिकों के सर्वेक्षण का कार्य कराया जा रहा है।
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छह से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाएगा। व्यापारी सुरेंद्र सिंह गौर ने कहा कि उनका संगठन बाल श्रम लेने वालों के खिलाफ खड़ा है। कार्यक्रम में प्रयास भजन कीर्तन पार्टी के मो. हनीफ ने गीत के माध्यम से बाल श्रम रोकने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर अजीत कन्नौजिया, सुधीर अवस्थी, इंद्रसेन त्रिपाठी, कमल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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