{"_id":"37-176940","slug":"Hardoi-176940-37","type":"story","status":"publish","title_hn":"वृद्ध की गर्दन रेती, मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वृद्ध की गर्दन रेती, मौत
Hardoi
Updated Sat, 05 Apr 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
अतरौली (हरदोई)।जनिगांव में आग के बाग की रखवाली कर रहे दलित वृद्ध की बीती रात उस वक्त गला रेतकर हत्या कर दी गई, जब वह बाग में पड़ी झोपड़ी में सो रहा था। सुबह मौके पर पहुंचे दामाद ने रजाई हटाकर देखा तो वृद्ध का रक्त रंजित शव मिला। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची।
घटनास्थल पर पहुंचे एएसपी अजय शंकर राय ने जांच के बाद घटना का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा। दामाद की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। जनिगांव निवासी दलित मंगलू (65) की पत्नी की करीब 12 वर्ष पहले मौत हो गई थी। पुत्री गायत्री शादी के बाद अपने पति जगदीश के साथ गांव में रहकर पिता की देखभाल करती थी। उसके पास करीब 14 बीघा खेती थी जिसकी वसीयत उसने पुत्री के नाम लिख दी थी। उसने गांव के पीके त्रिपाठी के आम के बाग को बंटाई पर ले रखा था और रखवाली को बाग में मड़ैया बनाकर रात में सोता था।
बीती रात वह घर में खाना खाने के बाद बाग मेें सोने चला गया। मध्य रात्रि हमलावरों ने धारदार हथियार से गर्दन काट दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह मंगलू जब घर नहीं लौटे, तो दामाद जगदीश बाग में देखने पहुंचा। मड़ैया में घुसकर जैसे ही उसने बिस्तर से रजाई उठाई तो मंगलू का रक्तरंजित शव देखकर सन्न रह गए। किसी धारदार हथियार के वार से गर्दन धड़ से अलग हो चुकी थी। जानकारी होते ही गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर एसओ अजय सिंह, सीओ सुखराम भारती व एएसपी एएस राय मौके पर पहुंचे और जांच की। एएसपी ने घटना के कई बिंदुओं पर एसओ को जांच करने के निर्देश दिए। दामाद जगदीश की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की र्गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटनास्थल पर पहुंचे एएसपी अजय शंकर राय ने जांच के बाद घटना का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा। दामाद की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। जनिगांव निवासी दलित मंगलू (65) की पत्नी की करीब 12 वर्ष पहले मौत हो गई थी। पुत्री गायत्री शादी के बाद अपने पति जगदीश के साथ गांव में रहकर पिता की देखभाल करती थी। उसके पास करीब 14 बीघा खेती थी जिसकी वसीयत उसने पुत्री के नाम लिख दी थी। उसने गांव के पीके त्रिपाठी के आम के बाग को बंटाई पर ले रखा था और रखवाली को बाग में मड़ैया बनाकर रात में सोता था।
विज्ञापन
बीती रात वह घर में खाना खाने के बाद बाग मेें सोने चला गया। मध्य रात्रि हमलावरों ने धारदार हथियार से गर्दन काट दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह मंगलू जब घर नहीं लौटे, तो दामाद जगदीश बाग में देखने पहुंचा। मड़ैया में घुसकर जैसे ही उसने बिस्तर से रजाई उठाई तो मंगलू का रक्तरंजित शव देखकर सन्न रह गए। किसी धारदार हथियार के वार से गर्दन धड़ से अलग हो चुकी थी। जानकारी होते ही गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर एसओ अजय सिंह, सीओ सुखराम भारती व एएसपी एएस राय मौके पर पहुंचे और जांच की। एएसपी ने घटना के कई बिंदुओं पर एसओ को जांच करने के निर्देश दिए। दामाद जगदीश की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की र्गई।
विज्ञापन