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Hardoi News: दुष्कर्म के तीन साल पुराने मामले में अभियुक्त को 10 की सजा
Tue, 11 Mar 2025 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Tue, 11 Mar 2025 12:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। महिला के साथ दुष्कर्म के तीन साल पुराने मामले में एक शख्स को विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) सपना त्रिपाठी ने 10 साल की सजा सुनाई है। 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने से पांच हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को भी देने के आदेश अपर जिला जज ने दिए हैं।
टड़ियावां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 22 सितंबर 2021 को वह गांव के बाहर खेतों में बकरियां चराने गई थी। धूप होने के कारण पेड़ की छांव में बैठ गई थी। तभी गांव निवासी छोटे सिंह तमंचा लेकर आया और जाति सूचक गालियां देने लगा। मना करने पर मारपीट की थी। दुष्कर्म भी किया था। इससे वह बेहोश हो गई थी।
कुछ देर बाद उसका पुत्र और गांव के कुछ लोग आ गए थे। बेहोशी की हालत में उसे चारपाई पर घर ले गए थे। पुलिस ने अनुसूचित जाति उत्पीड़न व दुष्कर्म की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। पूरे मामले में अभियोजन पक्ष से आठ गवाहों को पेश किया गया।
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इसके साथ ही आठ अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों की तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज सपना त्रिपाठी ने दुष्कर्म व मारपीट का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। अनुसूचित जाति उत्पीड़न की धारा से दोष मुक्त किया है। घटना के बाद से अभियुक्त जेल में ही बंद है।
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हरदोई। महिला के साथ दुष्कर्म के तीन साल पुराने मामले में एक शख्स को विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) सपना त्रिपाठी ने 10 साल की सजा सुनाई है। 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने से पांच हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को भी देने के आदेश अपर जिला जज ने दिए हैं।
टड़ियावां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 22 सितंबर 2021 को वह गांव के बाहर खेतों में बकरियां चराने गई थी। धूप होने के कारण पेड़ की छांव में बैठ गई थी। तभी गांव निवासी छोटे सिंह तमंचा लेकर आया और जाति सूचक गालियां देने लगा। मना करने पर मारपीट की थी। दुष्कर्म भी किया था। इससे वह बेहोश हो गई थी।
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कुछ देर बाद उसका पुत्र और गांव के कुछ लोग आ गए थे। बेहोशी की हालत में उसे चारपाई पर घर ले गए थे। पुलिस ने अनुसूचित जाति उत्पीड़न व दुष्कर्म की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। पूरे मामले में अभियोजन पक्ष से आठ गवाहों को पेश किया गया।
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इसके साथ ही आठ अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों की तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज सपना त्रिपाठी ने दुष्कर्म व मारपीट का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। अनुसूचित जाति उत्पीड़न की धारा से दोष मुक्त किया है। घटना के बाद से अभियुक्त जेल में ही बंद है।