फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   A list of high mast lights of MLA fund along with their photographs has been called for and verification will be done

Hardoi News: विधायक निधि की हाईमास्ट लाइटों की फोटो सहित सूची तलब, सत्यापन कराया जाएगा

Wed, 03 Sep 2025 10:16 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Sep 2025 10:16 PM IST
विज्ञापन
A list of high mast lights of MLA fund along with their photographs has been called for and verification will be done
हरदोई। संडीला के तत्कालीन विधायक राजकुमार अग्रवाल की निधि से लगाई गई हाईमास्ट की सूची फोटो सहित तलब की गई है।
विज्ञापन

हाईमास्ट लाइटों का सत्यापन कराया जाएगा। मुरादाबाद की यूपीएसआईसी (उप्र स्मॉल इंडस्डट्री कारपोरेशन) पांच साल में 104 लाइटों को अभी तक नहीं लगवा पाया है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक ने यूपीएसआईसी के प्रबंधक से ब्योरा मांग लिया है। ताकि पहली किस्त से लगवाई गई हाईमास्ट लाइटों का सत्यापन कराया जा सके।
संडीला के तत्कालीन विधायक राजकुमार अग्रवाल के प्रस्ताव पर साल 2021-22 में 104 हाईमास्ट लगवाए जाने के लिए करीब 94,04,928 रुपये की स्वीकृति दी गई थी। मुरादाबाद यूपीएसआईसी को 90,432 रुपये प्रति हाईमास्ट लाइट के हिसाब से पहली किस्त में 60 प्रतिशत 56,42,956 रुपये भी दे दिए गए थे।
विज्ञापन

करीब पांच साल का समय बीतने के बाद भी हाईमास्ट लाइट न लग पाने की खबर को अमर उजाजा ने तीन सितंबर के अंक में मुरादाबाद यूपीएसआईसी पांच साल में नहीं लगा पाया 104 हाईमास्ट लाइटें शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर का संज्ञान लेते हुए परियोजना निदेशक ने कार्रवाई का मन बना लिया है। बताया कि यूपीएसआइसी के प्रबंधक से 60 प्रतिशत रुपये से कराए काम का फोटो सहित ब्योरा मांग लिया है, ताकि सत्यापन कराया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
डीआरडीए के सहायक अभियंता और बीडीओ करेंगे सत्यापन
संडीला के तत्काली विधायक राजकुमार अग्रवाल की तरफ से साल 2021-22 में 104 हाईमास्ट लगवाए जाने की निधि से स्वीकृति दी गई थी। हाईमास्ट लाइटों को लगवाए जाने की जिम्मेदारी मुरादाबाद की यूपीएसआईसी को मिला था। पांच साल बीतने पर भी दूसरी किस्त की मांग न किए जाने पर काम को लेकर आशंका बलवती हुई। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक एके मौर्य ने बताया कि फोटो सहित स्थान की सूची मिलने पर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता और संबंधित विकास खंड के बीडीओ से सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

------
आवश्यकता पड़ी तो कराई जाएगी वसूली
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अशोक कुमार मौर्य ने बताया कि पांच साल में 104 हाईमास्ट लाइटें न लग पाने और दूसरी किस्त की मांग न किए जाने से विधायक निधि की प्रगति भी प्रभावित हुई है। मामला संज्ञान में आ गया है, पहली किस्त के करीब 56,42,956 रुपये से लगवाई गई लाइटों की संख्या के हिसाब से लाइट न लगी मिलने पर कार्यदायी संस्था यूपीएसआईसी से वसूली की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed