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धोती, लुंगी के कंपार्टमेंट तो गाज
Hardoi
Updated Mon, 03 Mar 2014 05:31 AM IST
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हरदोई। लोस चुनाव को लेकर आयोग दिन पर दिन तैयारियों को और तेज करता जा रहा है। वोटरों को मतदान के दिन सुविधाएं देने के साथ मतदेय स्थलों के कक्षा में होने वाली मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने को निर्देश देने शुरू कर दिए हैं। आयोग ने वोटिंग कंपार्टमेंट के मानकों को तय करके स्पष्ष्ट करते हुए धोती, लुंगी व साड़ी के वोटिंग कंपार्टमेंट बने मिले, तो अफसरों की भी खैर नहीं।
यह कहना गलत न होगा कि आने वाले लोस चुनाव में मतदान केंद्रों के कक्षों में बने वोटिंग कंपार्टमेंट के इर्द गिर्द धोती या साड़ी आदि का ऐसा घेरा नजर नहीं आएगा, जिससे मतदान की पारदर्शिता पर कोई सवाल उठ सके या फिर यह उजागर हो सके कि आखिर वोटर ने किसी नंबर के बटन को दबाकर मताधिकार का प्रयोग किया है। इस सभी को छिपाते हुए व मतदान की पारदर्शिता को बनाए रखने को अबकी आयोग ने वोटिंग कंपार्टमेंट के मानकों को घोषित कर दिया है। आयोग के अफसरों द्वारा जारी निर्देशों में बताया गया कि मतदान केंद्रों पर अब साड़ी या टेंट से बने वोटिंग कंपार्टमेंट नहीं दिखाई देंगे, बल्कि इनके स्थान पर कार्ड बोर्ड या फ्लैक्स बोर्ड के कंपार्टमेंट नजर आएंगे, जो तीन फोल्ड में होंगे। हर फोल्ड का सार 23 गुणा 23 का होगा।
इसका उद्देश्य मतदान को आड़ में कराना है। आयोग ने जिला निर्वाचन अफसरों को जारी निर्देशों में बताया कि वोटिंग कंपार्टमेंट मानक के अनुरूप नहीं बनते हैं, तो मतदान में निष्पक्षता नहीं रह जाती है। वोटर भी कक्ष में आस पास के लोगों व पीछे लाइनों में लगे वोटरों के बीच मतदान करने में असहज महसूस करता है। उसे डर रहता है कि धोती या साड़ी के बीच उसके मतदान को किसी पार्टी के लिए किया जा रहा, दिखने का भय रहता है, इसलिए वोटर को कोई भय न हो, इसलिए वोटिंग कं पार्टमेंट कार्ड बोर्ड या फ्लैक्स बोर्ड के ही बनाए जाएं। आयोग सचिव सुमित मुखर्जी के निर्देशों में सभी निर्वाचन अफसरों को निर्देशित कर दिया कि यदि कक्षों में वोटिंग कंपार्टमेंट के साथ मानकों में खिलवाड़ किया गया, तो संबंधित अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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इंसेट
एनसीसी-एनएसएस दिखाएंगे वोटरों को राह
हरदोई। लोस चुनाव में मतदान के दिन वोटरों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े, इसको लेकर मतदान केंद्रों पर कैसे कतार में कौन से वोटर लगेंगे, यह सब बोर्ड पर तीर से तो इंगित करना ही पड़ेगा। इसके अलावा वोटरों को असुविधाओं से बचाने को बूथों पर एनसीसी व एनएसएस के छात्र-छात्राओं को भी लगाया जाएगा, जो वोटरों को वहां से संबंधित जानकारी और सही कक्षों तक ले जाने क ा कार्य करेंगे।
इंसेट---
विकलांगों, असहायों के लिए बनेगी रैंप
हरदोई। आयोग ने स्पष्ट कहा कि मतदान केंद्रों तक कक्षों तक पहुंचने को बुजुर्ग और विकलांग वोटरों को किन्हीं परेशानियों से दो चार न होना पड़े, इसको लेकर मतदान कक्षों में तक जाने को रैंप बनवाने के निर्देश आयोग ने जिला निर्वाचन अफसर को दिए हैं। जिला स्तर पर किन किन बूथों पर रैंप बनवाने की जरूरत है, डीएम ने सभी एसडीएम से सूची तलब कर ली है।
इंसेट---
बिजली नहीं रही, तो जनरेटर चलेगा
