‘जनता की आवाज भी बनें कवि’
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संस्थाध्यक्ष
डा. ईश्वर चंद्र वर्मा द्वारा वरिष्ठ कवि आचार्य राजकुमार सिंह को अंग
वस्त्र पहनाकर तथा प्रतीक चिन्ह एवं सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया
गया। संस्थाध्यक्ष ने कहा कि आचार्य राजकुमार सिंह ने जिले में ही नहीं,
बल्कि पूरे देश में अपने साहित्य के चलते गौरव प्राप्त किया है।
वह अति
वरिष्ठ व प्रतिष्ठित कवि एवं साहित्यकार हैं, जिन्होंने स्फुट काव्य के साथ
तीन खंड काव्य संजीवनी भी लिखे जो प्रकाशित हुए। कवि सम्मेलन में जिले के
वरिष्ठ कवि बृजराज सिंह तोमर, सुरेश पाल सिंह सोमवंशी, रामरूप त्रिवेदी,
कृष्ण गोपाल पांडे, संत पांडे, श्याम त्रिवेदी, अजीत शुक्ल, आदर्श
द्विवेदी, राजकुमार सिंह, अरविंद मिश्र, वेद प्रकाश अवस्थी, डा. निशानाथ
अवस्थी, बैरिस्टर सिंह यादव, गिरीश चंद्र श्रीवास्तव, पंकज पांडे, देश दीपक
शुक्ल, हरीश्याम शर्मा, सूर्य कुमार सिंह चौहान, भजनलाल गुप्त, सुशील
वर्मा ने अपनी कविताओं द्वारा उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
आचार्य
राजकुमार सिंह ने वीर विनायक सावरकर के जीवन वृत्त पर लिखे अपने खंड काव्य
मुक्ति पथ की पंक्तियां जाग्रत होकर स्वाभिमान ही...पढ़ी, जिनको सभी ने
बहुत सराहा। मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य आचार्य डा. शिवशरण सिंह चौहान ने
कवियों का आह्वान किया कि वह कविता के अतिरिक्त साहित्य की अन्य विद्याओं
यथा कथा, लघुकथा, नाटक, लघु नाटिका, प्रहसन, यात्रा वृत्तांत पर लेख,
वैचारिक लेख विषयों पर भी अपनी लेखनी उठाए।
सामाजिक समस्याओें के विषयों पर
भी जनता की आवाज बने। संस्था अध्यक्ष डा. ईश्वर चंद्र वर्मा ने संस्था के
संकल्प को दोहराया कि संस्था जनपद के साहित्यकारों, कवियों की रचनाएं
प्रकाशित कराने में हर संभव मदद करेगी। संचालन सुशील कुमार वर्मा ने किया।
इस
मौके पर सुमद प्रसाद जैन, डा. सुरेश अग्निहोत्री, राजीव मोहन अवस्थी,
रामनरेश बाजपेई, डा. एसएस द्विवेदी, राजेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, अशोक
बाजपेई, राकेश सेठ, गिरीश चंद्र बाजपेई, सतीश चंद्र शुक्ल, विवेकानंद झा,
प्रहलाद सिंह, बालकृष्ण गुप्त और प्रदीप गुप्त आदि मौजूद थे।