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खरीद केंद्रों पर ठगे जा रहे हैं अन्नदाता
Hardoi
Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। गेहूं खरीद केंद्रों पर अन्नदाताओं को खुलेआम ठगा जा रहा है। खरीद केंद्रों पर कमीशनबाजी हो रही है। तौल के समय ही किसानों से प्रति कुंतल सात से दस किलो गेहूं के हिसाब कमीशन के नाम काटा जा रहा है।
शासन स्तर से किसानों का गेहूं सरकारी मूल्य पर खरीदने को फरमान दिए गए हैं। इसके लिए जिले में 91 सरकारी खरीद केंद्र बनाए गए हैं। खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए तमाम इंतजाम किए गए हैं, पर उसका लाभ किसान नहीं बिचौलिया उठा रहे हैं। खरीद से जुड़े लोगों के अनुसार इसके लिए पूरे इंतजाम हैं और कहने को तो किसान को सरकारी मूल्य 1285 का भुगतान किया जाता है, पर उससे तौल के समय ही कमीशन के रूप में गेहूं काट लिया जाता है। जानकारों के अनुसार आम किसान का खरीद केंद्र पर 1160 से 1200 रुपए प्रति कुंतल के हिसाब से गेहूं लिया जाता है। इसके लिए प्रति कुंतल सात किलो से लेकर 10 और उससे ज्यादा किलो गेहूं काट लिया जाता है और कटे गेहू के हिसाब से भुगतान 1285 के हिसाब से ही किया जाता है, जितने शातिर अंदाज में यह काम हो रहा, उससे पकड़ में भी नहीं आता है। विभागीय जानकारों के अनुसार यह एक नहीं ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश खरीद केंद्रों पर धड़ल्ले से हो रहा है। हालांकि अधिकारी शिकायत पर कड़ी कार्रवाई की बात कह रहे हैं। एडीएम राकेश कुमार मिश्र का कहना है कि अगर कहीं से शिकायत आती है तो वह इसकी गोपनीय जांच कराएंगे और जो भी आरोपी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, खरीद केंद्रों पर जैसा किसान वैसा दाम मिलता है। अगर कोई किसान असरदार है, तो उसके लिए अलग से भाव हैं और उसी पूरी स्थिति बताकर समझा दिया जाता है और उचित कमीशन लेकर तौल होती है, पर साधारण किसान का जमकर शोषण होता है। खरीद से जुड़े लोगों के अनुसार, अगर इस खेल की पोल खोलनी है तो अधिकारी किसी साधारण किसान को उसके तौले हुए गेहूं के साथ भेज कर यह देख सकते हैं।
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शासन स्तर से किसानों का गेहूं सरकारी मूल्य पर खरीदने को फरमान दिए गए हैं। इसके लिए जिले में 91 सरकारी खरीद केंद्र बनाए गए हैं। खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए तमाम इंतजाम किए गए हैं, पर उसका लाभ किसान नहीं बिचौलिया उठा रहे हैं। खरीद से जुड़े लोगों के अनुसार इसके लिए पूरे इंतजाम हैं और कहने को तो किसान को सरकारी मूल्य 1285 का भुगतान किया जाता है, पर उससे तौल के समय ही कमीशन के रूप में गेहूं काट लिया जाता है। जानकारों के अनुसार आम किसान का खरीद केंद्र पर 1160 से 1200 रुपए प्रति कुंतल के हिसाब से गेहूं लिया जाता है। इसके लिए प्रति कुंतल सात किलो से लेकर 10 और उससे ज्यादा किलो गेहूं काट लिया जाता है और कटे गेहू के हिसाब से भुगतान 1285 के हिसाब से ही किया जाता है, जितने शातिर अंदाज में यह काम हो रहा, उससे पकड़ में भी नहीं आता है। विभागीय जानकारों के अनुसार यह एक नहीं ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश खरीद केंद्रों पर धड़ल्ले से हो रहा है। हालांकि अधिकारी शिकायत पर कड़ी कार्रवाई की बात कह रहे हैं। एडीएम राकेश कुमार मिश्र का कहना है कि अगर कहीं से शिकायत आती है तो वह इसकी गोपनीय जांच कराएंगे और जो भी आरोपी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, खरीद केंद्रों पर जैसा किसान वैसा दाम मिलता है। अगर कोई किसान असरदार है, तो उसके लिए अलग से भाव हैं और उसी पूरी स्थिति बताकर समझा दिया जाता है और उचित कमीशन लेकर तौल होती है, पर साधारण किसान का जमकर शोषण होता है। खरीद से जुड़े लोगों के अनुसार, अगर इस खेल की पोल खोलनी है तो अधिकारी किसी साधारण किसान को उसके तौले हुए गेहूं के साथ भेज कर यह देख सकते हैं।
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