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बच्चों को दो बूंद जिंदगी के लिए बेहद जरूरी
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हरदोई। जिला महिला अस्पताल में रविवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओम प्रकाश तिवारी ने बच्चे को ओरल पोलियो खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि बच्चों को आजीवन दिव्यांगता से बचाने के लिए दो बूंद जिंदगी की बेहद जरूरी है। शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो की दवा जरूर पिलानी चाहिए, क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर होती है।
अभिभावकों को स्वयं भी पहल कर बच्चों को पोलियो की दवा का सेवन जरूर कराएं। अपने व आसपास के बच्चों को जागरूक कर दो बूंद जिंदगी के दिलाने में मदद करें।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. प्रशांत रंजन ने बताया कि जनपद में शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के सात लाख बच्चों को पोलियो दवा पिलाने का लक्ष्य है।
बताया कि जिले में 1917 बूथ बनाए गए हैं। इसके अलावा 2,408 टीमें घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाएंगी। रविवार से अभियान की शुरुआत हुई है। यह अभियान 25 मार्च तक चलेगा।
इस दौरान जो बच्चे पोलियो वैक्सीन लेने से छूट जाएंगे, ऐसे बच्चों के लिए 28 मार्च को पिलाई जाएगी।
इस मौके पर जिला महिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डा. वीके गुप्ता, डॉ. प्रेमचंद यादव, डीएमसी यूनिसेफ संजू कश्यप, एमएम खान, विश्व स्वास्थ्य संगठन की एसएमओ डॉ. सौम्या देव आदि मौजूद रहे।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि बच्चों को आजीवन दिव्यांगता से बचाने के लिए दो बूंद जिंदगी की बेहद जरूरी है। शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो की दवा जरूर पिलानी चाहिए, क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर होती है।
अभिभावकों को स्वयं भी पहल कर बच्चों को पोलियो की दवा का सेवन जरूर कराएं। अपने व आसपास के बच्चों को जागरूक कर दो बूंद जिंदगी के दिलाने में मदद करें।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. प्रशांत रंजन ने बताया कि जनपद में शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के सात लाख बच्चों को पोलियो दवा पिलाने का लक्ष्य है।
बताया कि जिले में 1917 बूथ बनाए गए हैं। इसके अलावा 2,408 टीमें घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाएंगी। रविवार से अभियान की शुरुआत हुई है। यह अभियान 25 मार्च तक चलेगा।
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इस दौरान जो बच्चे पोलियो वैक्सीन लेने से छूट जाएंगे, ऐसे बच्चों के लिए 28 मार्च को पिलाई जाएगी।
इस मौके पर जिला महिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डा. वीके गुप्ता, डॉ. प्रेमचंद यादव, डीएमसी यूनिसेफ संजू कश्यप, एमएम खान, विश्व स्वास्थ्य संगठन की एसएमओ डॉ. सौम्या देव आदि मौजूद रहे।
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