{"_id":"3460f2726a8262829afe270aaa671a1c","slug":"banks-will-come-on-farmers-caress-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों पर बरसेगा बैंकों का दुलार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों पर बरसेगा बैंकों का दुलार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Mon, 23 Mar 2015 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वित्तीय वर्ष 15-16 के लिए जिले की 2,93,136 लाख की
विज्ञापन
वार्षिक ऋण योजना अनुमोदन बैंकर्स की बैठक में हो गया है। एक अप्रैल से
बैंकें इस योजना के अनुसार ऋण वितरण के लक्ष्यों को पूरा करने का काम शुरू
कर देगी। खास बात यह है कि बैंकों ने कृषि क्षेत्र पर मेहरबानी दिखाते हुए
योजना का करीब नब्बे फीसदी हिस्सा कृषि क्षेत्र के लिए रखा है।
इस तरह से कुल योजना 2,93,146 लाख में 2,61,015 लाख का ऋण कृषि क्षेत्र में वितरित किया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष की वार्षिक ऋण योजना 2,49,632 लाख की है, जबकि अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष के लिए अनुमोदित वार्षिक ऋण योजना में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए जिले में विकास के मार्ग को और अधिक प्रशस्त करने का कार्य किया गया है।
इस कार्य में सरकारी बैंकों के साथ ही निजी क्षेत्र की बैंकों को भी शामिल करते हुए खास तौर से कृषि ऋण के लिए लक्ष्य दिए गए हैं, जिससे किसानों को कर्ज के लिए भटकना न पड़े। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने जिले के लिए वर्ष 15-16 का पोटेंशियल लिंक प्लान तैयार कर 2,93,146 लाख के ऋण देने एवं विभिन्न क्रिया कलापों के सुझाव दिए थे।
इसको आधार मानते हुए वार्षिक ऋण योजना भी 293146 लाख की मंजूर की गई है। जिसमें सबसे ज्यादा ऋण की व्यवस्था कृषि क्षेत्र के लिए की गई है। योजना का अनुुमोदन बैंकर्स की बैठक में हो गया, जिससे किसानों को ज्यादा से ज्यादा फसली ऋण आदि मिलने का रास्ता साफ होने के साथ विकास योजनाओं को गति मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
उधर, एलडीएम पीके सिंह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 15-16 के लिए वार्षिक ऋण योजना 2,93,146 लाख रुपये की है। जिसका अनुमोदन डीएलआरसी की बैठक में हो गया है। वार्षिक ऋण योजना में बैंकों बार लक्ष्य तय कर दिए गए है। जिसके अनुसार बैंकों द्वारा ऋण वितरण किया जाएगा।
इस तरह से कुल योजना 2,93,146 लाख में 2,61,015 लाख का ऋण कृषि क्षेत्र में वितरित किया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष की वार्षिक ऋण योजना 2,49,632 लाख की है, जबकि अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष के लिए अनुमोदित वार्षिक ऋण योजना में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए जिले में विकास के मार्ग को और अधिक प्रशस्त करने का कार्य किया गया है।
इस कार्य में सरकारी बैंकों के साथ ही निजी क्षेत्र की बैंकों को भी शामिल करते हुए खास तौर से कृषि ऋण के लिए लक्ष्य दिए गए हैं, जिससे किसानों को कर्ज के लिए भटकना न पड़े। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने जिले के लिए वर्ष 15-16 का पोटेंशियल लिंक प्लान तैयार कर 2,93,146 लाख के ऋण देने एवं विभिन्न क्रिया कलापों के सुझाव दिए थे।
इसको आधार मानते हुए वार्षिक ऋण योजना भी 293146 लाख की मंजूर की गई है। जिसमें सबसे ज्यादा ऋण की व्यवस्था कृषि क्षेत्र के लिए की गई है। योजना का अनुुमोदन बैंकर्स की बैठक में हो गया, जिससे किसानों को ज्यादा से ज्यादा फसली ऋण आदि मिलने का रास्ता साफ होने के साथ विकास योजनाओं को गति मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
उधर, एलडीएम पीके सिंह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 15-16 के लिए वार्षिक ऋण योजना 2,93,146 लाख रुपये की है। जिसका अनुमोदन डीएलआरसी की बैठक में हो गया है। वार्षिक ऋण योजना में बैंकों बार लक्ष्य तय कर दिए गए है। जिसके अनुसार बैंकों द्वारा ऋण वितरण किया जाएगा।