{"_id":"76906","slug":"Hardoi-76906-37","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांवों की सफाई व्यवस्था बदहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवों की सफाई व्यवस्था बदहाल
Hardoi
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
हरदोई। संपूर्ण स्वच्छता अभियान के अंतर्गत जिले के गांवों में साफ सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने को सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति कही गई है, पर सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे ही बनी हुई है। जिले में ही सफाई कर्मियों पर प्रतिमाह दो करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जाती है।
ग्रामीण इलाकों में साफ सफाई को पंचायत राज विभाग से कर्मियों की नियुक्ति की गई है। संपूर्ण स्वच्छता अभियान के अंतर्गत कर्मियों की नियुक्ति जिले के हर गांव में की गई है। जिसके तहत तीन वर्ष पूर्व बड़े पैमाने पर सफाई कर्मियों की भर्ती की गई है। जिले भर में करीब 2200 सफाई कर्मचारी 1101 ग्राम पंचायतों में हैं। सफाई कर्मियों की नियुक्ति के साथ ही उन्हें पंचायती राज विभाग से बेहतर वेतन भी प्राप्त हो रहा है। वैसे तो नियुक्ति के समय तो सफाई कर्मियों को सिर्फ छह हजार वेतन ही दिया जा रहा था, पर पिछले एक वर्ष से वेतन में बढ़ोतरी कर दी गई है और अब एक सफाई कर्मचारी 10600 रुपए प्रतिमाह प्राप्त कर रहा है।
इसके बाद भी गांवों में सफाई करने को कर्मचारी नहीं पहुंचते और विभाग की योजना भी सिर्फ बातों तक ही सीमित होकर रह गई। कुछ कर्मचारी तो अपने स्थान पर ठेके पर प्रति माह दो से तीन हजार रुपए देकर मजदूरों से काम करवाते हैं या फिर कुछ कर्मचारी ग्राम स्तरीय अधिकारी और प्रधान को अपने पक्ष में लेकर उन्हें कुछ देकर वेतन हर माह निकलवाते रहते हैं और गांव में सफाई कार्य नहीं कर रहे हैं, जिससे विभाग की मंशा को ग्रहण लगा हुआ है। ज्ञात हो कि जिले में 2200 सौ से अधिक सफाई कर्मियों में से यदि कुछ को अनियमितताओं के चलते वेतन नहीं दिया जा रहा हो तो भी प्रतिमाह दो करोड़ रुपए से अधिक का सरकारी पैसा कर्मचारियों के वेतन पर व्यय हो रहा है।
विज्ञापन
डीपीआरओ समेत शासन के अधिकारियों की ओर से भी कई सफाई कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई, पर फिर भी उनकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है और गांव में साफ सफाई कार्य भगवान भरोसे ही है।
विज्ञापन
ग्रामीण इलाकों में साफ सफाई को पंचायत राज विभाग से कर्मियों की नियुक्ति की गई है। संपूर्ण स्वच्छता अभियान के अंतर्गत कर्मियों की नियुक्ति जिले के हर गांव में की गई है। जिसके तहत तीन वर्ष पूर्व बड़े पैमाने पर सफाई कर्मियों की भर्ती की गई है। जिले भर में करीब 2200 सफाई कर्मचारी 1101 ग्राम पंचायतों में हैं। सफाई कर्मियों की नियुक्ति के साथ ही उन्हें पंचायती राज विभाग से बेहतर वेतन भी प्राप्त हो रहा है। वैसे तो नियुक्ति के समय तो सफाई कर्मियों को सिर्फ छह हजार वेतन ही दिया जा रहा था, पर पिछले एक वर्ष से वेतन में बढ़ोतरी कर दी गई है और अब एक सफाई कर्मचारी 10600 रुपए प्रतिमाह प्राप्त कर रहा है।
विज्ञापन
इसके बाद भी गांवों में सफाई करने को कर्मचारी नहीं पहुंचते और विभाग की योजना भी सिर्फ बातों तक ही सीमित होकर रह गई। कुछ कर्मचारी तो अपने स्थान पर ठेके पर प्रति माह दो से तीन हजार रुपए देकर मजदूरों से काम करवाते हैं या फिर कुछ कर्मचारी ग्राम स्तरीय अधिकारी और प्रधान को अपने पक्ष में लेकर उन्हें कुछ देकर वेतन हर माह निकलवाते रहते हैं और गांव में सफाई कार्य नहीं कर रहे हैं, जिससे विभाग की मंशा को ग्रहण लगा हुआ है। ज्ञात हो कि जिले में 2200 सौ से अधिक सफाई कर्मियों में से यदि कुछ को अनियमितताओं के चलते वेतन नहीं दिया जा रहा हो तो भी प्रतिमाह दो करोड़ रुपए से अधिक का सरकारी पैसा कर्मचारियों के वेतन पर व्यय हो रहा है।
विज्ञापन
डीपीआरओ समेत शासन के अधिकारियों की ओर से भी कई सफाई कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई, पर फिर भी उनकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है और गांव में साफ सफाई कार्य भगवान भरोसे ही है।