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शाम से ही अंधेरे में डूब जाते हैं स्वास्थ्य केंद्र
Hardoi
Updated Sun, 07 Sep 2014 05:31 AM IST
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हरदोई/बिलग्राम। जिले में स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे जनरेटरों को चलाने के लिए बजट का संकट गहरा गया है। बिजली न आने पर ज्यादातर स्वास्थ्य केंद्रों में शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। इन कें द्रों पर लगे जनरेटरों को अब उधारी में भी डीजल नहीं मिल पा रहा है। इसका खामियाजा केंद्र पर भर्ती मरीजों व उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रकाश व्यवस्था और वैक्सीन आदि को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर क्षमता के जनरेटर लगाए गए थे। इस पर करोड़ों रुपये व्यय हुआ। मगर स्वास्थ्य केंद्रों पर जनरेटर न चलने की शिकायतें मिल रही थीं। इस वित्तीय वर्ष में बजट का आवंटन न होने से स्थिति और भी विकराल हो गई। पिछले वित्तीय वर्ष की शेष धनराशि से स्वास्थ्य केंद्रों को दो-दो हजार रुपये ईधन के लिए उपलब्ध कराया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य केंद्रों को बजट जारी नहीं हुआ। इससे यहां के जनरेटर शांत हो चुके हैं। जनरेटर संचालन के लिए विभाग की ओर से अन्य मद से धनराशि की व्यवस्था करने को कहा गया था, पर अभी तक हुआ कुछ नहीं।
बिलग्राम तहसील क्षेत्र में कई महीने से सीएचसी पर रखे जनरेटर के लिए डीजल का बजट जारी नहीं हुआ। इससे एक्सरे, अल्ट्रासाउंड तथा ईसीजी जैसी सेवाएं बंद है। बिजली के जाते ही चिकित्सक कक्ष व अन्य वार्डों में पंखे बंद हो जाते हैं। गर्मी में मरीज, तीमारदार और डाक्टर बिलबिला उठते हैं। आकस्मिक सेवा कक्ष, प्रसव-प्रसवोत्तर कक्ष, एक्सरे रूम, ईसीजी कक्ष में भी बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे मरीजों को मुफ्त एक्सरे, अल्ट्रासाउंड आदि का लाभ नहीं मिल पा रहा। कई माह से बिजली न आने के कारण एक्सरे आदि कार्य बिल्कुल ठप हैं।
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इंसेट
डेढ़ साल से नहीं मिली फूटी कौड़ी
शाहाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य कें द्र पर रखा जनरेटर करीब डेढ़ साल से बंद पड़ा है। बताया जाता है कि इस केंद्र पर दो इनवर्टर लगा दिए गए थे लेकिन बिजली न आने से वह भी शोपीस बने हैं। क्षेत्र में मात्र पांच घंटे ही बिजली मिल रही है। इससे इनर्वटर भी चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। बिजली न होने से अस्पताल में भर्ती मरीजों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
इंसेट
अस्पतालों पर एक नजर
जिला अस्पताल 1
जिला महिला अस्पताल 1
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 7
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 12
न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 43
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित उपकेंद्र 432
वर्जन--
फोटो संख्या-35, परिचय- सीएमओ विजय गुप्ता।
‘एनआरएचएम की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी गई है लेकिन अभी तक बजट रिलीज न होने से कठिनाइयां सामने आ रही हैं। इसी के चलते स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे जनरेटर ठप हैं। डीजल के लिए बजट आते ही आवंटित किया जाएगा’।
विजय गुप्ता
सीएमओ
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राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रकाश व्यवस्था और वैक्सीन आदि को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर क्षमता के जनरेटर लगाए गए थे। इस पर करोड़ों रुपये व्यय हुआ। मगर स्वास्थ्य केंद्रों पर जनरेटर न चलने की शिकायतें मिल रही थीं। इस वित्तीय वर्ष में बजट का आवंटन न होने से स्थिति और भी विकराल हो गई। पिछले वित्तीय वर्ष की शेष धनराशि से स्वास्थ्य केंद्रों को दो-दो हजार रुपये ईधन के लिए उपलब्ध कराया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य केंद्रों को बजट जारी नहीं हुआ। इससे यहां के जनरेटर शांत हो चुके हैं। जनरेटर संचालन के लिए विभाग की ओर से अन्य मद से धनराशि की व्यवस्था करने को कहा गया था, पर अभी तक हुआ कुछ नहीं।
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बिलग्राम तहसील क्षेत्र में कई महीने से सीएचसी पर रखे जनरेटर के लिए डीजल का बजट जारी नहीं हुआ। इससे एक्सरे, अल्ट्रासाउंड तथा ईसीजी जैसी सेवाएं बंद है। बिजली के जाते ही चिकित्सक कक्ष व अन्य वार्डों में पंखे बंद हो जाते हैं। गर्मी में मरीज, तीमारदार और डाक्टर बिलबिला उठते हैं। आकस्मिक सेवा कक्ष, प्रसव-प्रसवोत्तर कक्ष, एक्सरे रूम, ईसीजी कक्ष में भी बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे मरीजों को मुफ्त एक्सरे, अल्ट्रासाउंड आदि का लाभ नहीं मिल पा रहा। कई माह से बिजली न आने के कारण एक्सरे आदि कार्य बिल्कुल ठप हैं।
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डेढ़ साल से नहीं मिली फूटी कौड़ी
शाहाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य कें द्र पर रखा जनरेटर करीब डेढ़ साल से बंद पड़ा है। बताया जाता है कि इस केंद्र पर दो इनवर्टर लगा दिए गए थे लेकिन बिजली न आने से वह भी शोपीस बने हैं। क्षेत्र में मात्र पांच घंटे ही बिजली मिल रही है। इससे इनर्वटर भी चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। बिजली न होने से अस्पताल में भर्ती मरीजों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
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अस्पतालों पर एक नजर
जिला अस्पताल 1
जिला महिला अस्पताल 1
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 7
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 12
न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 43
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित उपकेंद्र 432
वर्जन--
फोटो संख्या-35, परिचय- सीएमओ विजय गुप्ता।
‘एनआरएचएम की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी गई है लेकिन अभी तक बजट रिलीज न होने से कठिनाइयां सामने आ रही हैं। इसी के चलते स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे जनरेटर ठप हैं। डीजल के लिए बजट आते ही आवंटित किया जाएगा’।
विजय गुप्ता
सीएमओ