फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   As the earthquake disaster

दैवीय आपदा के रूप में है भूकंप

Sun, 26 Apr 2015 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Sun, 26 Apr 2015 11:52 PM IST
विज्ञापन
As the earthquake disaster

भूकंप या धरती का डोलना पुराने समय से लोगों के लिए

विज्ञापन
भयंकर चिंता का विषय रहा है। प्राचीन काल में जहां इसे दैवीय आपदा का एक अंश माना जाता रहा है, वहीं 16वीं व 17वीं शताब्दी में इसे धरती के अंदर रासायनिक विस्फोटन के बाद की प्रतिक्रिया बताया गया।

18वीं शताब्दी में जहां इसके पीछे ज्वालामुखी के फटने को कारण समझा गया, वहीं 19वीं व 20वीं शताब्दी में जाकर भूकंप के कारणों से पर्दा हटा। हालांकि, शनिवार और रविवार को धरती के डोलने के बाद जिले भर में भूकंप के कारणों को लेकर ही चर्चा होती रही।

इस बाबत मौसम वैज्ञानिक जयशंकर मिश्र बताते हैं कि प्राचीन सभ्यताओं व मान्यताओं के आधार पर यहीं माना जाता रहा है कि धरती सर्प के फन पर टिकी है, जब फन इधर-उधर होता है तो धरती हिलती है, जिससे भूकंप आता है। 16वीं व 17वीं शताब्दी में आते आते बुद्धिजीवियों ने धरती के नीचे जाना कि रासायनिक पदार्थों के फटने के बाद भूकंप आते हैं, तो इसके बाद 19वीं व 20वीं शताब्दी में बुद्धिजीवी इस तर्क पर पहुंचे कि भूगर्भिक शैलों में तनाव होने के बाद कंपन होने से भूकंप आता है।

जीआईसी के विज्ञान शिक्षक सतीश यादव का कहना है कि अब तक जितने भी भूकंप इस भूमंडल पर हुए हैं, उन सब का ब्योरा एकत्र कर देखा जाए तो पता चलता है कि निश्चित रूप से कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां पर भूकंप न आया हो।

उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराएं नहीं, क्योंकि दो दिनों में आए भूकंप में दूसरे दिन की तीव्रता कम बताई गई है, जिससे यह तय है कि अब कोई ऐसी घटना नहीं होगी, जिसको हम सब मिलकर संभाल न सकें, पर भयभीत होकर कोई ऐसा कार्य न करें जिससे अनजाने में कोई दुखद घटना हो, इसलिए धरती को कांपते जब भी महसूस करें, सुरक्षित स्थानों की तरफ भागें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed