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प्रासंगिक हैं बुद्ध के विचार : राय
Hardoi
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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पिहानी (हरदोई)। बुद्ध पूर्णिमा पर त्रिरत्न बुद्ध विहार में लगे मेले में क्षेत्र के साथ ही आसपास जिलों के बौद्ध अनुयायियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान हुई आमसभा में गौतम बुद्ध के पंचशील को जीवन में अपनाने की सलाह दी गई। रात भर चले सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लोग पूरा समय लुत्फ उठाते रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत बुद्ध-अंबेडकर स्मारक समिति अध्यक्ष दीनदयाल वर्मा ने बुद्ध वंदना के साथ की। आम सभा में मुख्य अतिथि पूर्व कमिश्नर आरके राय ने कहा कि भगवान बुद्ध के विचार मौजूदा समय में भी प्रासंगिक हैं। बुद्ध का पंचशील दर्शन हमें कामयाब जीवन जीने की कला सिखाता है। एकता और संगठन को बनाए रखते हुए लोगों से अपील की कि शिक्षा पर विशेष ध्यान दें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों। भंते धम्मासागर ने कहा कि आज के परिवेश में लालच और उच्च जीवन स्तर को इंसान अवसरवादी हो गया है। उन्होंने कहा कि जीवन को सफल बनाने को हमें नि:स्वार्थ मानव कल्याण के कामोें में लगना चाहिए।
बौद्ध महासभा जिलाध्यक्ष अरुणेंदु वर्मा ने कहा कि हमें जीवन को सार्थक बनाने को बुद्ध की शिक्षा को अपनाना चाहिए। भगवान बुद्ध के विचारों को अपनाकर विश्व में शांति लाई जा सकती है। आमसभा में राकेश कुमार एडवोकेट, दुर्गेश गुप्ता, प्रेमकृष्ण गुप्ता, भंते संघदीप व नोखेलाल प्रेमी आदि ने भी विचार रखे। इस मौके पर सर्वेश जनसेवा, रामस्वरूप, फक्केलाल, भभूति प्रसाद व नजाकत अली मौजूद थे। अध्यक्षता पूर्व सभासद छोटेलाल व संचालन दीनदयाल वर्मा ने किया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों में धीतापुर खीरी से आई समाज सुधार एवं नाट्य कला मंडल की ओर से बुद्ध के जन्म पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। इस दौरान बुद्ध की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शाम से ही मेले में दूर-दराज से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। कसबे की तमाम सड़कें मेले के कारण भीड़ से भरी रहीं। पूरी रात दुकानों पर खरीदार महिला-पुरुषों की भीड़ जुटी रही। सोमवार को मेले का समापन हो गया।
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कार्यक्रम की शुरुआत बुद्ध-अंबेडकर स्मारक समिति अध्यक्ष दीनदयाल वर्मा ने बुद्ध वंदना के साथ की। आम सभा में मुख्य अतिथि पूर्व कमिश्नर आरके राय ने कहा कि भगवान बुद्ध के विचार मौजूदा समय में भी प्रासंगिक हैं। बुद्ध का पंचशील दर्शन हमें कामयाब जीवन जीने की कला सिखाता है। एकता और संगठन को बनाए रखते हुए लोगों से अपील की कि शिक्षा पर विशेष ध्यान दें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों। भंते धम्मासागर ने कहा कि आज के परिवेश में लालच और उच्च जीवन स्तर को इंसान अवसरवादी हो गया है। उन्होंने कहा कि जीवन को सफल बनाने को हमें नि:स्वार्थ मानव कल्याण के कामोें में लगना चाहिए।
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बौद्ध महासभा जिलाध्यक्ष अरुणेंदु वर्मा ने कहा कि हमें जीवन को सार्थक बनाने को बुद्ध की शिक्षा को अपनाना चाहिए। भगवान बुद्ध के विचारों को अपनाकर विश्व में शांति लाई जा सकती है। आमसभा में राकेश कुमार एडवोकेट, दुर्गेश गुप्ता, प्रेमकृष्ण गुप्ता, भंते संघदीप व नोखेलाल प्रेमी आदि ने भी विचार रखे। इस मौके पर सर्वेश जनसेवा, रामस्वरूप, फक्केलाल, भभूति प्रसाद व नजाकत अली मौजूद थे। अध्यक्षता पूर्व सभासद छोटेलाल व संचालन दीनदयाल वर्मा ने किया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों में धीतापुर खीरी से आई समाज सुधार एवं नाट्य कला मंडल की ओर से बुद्ध के जन्म पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। इस दौरान बुद्ध की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शाम से ही मेले में दूर-दराज से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। कसबे की तमाम सड़कें मेले के कारण भीड़ से भरी रहीं। पूरी रात दुकानों पर खरीदार महिला-पुरुषों की भीड़ जुटी रही। सोमवार को मेले का समापन हो गया।
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