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चहारदीवारी बनवाने को मुख्यमंत्री से गुहार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 23 Dec 2014 01:20 AM IST
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स्कूल संचालक अपने निजी स्वार्थ के लिए नौनिहालों के
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जीवन से खिलवाड़ कर रहे और तालाब किनारे बने परिषदीय विद्यालय की
चहारदीवारी नहीं बनने दे रहे। इस पर ग्रामीणोें ने मुख्यमंत्री को शिकायत
भेज कर विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी बनवाने की मांग की है।
विकास खंड माधौगंज के ग्राम डकौली निवासी सर्वेंद्र सिंह सहित गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि गांव का प्राथमिक विद्यालय गहरे तालाब के किनारे बना हुआ है। उसकी चहारदीवारी प्रस्तावित है, पर गांव में संचालित एक महाविद्यालय के संचालक विद्यालय की चहारदीवारी नहीं बनने दे रहे है।
विद्यालय संचालक प्राथमिक विद्यालय की जमीन को अपने विद्यालय के प्रयोग में ला रहे है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक भी विद्यालय की चहारदीवारी के लिए उनके प्रभाव में आकर प्रयास नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा उनका स्थानांतरण भी नहीं किया जा रहा है।
उन्होने कहा कि विद्यालय में पढ़ने वाले गांव के बच्चे कभी भी चहारदीवारी न होने से गहरे तालाब में गिर सकते है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा का ध्यान में रखते हुए विद्यालय की चहारदीवारी अविलंब बनाए जाने की मांग की है।
विकास खंड माधौगंज के ग्राम डकौली निवासी सर्वेंद्र सिंह सहित गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि गांव का प्राथमिक विद्यालय गहरे तालाब के किनारे बना हुआ है। उसकी चहारदीवारी प्रस्तावित है, पर गांव में संचालित एक महाविद्यालय के संचालक विद्यालय की चहारदीवारी नहीं बनने दे रहे है।
विद्यालय संचालक प्राथमिक विद्यालय की जमीन को अपने विद्यालय के प्रयोग में ला रहे है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक भी विद्यालय की चहारदीवारी के लिए उनके प्रभाव में आकर प्रयास नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा उनका स्थानांतरण भी नहीं किया जा रहा है।
उन्होने कहा कि विद्यालय में पढ़ने वाले गांव के बच्चे कभी भी चहारदीवारी न होने से गहरे तालाब में गिर सकते है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा का ध्यान में रखते हुए विद्यालय की चहारदीवारी अविलंब बनाए जाने की मांग की है।