{"_id":"75955","slug":"Hardoi-75955-37","type":"story","status":"publish","title_hn":"बकाया वेतन मांगने पर सुपरवाइजर ने पीटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बकाया वेतन मांगने पर सुपरवाइजर ने पीटा
Hardoi
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
शाहाबाद (हरदोई)। बीएन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य को तीन माह का वेतन मांगना महंगा पड़ा। कॉलेज में सुपरवाइजर ने उनसे अभद्रता करते हुए पिटाई कर दी। प्रबंध समिति अध्यक्ष से मोबाइल पर शिकायत करने पर धमकी मिली। प्राचार्य की तहरीर पर पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कॉलेज प्राचार्य डा. एमएन खान ने तहरीर में कहा कि उनको फरवरी, मार्च और अप्रैल का वेतन अभी तक नहीं मिला। कई बार वेतन मांगने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि कॉलेज के सुपरवाइजर अरविंद प्रताप सिंह ने प्राचार्य से अभद्रता करते हुए पिटाई कर दी। घर आकर प्राचार्य ने प्रबंध समिति अध्यक्ष अरशद सिद्दीकी को मोबाइल पर बताया। आरोप है कि उन्होंने भी धमकी देते हुए गालियां दीं। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो प्राचार्य ने पुलिस को तहरीर दी। कोतवाल एके कुशांग ने बताया कि एनसीआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। उधर, अध्यक्ष अरशद सिद्दीकी ने बताया कि प्राचार्य के आरोप गलत है। प्राचार्य व तीन शिक्षकों की लापरवाही से करीब 200 विद्यार्थियों की स्कालरशिप का फार्म समय पर नहीं भरा गया। इस मामले में प्राचार्य और तीनों शिक्षकों का वेतन रोककर चेतावनी दी गई है। कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। कहा कि वेतन रोकना मकसद नहीं बल्कि प्राचार्य और शिक्षकों को गलती का अहसास कराने को कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
कॉलेज प्राचार्य डा. एमएन खान ने तहरीर में कहा कि उनको फरवरी, मार्च और अप्रैल का वेतन अभी तक नहीं मिला। कई बार वेतन मांगने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि कॉलेज के सुपरवाइजर अरविंद प्रताप सिंह ने प्राचार्य से अभद्रता करते हुए पिटाई कर दी। घर आकर प्राचार्य ने प्रबंध समिति अध्यक्ष अरशद सिद्दीकी को मोबाइल पर बताया। आरोप है कि उन्होंने भी धमकी देते हुए गालियां दीं। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो प्राचार्य ने पुलिस को तहरीर दी। कोतवाल एके कुशांग ने बताया कि एनसीआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। उधर, अध्यक्ष अरशद सिद्दीकी ने बताया कि प्राचार्य के आरोप गलत है। प्राचार्य व तीन शिक्षकों की लापरवाही से करीब 200 विद्यार्थियों की स्कालरशिप का फार्म समय पर नहीं भरा गया। इस मामले में प्राचार्य और तीनों शिक्षकों का वेतन रोककर चेतावनी दी गई है। कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। कहा कि वेतन रोकना मकसद नहीं बल्कि प्राचार्य और शिक्षकों को गलती का अहसास कराने को कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन