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‘बाल श्रमिकों को शिक्षा से जोड़ें’
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 12 Jun 2015 11:54 PM IST
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अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रमिक उन्मूलन दिवस पर सहायक
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श्रमायुक्त कार्यालय पर शुक्रवार को हुई गोष्ठी में बाल श्रमिकों को श्रम
से मुक्त कराने और शिक्षा से जोड़ने के प्रति जागरूक करने के साथ ही बच्चों
को शिक्षा से जोड़ने को संकल्प दिलाया गया।
सहायक श्रमायुक्त समेत विभागीय कर्मियों को जनमानस बाल श्रम उन्मूलन के लिए शपथ ली। सहायक श्रमायुक्त अनुभव शर्मा ने गोष्ठी में कहा कि समाज में बाल श्रमिकों को श्रम से मुक्त कराते हुए उन्हें शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लेना चाहिए। कहा कि समाज और देशहित में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम करवाना कानूनन दंडनीय अपराध है।
कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं और उनके साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि बच्चों से मजदूरी न करवाकर इन्हें शिक्षा की ओर मोड़ें, ताकि भविष्य में यही बच्चे समाज व देश को नई दिशा प्रदान कर सकें। श्रम प्रवर्तन अधिकारी पीआर अनिल ने कहा कि होटल और दुकान पर बच्चों को जानबूझ कर लगाया जाता है।
ताकि उनको कम मेहनताना देना पड़े। कहा कि ऐसे होटल, ढाबों तथा दुकानों पर छापामारी कर नाबालिगों से श्रम कराने पर जेल भेजा जाएगा। व्यापारी संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह गौर ने कहा कि बाल श्रम हमारे देश व समाज के लिए अत्यंत खतरनाक है, इसे जड़ से समाप्त करने को भरपूर प्रयास करने होंगे।
समाजसेवी सुधीर अवस्थी ने लोगों से अपील की कि वह समाज में बाल श्रम रोकने को विभाग का सहयोग करें। गोष्ठी को अनिल, इंद्रसेन त्रिपाठी व कृष्ण मुरारी बाजपेई ने भी संबोधित किया। गोष्ठी में राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के अंजनी कुमार पांडेय, सतीश चंद्रा, वरिष्ठ सहायक कमल सिंह, प्रतिपाल, ईश्वर चंद्र मिश्र आदि लोग मौजूद थे।
सहायक श्रमायुक्त समेत विभागीय कर्मियों को जनमानस बाल श्रम उन्मूलन के लिए शपथ ली। सहायक श्रमायुक्त अनुभव शर्मा ने गोष्ठी में कहा कि समाज में बाल श्रमिकों को श्रम से मुक्त कराते हुए उन्हें शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लेना चाहिए। कहा कि समाज और देशहित में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम करवाना कानूनन दंडनीय अपराध है।
कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं और उनके साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि बच्चों से मजदूरी न करवाकर इन्हें शिक्षा की ओर मोड़ें, ताकि भविष्य में यही बच्चे समाज व देश को नई दिशा प्रदान कर सकें। श्रम प्रवर्तन अधिकारी पीआर अनिल ने कहा कि होटल और दुकान पर बच्चों को जानबूझ कर लगाया जाता है।
ताकि उनको कम मेहनताना देना पड़े। कहा कि ऐसे होटल, ढाबों तथा दुकानों पर छापामारी कर नाबालिगों से श्रम कराने पर जेल भेजा जाएगा। व्यापारी संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह गौर ने कहा कि बाल श्रम हमारे देश व समाज के लिए अत्यंत खतरनाक है, इसे जड़ से समाप्त करने को भरपूर प्रयास करने होंगे।
समाजसेवी सुधीर अवस्थी ने लोगों से अपील की कि वह समाज में बाल श्रम रोकने को विभाग का सहयोग करें। गोष्ठी को अनिल, इंद्रसेन त्रिपाठी व कृष्ण मुरारी बाजपेई ने भी संबोधित किया। गोष्ठी में राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के अंजनी कुमार पांडेय, सतीश चंद्रा, वरिष्ठ सहायक कमल सिंह, प्रतिपाल, ईश्वर चंद्र मिश्र आदि लोग मौजूद थे।