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Hardoi News: पानी उतरा, मुसीबतें बढ़ीं, टूटी सड़कें बनीं नई परेशानी
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हरदोई। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों का पानी तेजी से घट रहा है लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। पानी उतरने के साथ क्षतिग्रस्त मार्गों की हालत सामने आने लगी है। जगह-जगह गड्ढों और कीचड़ के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। वहीं गांवों के आसपास और खेतों में पानी भरा होने से ग्रामीणों और किसानों को परेशानी बनी हुई है।
बैराजों से नदियों में पानी छोड़े जाने का क्रम जारी है। बुधवार को गंगा में नरौरा बैराज से 21,861 क्यूसेक और गर्रा में पीलीभीत के ड्यूनी डैम से 196 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। गंगा का जलस्तर फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर 136.15 मीटर गेज और राजघाट पर 124.36 मीटर गेज पर आ गया है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 135.50 मीटर गेज और गर्रा नदी का पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 144.10 मीटर गेज पर आ गया है। वहीं बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में मार्गों की बदहाली सामने आ रही है। संपर्क मार्गों की स्थिति खराब होने से गांवों तक पहुंच भी प्रभावित हो रही है।
बिलग्राम क्षेत्र के कटरी इलाके में आई बाढ़ से पानी निकल जाने के बावजूद समस्याओं से पूरी तरह छुटकारा नहीं मिल पाया है। तमाम इलाकों के ग्रामीण पानी निकल जाने के बावजूद भी बुनियादी सुविधाओं को लेकर परेशान हैं। गांवों में फसलों में पानी भरने से बरसीम, ढैंचा आदि पशुपालन के लिए उपयोगी फसलें खराब हुई हैं। फसलें खराब होने से भयंकर आर्थिक तबाही कटरी क्षेत्र में आई है। जीवन पालना भी मुश्किल हो रहा है।
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जरेला, पुन्ना पुरवा में पानी घटने के बाद कटान का संकट है। आम जीवन के लिए चूल्हे की सूखी लकड़ी मिलने की भी समस्या है, आवागमन के लिए टूटी सड़के भी परेशानियां दे रही हैं। तहसील में फसलों के सर्वे और फीडिंग का काम कराया जा रहा है। एसडीएम एन राम ने बताया कि प्रत्येक प्रभावित किसान का सर्वेक्षण कराकर मुआवजा दिलाया जाएगा।
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बैराजों से नदियों में पानी छोड़े जाने का क्रम जारी है। बुधवार को गंगा में नरौरा बैराज से 21,861 क्यूसेक और गर्रा में पीलीभीत के ड्यूनी डैम से 196 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। गंगा का जलस्तर फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर 136.15 मीटर गेज और राजघाट पर 124.36 मीटर गेज पर आ गया है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 135.50 मीटर गेज और गर्रा नदी का पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 144.10 मीटर गेज पर आ गया है। वहीं बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में मार्गों की बदहाली सामने आ रही है। संपर्क मार्गों की स्थिति खराब होने से गांवों तक पहुंच भी प्रभावित हो रही है।
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बिलग्राम क्षेत्र के कटरी इलाके में आई बाढ़ से पानी निकल जाने के बावजूद समस्याओं से पूरी तरह छुटकारा नहीं मिल पाया है। तमाम इलाकों के ग्रामीण पानी निकल जाने के बावजूद भी बुनियादी सुविधाओं को लेकर परेशान हैं। गांवों में फसलों में पानी भरने से बरसीम, ढैंचा आदि पशुपालन के लिए उपयोगी फसलें खराब हुई हैं। फसलें खराब होने से भयंकर आर्थिक तबाही कटरी क्षेत्र में आई है। जीवन पालना भी मुश्किल हो रहा है।
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जरेला, पुन्ना पुरवा में पानी घटने के बाद कटान का संकट है। आम जीवन के लिए चूल्हे की सूखी लकड़ी मिलने की भी समस्या है, आवागमन के लिए टूटी सड़के भी परेशानियां दे रही हैं। तहसील में फसलों के सर्वे और फीडिंग का काम कराया जा रहा है। एसडीएम एन राम ने बताया कि प्रत्येक प्रभावित किसान का सर्वेक्षण कराकर मुआवजा दिलाया जाएगा।