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योजना का ब्योरा मांगा
Hardoi
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना को प्रदेश सरकार ने फिलहाल बंद नहीं किया है। बसपा सरकार में संचालित 26 योजनाओं में गरीब आर्थिक मदद योजना शामिल न होने से जहां एक ओर पेंशनरों में राहत हैं। वहीं अधिकारिक स्तर से नए वित्तीय वर्ष में पेंशन भेजने संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी गई है, पर पूरा ब्योरा न होने से थोड़ी दिक्कतें आ रही हैं, जिस पर निगम कर्मियों द्वारा समाज कल्याण अधिकारी को पत्र भेज कर लेखाकार से पेंशन राशि का ब्योरा व अभिलेख देने को लिखा गया है।
गरीबों की दैनिक जरूरतों की पूर्ति करने के लिए महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना की शुरुआत की गई है। ज्ञात हो कि गरीब आर्थिक मदद योजना में वैसे तो अभी तक सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद से काम कुछ मंद पड़ गया। हालांकि, इसके लिए सरकार से भी बजट नहीं दिया गया, जिससे सभी को पेंशन नहीं मिल सकी, जबकि पेंशन योजना को बंद किए जाने के कयास भी लगाए जा रहे थे। ऐसे में पेंशनर भी काफी परेशान थे, लेकिन शुक्रवार को सपा की सरकार से योजनाओं को बंद करने का फैसला दे दिया गया। जिसमें फिलहाल महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना को शामिल नहीं किया गया। इससे एक बार फिर गरीब आर्थिक मदद योजना के संचालित होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, बंद की गई योजना में गरीब आर्थिक मदद योजना शामिल न होने से जहां एक ओर पेंशनरों में राहत है, वहीं अधिकारिक स्तर से भी योजना के संबंध में अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी को लेकर योजना का मूल्यांकन करने के लिए निगम कर्मियों द्वारा अभिलेख व ब्योरा दिए जाने को समाज कल्याण अधिकारी को पत्र भेजा है। अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम कर्मियों ने समाज कल्याण अधिकारी को पत्र भेजकर लेखाकार से योजना का लेजर, कैशबुक की वास्तविक स्थिति, नोशिनल एकाउंट से निकाली व बैंकों को भेजी गई धनराशि का ब्योरा और लंबित राशि का ब्योरा मांगा गया है।
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गरीबों की दैनिक जरूरतों की पूर्ति करने के लिए महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना की शुरुआत की गई है। ज्ञात हो कि गरीब आर्थिक मदद योजना में वैसे तो अभी तक सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद से काम कुछ मंद पड़ गया। हालांकि, इसके लिए सरकार से भी बजट नहीं दिया गया, जिससे सभी को पेंशन नहीं मिल सकी, जबकि पेंशन योजना को बंद किए जाने के कयास भी लगाए जा रहे थे। ऐसे में पेंशनर भी काफी परेशान थे, लेकिन शुक्रवार को सपा की सरकार से योजनाओं को बंद करने का फैसला दे दिया गया। जिसमें फिलहाल महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना को शामिल नहीं किया गया। इससे एक बार फिर गरीब आर्थिक मदद योजना के संचालित होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, बंद की गई योजना में गरीब आर्थिक मदद योजना शामिल न होने से जहां एक ओर पेंशनरों में राहत है, वहीं अधिकारिक स्तर से भी योजना के संबंध में अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी को लेकर योजना का मूल्यांकन करने के लिए निगम कर्मियों द्वारा अभिलेख व ब्योरा दिए जाने को समाज कल्याण अधिकारी को पत्र भेजा है। अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम कर्मियों ने समाज कल्याण अधिकारी को पत्र भेजकर लेखाकार से योजना का लेजर, कैशबुक की वास्तविक स्थिति, नोशिनल एकाउंट से निकाली व बैंकों को भेजी गई धनराशि का ब्योरा और लंबित राशि का ब्योरा मांगा गया है।
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