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Hardoi News: सात फीट की गली में ढाई फीट का रास्ता, बेसमेंट में भी कोचिंग

Tue, 23 Jun 2026 11:00 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2026 11:00 PM IST
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A two and a half feet path in a seven feet street, coaching in the basement too
फोटो- 20- दूसरे तल पर चल रही कोचिंग में आपात कालीन द्वार न हाेने पर चेतावनी देते अ​ग्निशमन अ​धि
हरदोई। जिले में मानकों को ताक पर रखकर कोचिंग संस्थानों का संचालन किया जा रहा है। कहीं आठ फीट की गली में दूसरी मंजिल पर बने आवासीय भवन में कोचिंग चल रही है तो कहीं बेसमेंट में पार्टीशन कर कोचिंग चलाई जा रही है। आलम यह है कि किसी भी कोचिंग सेंटर में प्रवेश और निकास की अलग-अलग व्यवस्था नहीं है। जब कहीं कोई घटना हो जाती है तो जांच अभियान चलाकर नोटिस जारी करने की औपचारिकता पूरी की जाती है। इसके बाद सब कुछ पहले जैसा हो जाता है।
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लखनऊ में सोमवार शाम हुई घटना के बाद अग्निशमन विभाग के अधिकारी सक्रिय हो गए। शहर में अलग-अलग स्थानों पर सोमवार शाम से ही कोचिंग संस्थानों की जांच का अभियान शुरू किया गया लेकिन इसकी भनक लगते ही ज्यादातर कोचिंगों के शटर गिर गए और दरवाजों पर ताले पड़ गए।
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... तो पूरे जिले में महज 62 कोचिंग संस्थान
पूरे जिले में सिर्फ 62 कोचिंग संस्थान हैं। पढ़ने और सुनने में यह अटपटा लग रहा है लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय में पंजीकृत कोचिंगों की संख्या 62 ही है। यह संख्या सिर्फ शहर की नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों समेत पूरे जिले की है। इसके ठीक उलट सिर्फ शहर में ही 200 से ज्यादा कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। लगभग 50 कंप्यूटर सेंटर और डिजिटल लाइब्रेरी भी शहर में संचालित हो रही हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारों की निगाह इन पर नहीं पड़ती। अब घटना हो गई है तो अफसरों की नींद खुल गई है।
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यह हैं मानक -

.कोचिंग का पंजीकरण होना चाहिए।
.भवन को नेशनल बिल्डिंग कोड, अग्निशमन सुरक्षा कोड आवंटित होना चाहिए।
.कोचिंग में बच्चों के निकास की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।

.आपात स्थिति के लिए प्राथमिक चिकित्सा किट और एक चिकित्सक से अनुबंध होना चाहिए।
.आपात स्थिति में इस्तेमाल में आने वाले मोबाइल नंबर दर्ज होने चाहिए।
.सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए।
.16 साल से कम उम्र के बच्चों को कोचिंग में प्रवेश न देने के निर्देश हैं।
.विद्यालय समय में कोचिंग का संचालन प्रतिबंधित है।


यह है बानगी
शहर में जिलाधिकारी चौराहे से पिहानी चुंगी पेट्रोल पंप के बीच अलग-अलग स्थानों पर बेसमेंट में कोचिंग और लाइब्रेरी संचालित हैं। यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। बेसमेंट में कोचिंग चलाना प्रतिबंधित है लेकिन इसके बाद भी यहां संचालन हो रहा है। खास बात यह है कि जब कहीं कोई हादसा हो जाता है तो अफसर जांच के लिए पहुंच जाते हैं। नोटिस देकर चेतावनी दे देते हैं और फिर हालात पुराने ढर्रे पर आ जाते हैं।


14 कोचिंग संस्थान संचालित, 1500 विद्यार्थी पंजीकृत
शहर में गांधी भवन के सामने स्थित अलग-अलग भवनों में 14 कोचिंग संस्थान संचालित हैं। इन संस्थानों में औसतन 1500 विद्यार्थी पढ़ते हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स इन कोचिंगों में कराए जाते हैं। औसतन 100 बच्चे एक बैच में होते हैं। मौके पर इतनी जगह ही नहीं है कि एक साथ 100 बच्चे ठीक से बैठाए जा सकें। बावजूद इसके कोचिंग संचालित हो रही हैं और बच्चे पढ़ भी रहे हैं। खास बात यह है कि यहां कोचिंग के अंदर प्रवेश और निकास द्वार एक ही है।



चढ़ने और उतरने के लिए एक ही जीना
शहर के महात्मा गांधी मार्ग पर भी कई कोचिंग सेंटर संचालित हैं। इनमें से ज्यादातर भवनों में कोचिंग दूसरी मंजिल पर हैं। चढ़ने और उतरने के लिए एक ही जीना है। यह जीना भी इतना संकरा है कि एक साथ दो विद्यार्थी नहीं निकल सकते। सुरक्षा के नाम पर महज फायर एक्सटिंगुइशर लगा है। विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा है लेकिन अग्निशमन सिलिंडर सिर्फ एक ही लगा है।




बेसमेंट में कोचिंग मौके पर कोई जिम्मेदार नहीं

लखनऊ में हुई घटना के बाद मंगलवार को भी शहर में कोचिंग संस्थानों की जांच का अभियान अग्निशमन विभाग के जिम्मेदारों ने चलाया। पिहानी चुंगी के पास बेसमेंट में कोचिंग संचालित होती मिली। जांच के लिए पहुंचे अग्निशमन सुरक्षा अधिकारी शिवराम यादव ने यहां पूछताछ की तो बताने वाला भी कोई नहीं मिला। एक छात्र पढ़ने आया था लेकिन वह भी कुछ नहीं बता पाया। इससे इतर कई कोचिंग संस्थानों में अग्निरोधी कोई इंतजाम नहीं मिले। उन्होंने बताया कि चार संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है।



कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए हर ब्लॉक की एक टीम गठित है। गत जुलाई में जांच कराई गई थी। अब फिर से इन टीमों को सक्रिय कर जांच के बाद आख्या देने के लिए कहा गया है। बिना पंजीकरण संचालित कोचिंग बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी। -सुनील कुमार सिंह, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक

फोटो- 20- दूसरे तल पर चल रही कोचिंग में आपात कालीन द्वार न हाेने पर चेतावनी देते अग्निशमन अधि

फोटो- 20- दूसरे तल पर चल रही कोचिंग में आपात कालीन द्वार न हाेने पर चेतावनी देते अग्निशमन अधि

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