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कार्मिकों ने तोड़ी बल्ली, पलटी मेजें
ब्यूरो अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 13 Dec 2015 12:45 AM IST
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प्रधानी चुनाव को लेकर रविवार को जिले में 19 स्थानों पर होने वाली मतगणना को लेकर शनिवार को फल मंडी परिसर में दिया जाने वाला प्रशिक्षण अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया। पहले उपस्थिति दर्ज कराने को कार्मिक आपस में भिड़ गए।
लचर व्यवस्था पाकर कार्मिकों ने बल्ली तोड़ने, मेजें पलटने से भी गुरेज नहीं किया। प्रभारी प्रशिक्षण पीडी डीआरडीए ने कार्मिकों को समझा- बुझाकर मामला शांत कराया।
मतगणना रविवार को होनी है, जिसको लेकर तीन हजार से अधिक कार्मिक लगाए गए हैं, जिनका प्रशिक्षण तीन चरणों में फल मंडी परिसर में कराया जाना था। अव्यवस्था का दौर जारी रहने से कार्मिकों को और मनोबल बढ़ा।
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बताया गया कि पहले उपस्थिति दर्ज कराने को लगी लाइनों को तोड़कर लोग आगे निकल आए और उपस्थिति दर्ज कराने का दबाव बनाने लगे।
कार्मिकों का कहना है कि गणना पर्यवेक्षक की कतार में यह बवाल पहले हुआ। रजिस्टर लेकर बैठे कर्मी को कतार में लगे एक कार्मिक ने पहले साइन करने का दबाव बनाया, जब वह नहीं माना तो उसने अपशब्द कह दिए इसके बाद दोनों के बीच झड़प होने लगी। यही नहीं कार्मिक बल्ली तोड़कर वहां लगी मेजों को पलटने लगे।
इधर प्रशिक्षण प्रभारी पीडी डीआरडीए प्रदीप कुमार यादव ने माइक पर इन कार्मिकों को समझाने के साथ साथ कार्रवाई की धमकी दी। तब कहीं जाकर मामला शांत हो सका।
तीन हजार कार्मिकों को संभाल पाना मुश्किल- पीडी- हरदोई। परियोजना निदेशक डीआरडीए प्रदीप कुमार यादव का इस बाबत कहना है कि तीन हजार से अधिक कार्मिकों को संभाल पाना कठिन था।
हस्ताक्षर कराने को सिर्फ पांच आदमी लगाए गए थे। एक आदमी के पास 800-900 आदमी कतार में था। जल्दी हस्ताक्षर करने की होड़ में इन लोगों ने यह कृत्य किए। फिलहाल स्थिति को समय रहते संभाल लिया गया।
प्रशिक्षण नहीं उपस्थिति पर रहता है जोर-हरदोई। कार्मिकों की मुंहजबानी तो यह कहती है कि चुनावी प्रशिक्षण कोई भी क्यों न हो, वहां कार्मिकों का प्रशिक्षण पर नहीं बल्कि उपस्थिति दर्ज कराने पर जोर रहता है, जो आज भी हुआ।
उपद्रव का कारण यह रहा कि अंकुश कम रहा। इसके कारण कार्मिक उग्र होते चले गए और कोई रोक टोक न होने का फायदा उठा गए। उनका कहना है कि हर प्रशिक्षण में कार्मिक हस्ताक्षर करके वापस चला जाता है।
स्थिति सामान्य होने पर पंडाल में बैठाले गए कार्मिक- हरदोई। फल मंडी परिसर में तीन पालियों में प्रशिक्षण दिया गया। प्रथम पाली सुबह साढ़े नौ से 11 बजे तक, दूसरी पाली साढ़े 12 से दो बजे तक तीसरी पाली में तीन से साढ़े चार बजे तक प्रशिक्षण दिया गया।
पहली और दूसरी पाली के मध्य बवाल होने के बाद जब कुछ देर बाद मामला शांत हुआ तो पंडाल में बैठाकर कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया गया।
