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आंझी में ओवर ब्रिज मंजूर : चार साल के जश्र के बीच दशकों पुरानी मांग पूरी
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फोटो-40-आंझी रेलवे क्रासिंग पर लगी जाम। संवाद
- फोटो : HARDOI
प्रदेश सरकार ने चार साल के जश्न के बीच आंझी रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज की दशकों को पुरानी मांग मानकर जनपद के लोगों को सौगात दी है।
ओवरब्रिज बनने से शाहाबाद-पिहानी मार्ग पर आए दिन के जाम से जूझने वाली पांच लाख की आबादी को राहत मिलेगी। 45.39 करोड़ रुपये से बनने वाले इस ओवरब्रिज के लिए प्रदेश सरकार ने 11 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
लखनऊ-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर शाहाबाद कस्बे से बमुश्किल तीन किलोमीटर दूर आंझी रेलवे स्टेशन है। इस स्टेशन के पास ही रेलव क्रासिंग भी है।
शाहाबाद से पिहानी समेत लगभग एक सैकड़ा गांवों को आने जाने वाले कई लाख लोग शाहाबाद पिहानी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
आंझी रेलवे क्रासिंग पर पिछले लगभग एक दशक से जाम की समस्या तेजी से बढ़ी है।
दरअसल, लखनऊ-दिल्ली रेलवे ट्रैक होने के कारण ट्रेनों का आवागमन बना रहता है। ट्रेनों का आवागमन अधिक होने के कारण अधिकांश समय रेलवे क्रासिंग बंद ही रहती है।
ऐसे में पिछले एक दशक से यहां पर ओवरब्रिज का निर्माण कराए जाने की मांग चल रही है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में ओवरब्रिज चुनावी मुद्दा भी बन चुका है।
फिलहाल पूरे प्रकरण में ताजा जानकारी यह है कि शाहाबाद-पिहानी मार्ग स्थित आंझी रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। कुल 45 करोड़ 39 लाख 39 हजार रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है।
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इसके साथ ही 11 करोड़ रुपये तत्काल प्रभाव से अवमुक्त भी कर दिए गए हैं। प्रस्ताव की मंजूरी मिलने की जानकारी लगते ही क्षेत्रीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
इनसेट
- 700 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनेगा
- 43 मीटर लंबाई में रेल पटरियों के ऊपर बनेगा ब्रिज
इनसेट
दो वर्ष में पूरा करना होगा कार्य
शासन से जारी आदेशों के मुताबिक ओवरब्रिज का कार्य राज्य सेतु निगम की निगरानी में होगा। निर्माण कार्य दो वर्ष में पूर्ण करना होगा। हालांकि विभागीय अभियंता अनौपचारिक बातचीत में दावा करते हैं कि अगर बजट का रोड़ा नहीं आया तो ओवरब्रिज एक वर्ष में ही बनकर तैयार हो जाएगा। रेलवे ट्रैक के ऊपर का 43 मीटर लंबे हिस्से में पुल का निर्माण रेलवे ही कराएगा।
इनसेट
किसानों को भी मिलेगी राहत
हरदोई-पिहानी मार्ग पर ही लोनी चीनी मिल भी है। खेतों में तैयार होने वाले गन्ने को बेचने के लिए बड़ी संख्या में इलाकाई किसान लोनी चीनी मिल जाते हैं। अधिकांश किसानों को रेलवे क्रासिंग बंद होने के कारण काफी देर तक इंतजार करना पड़ता था और यहां जाम भी लगता था। ओवरब्रिज बन जाने से लोनी चीनी मिल जाने वाले किसानों को भी राहत मिलेगी।
इनसेट
फोटो-39-विधायक रजनी तिवारी। संवाद
विधायक की सुनिए
शाहाबाद विधायक रजनी तिवारी ने ओवरब्रिज का प्रस्ताव मंजूर होने पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यंत्री केशव प्रसाद मौर्य का आभार जताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या का निस्तारण अब सरकार ने कर दिया है। क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के कई लाख लोगों को जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
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ओवरब्रिज बनने से शाहाबाद-पिहानी मार्ग पर आए दिन के जाम से जूझने वाली पांच लाख की आबादी को राहत मिलेगी। 45.39 करोड़ रुपये से बनने वाले इस ओवरब्रिज के लिए प्रदेश सरकार ने 11 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
लखनऊ-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर शाहाबाद कस्बे से बमुश्किल तीन किलोमीटर दूर आंझी रेलवे स्टेशन है। इस स्टेशन के पास ही रेलव क्रासिंग भी है।
शाहाबाद से पिहानी समेत लगभग एक सैकड़ा गांवों को आने जाने वाले कई लाख लोग शाहाबाद पिहानी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
आंझी रेलवे क्रासिंग पर पिछले लगभग एक दशक से जाम की समस्या तेजी से बढ़ी है।
दरअसल, लखनऊ-दिल्ली रेलवे ट्रैक होने के कारण ट्रेनों का आवागमन बना रहता है। ट्रेनों का आवागमन अधिक होने के कारण अधिकांश समय रेलवे क्रासिंग बंद ही रहती है।
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ऐसे में पिछले एक दशक से यहां पर ओवरब्रिज का निर्माण कराए जाने की मांग चल रही है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में ओवरब्रिज चुनावी मुद्दा भी बन चुका है।
फिलहाल पूरे प्रकरण में ताजा जानकारी यह है कि शाहाबाद-पिहानी मार्ग स्थित आंझी रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। कुल 45 करोड़ 39 लाख 39 हजार रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है।
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इसके साथ ही 11 करोड़ रुपये तत्काल प्रभाव से अवमुक्त भी कर दिए गए हैं। प्रस्ताव की मंजूरी मिलने की जानकारी लगते ही क्षेत्रीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
इनसेट
- 700 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनेगा
- 43 मीटर लंबाई में रेल पटरियों के ऊपर बनेगा ब्रिज
इनसेट
दो वर्ष में पूरा करना होगा कार्य
शासन से जारी आदेशों के मुताबिक ओवरब्रिज का कार्य राज्य सेतु निगम की निगरानी में होगा। निर्माण कार्य दो वर्ष में पूर्ण करना होगा। हालांकि विभागीय अभियंता अनौपचारिक बातचीत में दावा करते हैं कि अगर बजट का रोड़ा नहीं आया तो ओवरब्रिज एक वर्ष में ही बनकर तैयार हो जाएगा। रेलवे ट्रैक के ऊपर का 43 मीटर लंबे हिस्से में पुल का निर्माण रेलवे ही कराएगा।
इनसेट
किसानों को भी मिलेगी राहत
हरदोई-पिहानी मार्ग पर ही लोनी चीनी मिल भी है। खेतों में तैयार होने वाले गन्ने को बेचने के लिए बड़ी संख्या में इलाकाई किसान लोनी चीनी मिल जाते हैं। अधिकांश किसानों को रेलवे क्रासिंग बंद होने के कारण काफी देर तक इंतजार करना पड़ता था और यहां जाम भी लगता था। ओवरब्रिज बन जाने से लोनी चीनी मिल जाने वाले किसानों को भी राहत मिलेगी।
इनसेट
फोटो-39-विधायक रजनी तिवारी। संवाद
विधायक की सुनिए
शाहाबाद विधायक रजनी तिवारी ने ओवरब्रिज का प्रस्ताव मंजूर होने पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यंत्री केशव प्रसाद मौर्य का आभार जताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या का निस्तारण अब सरकार ने कर दिया है। क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के कई लाख लोगों को जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा।