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Hardoi News: दीवार गिरने से पिता की मौत के बाद 18 माह की मासूम ने भी तोड़ा दम
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हरदोई। देहात कोतवाली क्षेत्र बंदरहिया गांव में सोमवार रात कच्ची दीवार गिरने से हुए हादसे में पिता की मौत के बाद अब 18 माह की मासूम की भी मौत हो गई। बुधवार को परिजनों ने मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, हादसे में घायल मां नफीसा का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
बंदरहिया निवासी महबूब फेरी लगाकर चूड़ी बेचते थे। सोमवार की देर रात वह पत्नी नफीसा और तीन बच्चों के साथ झोपड़ी में सो रहे थे। रात करीब 12:30 बजे महबूब के दो बच्चों रजा हुसैन और खैरुन्निसा को लघुशंका का आभास हुआ तो नफीसा दोनों को लेकर बाहर आ गई। इसी बीच 18 माह की निशा रोने लगी। दोनों बच्चों को छोड़कर नफीसा वापस अंदर गई, तभी दो दिन की बारिश में जर्जर हो गई कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। मलबे में महबूब, नफीसा और निशा दब गई।
शोर सुनकर परिजन और पास पड़ोस के लोग आ गए और उन्हें बाहर निकाला। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज ले गए तब तक महबूब की मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल नफीसा और निशा का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। गंभीर हालत में निशा को पीआईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां करीब 21 घंटे तक उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। बुधवार सुबह परिजनों ने मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया।
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बंदरहिया निवासी महबूब फेरी लगाकर चूड़ी बेचते थे। सोमवार की देर रात वह पत्नी नफीसा और तीन बच्चों के साथ झोपड़ी में सो रहे थे। रात करीब 12:30 बजे महबूब के दो बच्चों रजा हुसैन और खैरुन्निसा को लघुशंका का आभास हुआ तो नफीसा दोनों को लेकर बाहर आ गई। इसी बीच 18 माह की निशा रोने लगी। दोनों बच्चों को छोड़कर नफीसा वापस अंदर गई, तभी दो दिन की बारिश में जर्जर हो गई कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। मलबे में महबूब, नफीसा और निशा दब गई।
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शोर सुनकर परिजन और पास पड़ोस के लोग आ गए और उन्हें बाहर निकाला। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज ले गए तब तक महबूब की मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल नफीसा और निशा का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। गंभीर हालत में निशा को पीआईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां करीब 21 घंटे तक उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। बुधवार सुबह परिजनों ने मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया।
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