पीडी प्रदीप कुमार यादव ने मतगणना से संबंधित आयोग के दिशा निर्देशों से कार्मिकों को अवगत कराया। उन्होंने समय से मतगणना स्थल पर पहुंचकर पहले प्रधान पद के बक्से खोलने एवं मतगणना पूरी होते ही प्रपत्र समय- समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
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लचर व्यवस्था पाकर कार्मिकों ने बल्ली तोड़ने, मेजें पलटने से भी गुरेज नहीं किया। प्रभारी प्रशिक्षण पीडी डीआरडीए ने कार्मिकों को समझा- बुझाकर मामला शांत कराया।
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मतगणना रविवार को होनी है, जिसको लेकर तीन हजार से अधिक कार्मिक लगाए गए हैं, जिनका प्रशिक्षण तीन चरणों में फल मंडी परिसर में कराया जाना था। अव्यवस्था का दौर जारी रहने से कार्मिकों को और मनोबल बढ़ा।
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बताया गया कि पहले उपस्थिति दर्ज कराने को लगी लाइनों को तोड़कर लोग आगे निकल आए और उपस्थिति दर्ज कराने का दबाव बनाने लगे।
कार्मिकों का कहना है कि गणना पर्यवेक्षक की कतार में यह बवाल पहले हुआ। रजिस्टर लेकर बैठे कर्मी को कतार में लगे एक कार्मिक ने पहले साइन करने का दबाव बनाया, जब वह नहीं माना तो उसने अपशब्द कह दिए इसके बाद दोनों के बीच झड़प होने लगी। यही नहीं कार्मिक बल्ली तोड़कर वहां लगी मेजों को पलटने लगे।
इधर प्रशिक्षण प्रभारी पीडी डीआरडीए प्रदीप कुमार यादव ने माइक पर इन कार्मिकों को समझाने के साथ साथ कार्रवाई की धमकी दी। तब कहीं जाकर मामला शांत हो सका।
तीन हजार कार्मिकों को संभाल पाना मुश्किल- पीडी- हरदोई। परियोजना निदेशक डीआरडीए प्रदीप कुमार यादव का इस बाबत कहना है कि तीन हजार से अधिक कार्मिकों को संभाल पाना कठिन था।
हस्ताक्षर कराने को सिर्फ पांच आदमी लगाए गए थे। एक आदमी के पास 800-900 आदमी कतार में था। जल्दी हस्ताक्षर करने की होड़ में इन लोगों ने यह कृत्य किए। फिलहाल स्थिति को समय रहते संभाल लिया गया।
प्रशिक्षण नहीं उपस्थिति पर रहता है जोर-हरदोई। कार्मिकों की मुंहजबानी तो यह कहती है कि चुनावी प्रशिक्षण कोई भी क्यों न हो, वहां कार्मिकों का प्रशिक्षण पर नहीं बल्कि उपस्थिति दर्ज कराने पर जोर रहता है, जो आज भी हुआ।
उपद्रव का कारण यह रहा कि अंकुश कम रहा। इसके कारण कार्मिक उग्र होते चले गए और कोई रोक टोक न होने का फायदा उठा गए। उनका कहना है कि हर प्रशिक्षण में कार्मिक हस्ताक्षर करके वापस चला जाता है।
स्थिति सामान्य होने पर पंडाल में बैठाले गए कार्मिक- हरदोई। फल मंडी परिसर में तीन पालियों में प्रशिक्षण दिया गया। प्रथम पाली सुबह साढ़े नौ से 11 बजे तक, दूसरी पाली साढ़े 12 से दो बजे तक तीसरी पाली में तीन से साढ़े चार बजे तक प्रशिक्षण दिया गया।
पहली और दूसरी पाली के मध्य बवाल होने के बाद जब कुछ देर बाद मामला शांत हुआ तो पंडाल में बैठाकर कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया गया।
पीडी प्रदीप कुमार यादव ने मतगणना से संबंधित आयोग के दिशा निर्देशों से कार्मिकों को अवगत कराया। उन्होंने समय से मतगणना स्थल पर पहुंचकर पहले प्रधान पद के बक्से खोलने एवं मतगणना पूरी होते ही प्रपत्र समय- समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।