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Hardoi News: नाबालिग से दुष्कर्म के नौ साल पुराने मामले में अभियुक्त को सात साल की सजा
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हरदोई। नाबालिग के साथ दुष्कर्म के नौ साल पुराने मामले में एक शख्स को दोषी करार दिया गया है। अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट) मनमोहन सिंह ने सात साल की सजा अभियुक्त को सुनाई है। इसके साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी। जुर्माने की आधी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को भी देने के आदेश अपर जिला जज ने दिए हैं।
अरवल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 8 जून 2017 की रात उसकी पुत्री घर में अकेली थी। उन्होंने बताया कि गांव में ही रहने वाली एक महिला के भाई का पुत्र रामजी का घर आना जाना था। रामजी बहलाकर किशोरी को ले गया था। जानकारी होने पर किशोरी को वापस घर भेजने की बात तय हुई थी। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। कोर्ट में पेश होकर पीड़िता ने बताया था कि घटना वाले दिन उसके पिता हरदोई में दवा लेने गए थे। वह मां के साथ घर में थी। रामजी वहां आया था और कहा था कि पिता ने बुलाया है।
इसके बाद उसे अपनी बहन के गांव निजामपुर ले गया था। यहीं किशोरी से दुष्कर्म किया था। इसके बाद 15 दिन तक फरीदाबाद में रखा था। राम जी के पिता ने फोन करके बुलाया था। इसके बाद राम जी ने उसे शहर के मोहल्ला आजाद नगर में करीब डेढ़ माह तक रखा था। इस दौरान तमंचा दिखाकर धमकी भी देता था। पुलिस ने 24 जुलाई 2017 को उसे खोज लिया था। मजिस्ट्रेट को दिए बयान में बाबा मंदिर में शादी किए जाने की बात भी कही थी, लेकिन प्रति परीक्षा में बयानों से मुकर गई थी।
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कहा था कि पुलिस के दबाव में शादी करने वाली बात कही थी। मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला जज ने स्पष्ट तौर पर अपने आदेश में लिखा कि पेश सबूत के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि अभियुक्त का पीड़िता के गांव में रिश्तेदारी थी। इस कारण आना जाना था। दोनों के मध्य प्रेम प्रसंग था शैक्षणिक प्रमाण पत्र व डाक्टरी परीक्षण में सामने आया है कि पीड़िता की उम्र 16 साल 4 महीने है। इस कारण इसकी सहमति कानून की नजर में शून्य है कहते हुए सजा सुनाई है।
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अरवल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 8 जून 2017 की रात उसकी पुत्री घर में अकेली थी। उन्होंने बताया कि गांव में ही रहने वाली एक महिला के भाई का पुत्र रामजी का घर आना जाना था। रामजी बहलाकर किशोरी को ले गया था। जानकारी होने पर किशोरी को वापस घर भेजने की बात तय हुई थी। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। कोर्ट में पेश होकर पीड़िता ने बताया था कि घटना वाले दिन उसके पिता हरदोई में दवा लेने गए थे। वह मां के साथ घर में थी। रामजी वहां आया था और कहा था कि पिता ने बुलाया है।
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इसके बाद उसे अपनी बहन के गांव निजामपुर ले गया था। यहीं किशोरी से दुष्कर्म किया था। इसके बाद 15 दिन तक फरीदाबाद में रखा था। राम जी के पिता ने फोन करके बुलाया था। इसके बाद राम जी ने उसे शहर के मोहल्ला आजाद नगर में करीब डेढ़ माह तक रखा था। इस दौरान तमंचा दिखाकर धमकी भी देता था। पुलिस ने 24 जुलाई 2017 को उसे खोज लिया था। मजिस्ट्रेट को दिए बयान में बाबा मंदिर में शादी किए जाने की बात भी कही थी, लेकिन प्रति परीक्षा में बयानों से मुकर गई थी।
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कहा था कि पुलिस के दबाव में शादी करने वाली बात कही थी। मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला जज ने स्पष्ट तौर पर अपने आदेश में लिखा कि पेश सबूत के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि अभियुक्त का पीड़िता के गांव में रिश्तेदारी थी। इस कारण आना जाना था। दोनों के मध्य प्रेम प्रसंग था शैक्षणिक प्रमाण पत्र व डाक्टरी परीक्षण में सामने आया है कि पीड़िता की उम्र 16 साल 4 महीने है। इस कारण इसकी सहमति कानून की नजर में शून्य है कहते हुए सजा सुनाई है।