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नवजात की मौत के मामले में अस्पताल सील
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अस्पताल को सील करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : ATHROLI
नगर के रामघाट रोड स्थित कीर्ति अस्पताल को अनियमितताओं के चलते डीएम के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सील कर दिया। अस्पताल के रजिस्ट्रेशन आदि की जांच पूरी नहीं हो सकी है। डीएम ने लाइसेंस निरस्त करते हुए संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश भी दिए हैं।
गांव पिलखुनी निवासी राजेश कुमार ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी सपना देवी को प्रसव के लिए रविवार को कीर्ति अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला ने बच्ची को जन्म दिया था। पीड़ित का आरोप था कि बच्ची को चिकित्सकीय स्टाफ ने न्यू बोर्न बेबी किट में रख दिया था। जिसमें नवजात के चेहरे को चूहों ने कुतर दिया था। इस कारण उसकी मौत हो गई। इस अमानवीय कृत्य की बात संज्ञान में आने पर बुधवार को डीएम चंद्रभूषण सिंह ने 24 घंटे में जांच कर कार्रवाई के आदेश स्वास्थ्य विभाग को दिए थे।
बृहस्पतिवार को सीएमओ ने जांच रिपोर्ट डीएम को पेश की। इसके आधार पर डीएम ने अस्पताल को सील कर लाइसेंस निरस्त करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश स्वास्थ्य विभाग को दिए। एसीएमओ डॉ. दुर्गेश कुमार, डॉ. एसपी सिंह, रणधीर सिंह, वरिष्ठ लिपिक अस्पताल पर पहुंचे। नायब तहसीलदार दिनेश कुमार शर्मा की मौजूदगी में टीम ने अस्पताल को सील कर दिया।
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अस्पताल पांच बैड के लिए अधिकृत है और वहां 11 बैड संचालित मिले। साथ ही दो कमरों का ताला नहीं खोला गया। उनमें भी स्वास्थ्य उपकरण थे। अस्पताल को फिलहाल सील कर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. दुर्गेश कुमार, एसीएमओ
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गांव पिलखुनी निवासी राजेश कुमार ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी सपना देवी को प्रसव के लिए रविवार को कीर्ति अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला ने बच्ची को जन्म दिया था। पीड़ित का आरोप था कि बच्ची को चिकित्सकीय स्टाफ ने न्यू बोर्न बेबी किट में रख दिया था। जिसमें नवजात के चेहरे को चूहों ने कुतर दिया था। इस कारण उसकी मौत हो गई। इस अमानवीय कृत्य की बात संज्ञान में आने पर बुधवार को डीएम चंद्रभूषण सिंह ने 24 घंटे में जांच कर कार्रवाई के आदेश स्वास्थ्य विभाग को दिए थे।
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बृहस्पतिवार को सीएमओ ने जांच रिपोर्ट डीएम को पेश की। इसके आधार पर डीएम ने अस्पताल को सील कर लाइसेंस निरस्त करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश स्वास्थ्य विभाग को दिए। एसीएमओ डॉ. दुर्गेश कुमार, डॉ. एसपी सिंह, रणधीर सिंह, वरिष्ठ लिपिक अस्पताल पर पहुंचे। नायब तहसीलदार दिनेश कुमार शर्मा की मौजूदगी में टीम ने अस्पताल को सील कर दिया।
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अस्पताल पांच बैड के लिए अधिकृत है और वहां 11 बैड संचालित मिले। साथ ही दो कमरों का ताला नहीं खोला गया। उनमें भी स्वास्थ्य उपकरण थे। अस्पताल को फिलहाल सील कर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. दुर्गेश कुमार, एसीएमओ