{"_id":"664e2ea01502e1a1d4051525","slug":"arguments-of-both-sides-completed-in-ajit-murder-case-decision-on-june-5-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-114840-2024-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: एमआरएफ सेंटर की मशीनें कबाड़, ईओ बोले हमें कुछ नहीं पता ...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: एमआरएफ सेंटर की मशीनें कबाड़, ईओ बोले हमें कुछ नहीं पता ...
विज्ञापन
गोपामऊ। निकाय क्षेत्र में स्थित मकानों से निकलने वाले कूड़े के स्थायी निस्तारण का इंतजाम करने के लिए एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर का निर्माण कराया गया।
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से अब तक एक बार भी इसका इस्तेमाल नहीं हुआ। हद तो यह कि अधिशासी अधिकारी को यह पता ही नहीं है कि एमआरएफ सेंटर क्यों नहीं संचालित हो पा रहा है। कस्बे के प्रमुख मार्गाें के किनारे कूड़ा डंप किए जाने की जानकारी भी होने से अधिशासी अधिकारी ने इन्कार किया।
गोपामऊ नगर पंचायत है। नगर पंचायत में स्थित मकानों से हर रोज चार टन कूड़ा निकलता है। कूड़ा एकत्र करने के लिए नगर पंचायत के सफाई कर्मी निकलते हैं। कूड़ा एकत्र करने के बाद कूड़े को कस्बे के पिसावां रोड, रहीमपुर, पिहानी रोड, सरखना, काजीतालाब, बिलालपुर आदि जगहों पर सड़क किनारे डंप कर दिया जाता है। नगर पंचायत क्षेत्र में पिसावां रोड पर कूड़ा डंपिंग स्थल और एमआरएफ सेंटर बना हुआ है। 40 लाख रुपये खर्च कर इसका निर्माण कराया गया था।
विज्ञापन
दरअसल, घराें से निकलने वाले कूड़े को सीधे एमआरएफ सेंटर भेजने का नियम है। यहां गीला, सूखा कचरा अलग कर इसे रिसाइकिल करने की मशीन भी लगी है। एमआरएफ सेंटर बने लगभग दो साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक एक बार भी इसका इस्तेमाल नहीं किया गया। यहां लगी मशीनें भी कूड़ा हो रही हैं। परिसर में भी गंदगी है। इस पूरे मामले में अधिशासी अधिकारी डीके भार्गव से जानकारी की गई तो उन्होंने चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने बताया कि एमआरएफ सेंटर क्यों बंद है यह पता नहीं है। सड़क और तालाबों के किनारे कूड़ा डंप किए जाने की जानकारी होने से भी उन्होंने इन्कार किया।
विज्ञापन
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से अब तक एक बार भी इसका इस्तेमाल नहीं हुआ। हद तो यह कि अधिशासी अधिकारी को यह पता ही नहीं है कि एमआरएफ सेंटर क्यों नहीं संचालित हो पा रहा है। कस्बे के प्रमुख मार्गाें के किनारे कूड़ा डंप किए जाने की जानकारी भी होने से अधिशासी अधिकारी ने इन्कार किया।
विज्ञापन
गोपामऊ नगर पंचायत है। नगर पंचायत में स्थित मकानों से हर रोज चार टन कूड़ा निकलता है। कूड़ा एकत्र करने के लिए नगर पंचायत के सफाई कर्मी निकलते हैं। कूड़ा एकत्र करने के बाद कूड़े को कस्बे के पिसावां रोड, रहीमपुर, पिहानी रोड, सरखना, काजीतालाब, बिलालपुर आदि जगहों पर सड़क किनारे डंप कर दिया जाता है। नगर पंचायत क्षेत्र में पिसावां रोड पर कूड़ा डंपिंग स्थल और एमआरएफ सेंटर बना हुआ है। 40 लाख रुपये खर्च कर इसका निर्माण कराया गया था।
विज्ञापन
दरअसल, घराें से निकलने वाले कूड़े को सीधे एमआरएफ सेंटर भेजने का नियम है। यहां गीला, सूखा कचरा अलग कर इसे रिसाइकिल करने की मशीन भी लगी है। एमआरएफ सेंटर बने लगभग दो साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक एक बार भी इसका इस्तेमाल नहीं किया गया। यहां लगी मशीनें भी कूड़ा हो रही हैं। परिसर में भी गंदगी है। इस पूरे मामले में अधिशासी अधिकारी डीके भार्गव से जानकारी की गई तो उन्होंने चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने बताया कि एमआरएफ सेंटर क्यों बंद है यह पता नहीं है। सड़क और तालाबों के किनारे कूड़ा डंप किए जाने की जानकारी होने से भी उन्होंने इन्कार किया।