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और धरने पर बैठे बैठे गुजर गया नवां दिन भी
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 07 Jan 2015 12:20 AM IST
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डा. राम मनोहर लोहिया समग्र्र ग्राम योजना में आवास
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को लेकर धांधली करने का आरोप लगाकर कार्रवाई करने समेत कई मांगों को लेकर
कलक्ट्रेट में शुरू हुआ ग्रामीणों का धरना नवें दिन मंगलवार को भी जारी
रहा। नौ दिन गुजरने के बाद भी कोई अफसर यहां झांकने तक नहीं आया।
कल कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे ग्राम गढ़ी के ग्रामीणों ने बताया कि लोहिया आवासों को लेकर उनके गांवों में जमकर धांधली हुई है। जिम्मेदारों ने गरीबों को दरकिनार कर अपात्रों को लाभ दे दिया है। निर्धन, गरीब खेतिहर मजदूर पेशा लोगों के होने के बावजूद प्रधान, सेेक्रेटरी व विकास विभाग के अफसरों की मिलीभगत से लोहिया आवासों में अपात्रों का चयन कर लिया गया, जो पूर्व में इंदिरा आवास पा भी चुके हैं।
आरोप लगाया जिनके पक्के बड़े-बड़े मकान बने हुए हैं। उनको भी सांठ गांठ कर सुविधा शुल्क लेकर आवास दिलाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने जांच कराकर इन सभी दोषी जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई कराने की मांग की।
इसके साथ पट्टे की भूमि को लेकर हुए विवाद में महिलाओं के साथ अभद्रता करने वालों पर भी कार्रवाई की मांग की गई, पर अब तक धरने पर बैठे-बैठे नौ दिन गुजर गए, पर न तो कोई प्रशासनिक अफसर उनके धरना स्थल की तरफ आया और न ही किसी ने बुलाकर उनको आश्वासन तक दिया। कहा कि मांगे पूरी न होने तक उनका धरना जारी रहेगा।
कल कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे ग्राम गढ़ी के ग्रामीणों ने बताया कि लोहिया आवासों को लेकर उनके गांवों में जमकर धांधली हुई है। जिम्मेदारों ने गरीबों को दरकिनार कर अपात्रों को लाभ दे दिया है। निर्धन, गरीब खेतिहर मजदूर पेशा लोगों के होने के बावजूद प्रधान, सेेक्रेटरी व विकास विभाग के अफसरों की मिलीभगत से लोहिया आवासों में अपात्रों का चयन कर लिया गया, जो पूर्व में इंदिरा आवास पा भी चुके हैं।
आरोप लगाया जिनके पक्के बड़े-बड़े मकान बने हुए हैं। उनको भी सांठ गांठ कर सुविधा शुल्क लेकर आवास दिलाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने जांच कराकर इन सभी दोषी जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई कराने की मांग की।
इसके साथ पट्टे की भूमि को लेकर हुए विवाद में महिलाओं के साथ अभद्रता करने वालों पर भी कार्रवाई की मांग की गई, पर अब तक धरने पर बैठे-बैठे नौ दिन गुजर गए, पर न तो कोई प्रशासनिक अफसर उनके धरना स्थल की तरफ आया और न ही किसी ने बुलाकर उनको आश्वासन तक दिया। कहा कि मांगे पूरी न होने तक उनका धरना जारी रहेगा।