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Hardoi News: नाराज किसानों ने मवेशियों को विद्यालय में किया बंद
Tue, 30 Jan 2024 02:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Tue, 30 Jan 2024 02:05 AM IST
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गोपामऊ। विकास खंड हरियावां के सरैंया में आवारा पशुओं से परेशान किसानों ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में पशुओं को विद्यालय में बंद कर दिया। सोमवार सुबह जब बच्चे विद्यालय पहुंचे तो वहां मवेशियों को बंद देखकर अंदर नहीं जा सके। इससे पूरे दिन विद्यालय में पढ़ाई नहीं हो सकी।
आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या से ग्राम सरैंया के किसान भीषण सर्दी में रात-रात भर जागकर खेत में फसलों की रखवाली को मजबूर हैं। सरैया के किसानों ने बताया कि अन्ना मवेशियों के कारण खेती किसानी पर आश्रित व्यक्ति को परिवार चलाने में समस्या हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार प्रधान देवसरन व ग्राम विकास अधिकारी को समस्या से अवगत कराया। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। जिससे खिन्न होकर प्राथमिक विद्यालय में एक सैकड़ा आवारा पशुओं को बंद कर दिया गया।
इंचार्ज प्रधानाध्यापक कुलदीप कुमार विद्यालय पहुंचे तो पशुओं को बंद पाया। बताया कि स्कूल में 113 बच्चे अध्ययनरत हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हुई। प्रधान देवसरन ने मोबाइल पर कहा कि विद्यालय में बंद किए गए पशुओं से लेना-देना नही है। कहा कि पूर्व प्रधान चलाते हैं प्रधानी, वही समस्या का निदान कराएं। इसके अलावा ग्राम पंचायत में कहीं भी गोशाला नहीं बनाई गई है।
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वर्जन
प्रधानी के संबंध में जानकारी नहीं है। मवेशियों को पशु आश्रय स्थलों में संरक्षित किए जाने का काम कराया जा रहा है। इसके अलावा एसडीएम से जमीन के लिए भी बात हुई है। -अरुण कुमार, बीडीओ हरियावां
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आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या से ग्राम सरैंया के किसान भीषण सर्दी में रात-रात भर जागकर खेत में फसलों की रखवाली को मजबूर हैं। सरैया के किसानों ने बताया कि अन्ना मवेशियों के कारण खेती किसानी पर आश्रित व्यक्ति को परिवार चलाने में समस्या हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार प्रधान देवसरन व ग्राम विकास अधिकारी को समस्या से अवगत कराया। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। जिससे खिन्न होकर प्राथमिक विद्यालय में एक सैकड़ा आवारा पशुओं को बंद कर दिया गया।
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इंचार्ज प्रधानाध्यापक कुलदीप कुमार विद्यालय पहुंचे तो पशुओं को बंद पाया। बताया कि स्कूल में 113 बच्चे अध्ययनरत हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हुई। प्रधान देवसरन ने मोबाइल पर कहा कि विद्यालय में बंद किए गए पशुओं से लेना-देना नही है। कहा कि पूर्व प्रधान चलाते हैं प्रधानी, वही समस्या का निदान कराएं। इसके अलावा ग्राम पंचायत में कहीं भी गोशाला नहीं बनाई गई है।
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प्रधानी के संबंध में जानकारी नहीं है। मवेशियों को पशु आश्रय स्थलों में संरक्षित किए जाने का काम कराया जा रहा है। इसके अलावा एसडीएम से जमीन के लिए भी बात हुई है। -अरुण कुमार, बीडीओ हरियावां