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राजा बक्श सिंह बसपा से बर्खास्त
अमर उजाला/हरदोई
Updated Tue, 11 Oct 2016 11:56 PM IST
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राजा बक्स सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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सदर सीट से पिछला विधानसभा चुनाव लड़े राजा बक्स सिंह को बसपा से बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। हाथी से उतारे गए राजा बक्स सिंह चुनाव तो लड़ेंगे लेकिन किस दल में जाएंगे, इसका फैसला समर्थकों से मशविरा कर ही करेंगे। राजा बक्स सिंह ने अपने राजनीतिक की शुरुआत नीले झंडे की नीचे ही शुरू की थी। वर्ष 2003 में उन्होंने बसपा की समर्थन से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता।
इसके बाद पार्टी की सेवा में लगे रहे। उनकी निष्ठा को देखते हुए मायावती ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्हें सदर सीट से प्रत्याशी बनाया। सत्ता विरोधी हवा के बावजूद राजा बक्स दमदारी से चुनाव लड़े। उन्होंने करीब 68 हजार वोट हासिल किए थे। वर्ष 2017 में होने वाले चुनाव में भी राजा बक्स बसपा से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। लेकिन पिछले सप्ताह अहिरोरी के पूर्व प्रमुख धर्मवीर सिंह पन्ने के होर्डिंग शहर में लगने के साथ ये तय हो गया कि राजा बक्स की बसपा से विदाई तय है।
सूत्रों की मानें तो पन्ने को प्रत्याशी घोषित करने के लिए 9 अक्तूबर को शहर में कार्यक्रम भी तय हो गया, लेकिन बसपा की लखनऊ में रैली के चलते इसे टाल दिया गया था। राजा बक्स की बसपा से विदाई के साथ ही पन्ने को प्रत्याशी बनाने के आसार बढ़ गए हैं। इधर, राजा बक्स सिंह का कहना है कि फिलहाल मुझे बसपा से निष्कासित करने संबंधी कोई पत्र नहीं मिला है। मीडिया से ही जानकारी हो रही है। मैं निष्ठा और ईमानदारी के साथ बसपा के लिए काम कर रहा था।
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बस यही कहूंगा मुझे मेरी ईमानदारी का इनाम मिला है। चुनाव तो हर हाल में लडूंगा। किस दल से लडूंगा। इसका फैसला जनता और समर्थकों की भावना के अनुसार किया जाएगा। इस मामले में बसपा जिलाध्यक्ष अमर सिंह ने बताया कि राजा बक्स सिंह लगातार पार्टी विरोधी काम कर रहे थे। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उन्होंने भाजपा और सपा समर्थित प्रत्याशियों के लिए काम किया था। इस लिए इन पर कार्रवाई की गई है।
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इसके बाद पार्टी की सेवा में लगे रहे। उनकी निष्ठा को देखते हुए मायावती ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्हें सदर सीट से प्रत्याशी बनाया। सत्ता विरोधी हवा के बावजूद राजा बक्स दमदारी से चुनाव लड़े। उन्होंने करीब 68 हजार वोट हासिल किए थे। वर्ष 2017 में होने वाले चुनाव में भी राजा बक्स बसपा से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। लेकिन पिछले सप्ताह अहिरोरी के पूर्व प्रमुख धर्मवीर सिंह पन्ने के होर्डिंग शहर में लगने के साथ ये तय हो गया कि राजा बक्स की बसपा से विदाई तय है।
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सूत्रों की मानें तो पन्ने को प्रत्याशी घोषित करने के लिए 9 अक्तूबर को शहर में कार्यक्रम भी तय हो गया, लेकिन बसपा की लखनऊ में रैली के चलते इसे टाल दिया गया था। राजा बक्स की बसपा से विदाई के साथ ही पन्ने को प्रत्याशी बनाने के आसार बढ़ गए हैं। इधर, राजा बक्स सिंह का कहना है कि फिलहाल मुझे बसपा से निष्कासित करने संबंधी कोई पत्र नहीं मिला है। मीडिया से ही जानकारी हो रही है। मैं निष्ठा और ईमानदारी के साथ बसपा के लिए काम कर रहा था।
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बस यही कहूंगा मुझे मेरी ईमानदारी का इनाम मिला है। चुनाव तो हर हाल में लडूंगा। किस दल से लडूंगा। इसका फैसला जनता और समर्थकों की भावना के अनुसार किया जाएगा। इस मामले में बसपा जिलाध्यक्ष अमर सिंह ने बताया कि राजा बक्स सिंह लगातार पार्टी विरोधी काम कर रहे थे। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उन्होंने भाजपा और सपा समर्थित प्रत्याशियों के लिए काम किया था। इस लिए इन पर कार्रवाई की गई है।