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सील बंद नमकीन में भी हो रही मिलावट
Hardoi
Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। अब तो हद हो गई। पैकिंग वाले खाद्य पदार्थ भी मिलावट की चपेट में आ गए हैं और तो और नमकीन घातक रसायन मिले सरसों के तेल से बनाई जा रही है। खाद्य विभाग की कार्रवाई में इसकी पोल खुली और नमकीन बटर एलो मिले सरसों के तेल से बनी पाई गई, जिस पर विक्रेता पर कार्रवाई की जा रही है।
जिले में मिलावटखोरों की सक्रियता बढ़ती जा रही है। ऐसा कोई खाद्य पदार्थ नहीं बचा, जो मिलावट की जद में न आ गया हो। मिठाई, खोया, दूध, सरसों के तेल आदि में मिलावट तो मिल ही रही है, अब सील बंद उत्पादों में भी मिलावट है।
खाद्य विभाग की कार्रवाई इसकी पोल खोल रही है। हाल में ही खाद्य विभाग ने एक नमकीन का नमूना लिया तो उसमें घातक रसायन मिला। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित प्रकाश वर्मा ने बताया कि तीन मार्च को रेलवेगंज के व्यापारी अजय के गोदाम से विष्णु नमकीन का नमूना लिया गया था। इस नमकीन पर केवल मिश्रा फूड प्रोडक्ट करीमपुर सीतापुर लिखा था। न निर्माता कंपनी का पूरा नाम पता था और अन्य जानकारियां। विभाग ने जब नमूने को प्रयोगशाला भेजा तो उसमें बटर एलो की पुष्टि हुई। यानी कि नमकीन में घटिया सामग्री के साथ ही घातक रसायन मिले सरसों के तेल से बनाई गई थी। वर्मा ने बताया कि विक्रेता निर्माता कंपनी के बारे में भी पूरी जानकारी नहीं दे सके। जिसे उन्हें ही निर्माता और विक्रेता मानते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। घातक रसायन मिला उत्पाद बेंचने के आरोप में उन पर कार्रवाई के लिए खाद्य सुरक्षा आयुक्त के पास पत्रावली भेजी गई है और उसके बाद उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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जिले में मिलावटखोरों की सक्रियता बढ़ती जा रही है। ऐसा कोई खाद्य पदार्थ नहीं बचा, जो मिलावट की जद में न आ गया हो। मिठाई, खोया, दूध, सरसों के तेल आदि में मिलावट तो मिल ही रही है, अब सील बंद उत्पादों में भी मिलावट है।
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खाद्य विभाग की कार्रवाई इसकी पोल खोल रही है। हाल में ही खाद्य विभाग ने एक नमकीन का नमूना लिया तो उसमें घातक रसायन मिला। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित प्रकाश वर्मा ने बताया कि तीन मार्च को रेलवेगंज के व्यापारी अजय के गोदाम से विष्णु नमकीन का नमूना लिया गया था। इस नमकीन पर केवल मिश्रा फूड प्रोडक्ट करीमपुर सीतापुर लिखा था। न निर्माता कंपनी का पूरा नाम पता था और अन्य जानकारियां। विभाग ने जब नमूने को प्रयोगशाला भेजा तो उसमें बटर एलो की पुष्टि हुई। यानी कि नमकीन में घटिया सामग्री के साथ ही घातक रसायन मिले सरसों के तेल से बनाई गई थी। वर्मा ने बताया कि विक्रेता निर्माता कंपनी के बारे में भी पूरी जानकारी नहीं दे सके। जिसे उन्हें ही निर्माता और विक्रेता मानते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। घातक रसायन मिला उत्पाद बेंचने के आरोप में उन पर कार्रवाई के लिए खाद्य सुरक्षा आयुक्त के पास पत्रावली भेजी गई है और उसके बाद उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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