हरदोई। लोस चुनाव में ऐसे मतदान केंद्रों पर जहां पर बिजली का कनेक्शन नहीं है, ऐसी जगहों पर पोलिंग अफसरों और वोटरों को किन्हीं परेशानियों से दो चार न होना पड़े, इसको लेकर ऐसे मतदान केंद्रों पर जनरेटर मुहैया कराने एवं उन्हें चलाने के निर्देश मतदान के दिन दिए गए हैं।
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यह कहना गलत न होगा कि आने वाले लोस चुनाव में मतदान केंद्रों के कक्षों में बने वोटिंग कंपार्टमेंट के इर्द गिर्द धोती या साड़ी आदि का ऐसा घेरा नजर नहीं आएगा, जिससे मतदान की पारदर्शिता पर कोई सवाल उठ सके या फिर यह उजागर हो सके कि आखिर वोटर ने किसी नंबर के बटन को दबाकर मताधिकार का प्रयोग किया है। इस सभी को छिपाते हुए व मतदान की पारदर्शिता को बनाए रखने को अबकी आयोग ने वोटिंग कंपार्टमेंट के मानकों को घोषित कर दिया है। आयोग के अफसरों द्वारा जारी निर्देशों में बताया गया कि मतदान केंद्रों पर अब साड़ी या टेंट से बने वोटिंग कंपार्टमेंट नहीं दिखाई देंगे, बल्कि इनके स्थान पर कार्ड बोर्ड या फ्लैक्स बोर्ड के कंपार्टमेंट नजर आएंगे, जो तीन फोल्ड में होंगे। हर फोल्ड का सार 23 गुणा 23 का होगा।
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इसका उद्देश्य मतदान को आड़ में कराना है। आयोग ने जिला निर्वाचन अफसरों को जारी निर्देशों में बताया कि वोटिंग कंपार्टमेंट मानक के अनुरूप नहीं बनते हैं, तो मतदान में निष्पक्षता नहीं रह जाती है। वोटर भी कक्ष में आस पास के लोगों व पीछे लाइनों में लगे वोटरों के बीच मतदान करने में असहज महसूस करता है। उसे डर रहता है कि धोती या साड़ी के बीच उसके मतदान को किसी पार्टी के लिए किया जा रहा, दिखने का भय रहता है, इसलिए वोटर को कोई भय न हो, इसलिए वोटिंग कं पार्टमेंट कार्ड बोर्ड या फ्लैक्स बोर्ड के ही बनाए जाएं। आयोग सचिव सुमित मुखर्जी के निर्देशों में सभी निर्वाचन अफसरों को निर्देशित कर दिया कि यदि कक्षों में वोटिंग कंपार्टमेंट के साथ मानकों में खिलवाड़ किया गया, तो संबंधित अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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एनसीसी-एनएसएस दिखाएंगे वोटरों को राह
हरदोई। लोस चुनाव में मतदान के दिन वोटरों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े, इसको लेकर मतदान केंद्रों पर कैसे कतार में कौन से वोटर लगेंगे, यह सब बोर्ड पर तीर से तो इंगित करना ही पड़ेगा। इसके अलावा वोटरों को असुविधाओं से बचाने को बूथों पर एनसीसी व एनएसएस के छात्र-छात्राओं को भी लगाया जाएगा, जो वोटरों को वहां से संबंधित जानकारी और सही कक्षों तक ले जाने क ा कार्य करेंगे।
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विकलांगों, असहायों के लिए बनेगी रैंप
हरदोई। आयोग ने स्पष्ट कहा कि मतदान केंद्रों तक कक्षों तक पहुंचने को बुजुर्ग और विकलांग वोटरों को किन्हीं परेशानियों से दो चार न होना पड़े, इसको लेकर मतदान कक्षों में तक जाने को रैंप बनवाने के निर्देश आयोग ने जिला निर्वाचन अफसर को दिए हैं। जिला स्तर पर किन किन बूथों पर रैंप बनवाने की जरूरत है, डीएम ने सभी एसडीएम से सूची तलब कर ली है।
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बिजली नहीं रही, तो जनरेटर चलेगा
हरदोई। लोस चुनाव में ऐसे मतदान केंद्रों पर जहां पर बिजली का कनेक्शन नहीं है, ऐसी जगहों पर पोलिंग अफसरों और वोटरों को किन्हीं परेशानियों से दो चार न होना पड़े, इसको लेकर ऐसे मतदान केंद्रों पर जनरेटर मुहैया कराने एवं उन्हें चलाने के निर्देश मतदान के दिन दिए गए हैं।