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फर्जी कागजों से पासपोर्ट बनवाया, बंदी
Hardoi
Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। कूटरचित अभिलेखों से पासपोर्ट बनवाने वाला जालसाज पुलिस के हत्थे चढ़ गया। फर्जी नाम से छह वर्ष पूर्व पासपोर्ट बनवाकर विदेश नौकरी करने गया था और वहां पर बिना पासपोर्ट के पकड़े जाने पर जेल में बंद रहने के बाद वापस भारत भेज दिया गया था, पर अब दूसरे नाम से पासपोर्ट बनवा रहा था। शिकायत पर खुफिया विभाग ने जांच कराई तो जालसाजी का भंडाफोड़ हुआ। माधौगंज पुलिस ने जालसाज पर रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस और खुफिया विभाग के अफसरों ने उससे कई बिंदुओं पर पूछताछ की। मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर एएसपी ने जांच के आदेश दिए हैं। माधौगंज के गोखलेनगर निवासी जमील अहमद पुत्र दाउद ने फरवरी 12 में पासपोर्ट को आवेदन किया था। पुलिस ने जांच कर हरी झंडी दे दी और पासपोर्ट बनवा विदेश चला गया, पर जमील पर जालसाजी का आरोप लगाकर उसके दूसरे नाम से एक बार पासपोर्ट बनवाकर विदेश जाने की शिकायत की गई थी। खुफिया विभाग से जांच कराई गई तो जमील की जालसाजी का भंडाफोड़ हुआ। जांच में पता चला कि जमील ने वर्ष 06 में दलाल से मोहम्मद अहमद जमील के नाम से पासपोर्ट बनवाया था। उसके बाद शब्बीर नामक दलाल के साथ मुंबई गया और वहां से सऊदी अरब के रियाद चला गया था। जमील ने पूछताछ में बताया कि रियाद में वह एक शेख के यहां ड्राइवरी का काम करने लगा। उसका पासपोर्ट शेख ने ही रख लिया था। एक दिन वह नमाज अदा करने गया था तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और 18 दिन जेल में रहने के बाद वहां की पुलिस ने इमरजेंसी प्रमाण पत्र बनवाकर 12 फरवरी को जद्दा से दिल्ली भेज दिया और बाद में वह अपने घर चला आया और घर पर ही रहता था, पर अब वह फिर विदेश जाना चाहता था। पासपोर्ट की बंदिशों की खातिर उसने असली नाम से पासपोर्ट को आवेदन किया था। जांच में खुलासा होने पर एसएसपी के आदेश पर माधौगंज थाने के दारोगा रतीपाल यादव की ओर से आरोपी पर रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मंगलवार को उससे एएसपी राकेश शंकर के साथ ही एलआईयू, इंटेलीजेंस और आईबी के अफसरों ने पूछताछ की। पूछताछ में कोई खास बात सामने नहीं आई। जिस पर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया, पर बिना गहराई से जांच कर पासपोर्ट रिपोर्ट पर आख्या लगाने पर एएसपी ने मामले की जांच का आदेश दिया है।
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पुलिस और खुफिया विभाग के अफसरों ने उससे कई बिंदुओं पर पूछताछ की। मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर एएसपी ने जांच के आदेश दिए हैं। माधौगंज के गोखलेनगर निवासी जमील अहमद पुत्र दाउद ने फरवरी 12 में पासपोर्ट को आवेदन किया था। पुलिस ने जांच कर हरी झंडी दे दी और पासपोर्ट बनवा विदेश चला गया, पर जमील पर जालसाजी का आरोप लगाकर उसके दूसरे नाम से एक बार पासपोर्ट बनवाकर विदेश जाने की शिकायत की गई थी। खुफिया विभाग से जांच कराई गई तो जमील की जालसाजी का भंडाफोड़ हुआ। जांच में पता चला कि जमील ने वर्ष 06 में दलाल से मोहम्मद अहमद जमील के नाम से पासपोर्ट बनवाया था। उसके बाद शब्बीर नामक दलाल के साथ मुंबई गया और वहां से सऊदी अरब के रियाद चला गया था। जमील ने पूछताछ में बताया कि रियाद में वह एक शेख के यहां ड्राइवरी का काम करने लगा। उसका पासपोर्ट शेख ने ही रख लिया था। एक दिन वह नमाज अदा करने गया था तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और 18 दिन जेल में रहने के बाद वहां की पुलिस ने इमरजेंसी प्रमाण पत्र बनवाकर 12 फरवरी को जद्दा से दिल्ली भेज दिया और बाद में वह अपने घर चला आया और घर पर ही रहता था, पर अब वह फिर विदेश जाना चाहता था। पासपोर्ट की बंदिशों की खातिर उसने असली नाम से पासपोर्ट को आवेदन किया था। जांच में खुलासा होने पर एसएसपी के आदेश पर माधौगंज थाने के दारोगा रतीपाल यादव की ओर से आरोपी पर रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मंगलवार को उससे एएसपी राकेश शंकर के साथ ही एलआईयू, इंटेलीजेंस और आईबी के अफसरों ने पूछताछ की। पूछताछ में कोई खास बात सामने नहीं आई। जिस पर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया, पर बिना गहराई से जांच कर पासपोर्ट रिपोर्ट पर आख्या लगाने पर एएसपी ने मामले की जांच का आदेश दिया है।
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