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कलक्ट्रेट पर उतारा गुस्सा
Hardoi
Updated Mon, 03 Mar 2014 05:31 AM IST
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हरदोई। बिजली विभाग सहित वाणिज्य कर, कृषि उत्पादन मंडी समिति आदि विभागों में भ्रष्टाचार का बोलबाला होने का आरोप लगाकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले पदाधिकारियों व व्यापारियों ने शनिवार को कलक्ट्रेट में जमकर प्रदर्शन करते हुए सीएम के नाम 12 सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर कार्रवाई कराने की मांग की।
कलक्ट्रेट में एकत्र व्यापारियों को संबोधित करते प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष विमलेश दीक्षित ने कहा कि बिजली विभाग सहित कई विभाग ऐसे हैं, जहां अब सिर्फ पैसा बोलता है। सही काम भी बिना पैसे के नहीं होता है। गुप्त रूप से जांच करा जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कहा कि वाणिज्य कर विभाग में प्रदेश सरकार ने 40 फीसदी के स्थान पर टैक्स तीन गुना कर दिया है, पर यूपी में अधिकांश वस्तुओं पर 13 से लेकर 15 प्रतिशत तक टैक्स है। व्यापारियों को इससे कोई लाभ नहीं है। मूल्य का 40 फीसदी पेनाल्टी होने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने इस कर की दर दो गुना करने की मांग की। युवा जिलाध्यक्ष विभू गुप्ता ने कहा कि दलहन व तिलहन को प्रदेश में व्यापार कर मुक्त कर दें।
क्योंकि इन पर लिए जाने वाला वाणिज्य कर इसके उत्पाद में समायोजित हो जाता है। इससे व्यापार करने की जटिलताओं में सुविधा होगी और इससे राजस्व में अंतर नहीं पड़ेगा। कहा कि प्रदेश में बिजली की दरें बहुत ज्यादा हैं। समय-समय पर नियामक आयोग की सिफारिशों पर इसे बढ़ा भी दिया जाता है। कहा कि पड़ोसी राज्य में बिजली की दरें कम हैं। इसको पुनर्विचार कर कम किया जाए। उद्योगों और व्यापार की प्रतिस्पर्धा के आधार पर तभी टिकने का मौका मिलेगा। इस मौके पर व्यापारियों ने कलक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी की और सीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंघल को सौंप कर कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर आशीष प्रजापति, जगतर सिंह, अवनीश चंद्र गुप्ता, अनुराग शुक्ला, विनय द्विवेदी, सुमित अग्निहोत्री, अनवीश त्रिवेदी आदि मौजूद थे।
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कलक्ट्रेट में एकत्र व्यापारियों को संबोधित करते प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष विमलेश दीक्षित ने कहा कि बिजली विभाग सहित कई विभाग ऐसे हैं, जहां अब सिर्फ पैसा बोलता है। सही काम भी बिना पैसे के नहीं होता है। गुप्त रूप से जांच करा जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कहा कि वाणिज्य कर विभाग में प्रदेश सरकार ने 40 फीसदी के स्थान पर टैक्स तीन गुना कर दिया है, पर यूपी में अधिकांश वस्तुओं पर 13 से लेकर 15 प्रतिशत तक टैक्स है। व्यापारियों को इससे कोई लाभ नहीं है। मूल्य का 40 फीसदी पेनाल्टी होने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने इस कर की दर दो गुना करने की मांग की। युवा जिलाध्यक्ष विभू गुप्ता ने कहा कि दलहन व तिलहन को प्रदेश में व्यापार कर मुक्त कर दें।
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क्योंकि इन पर लिए जाने वाला वाणिज्य कर इसके उत्पाद में समायोजित हो जाता है। इससे व्यापार करने की जटिलताओं में सुविधा होगी और इससे राजस्व में अंतर नहीं पड़ेगा। कहा कि प्रदेश में बिजली की दरें बहुत ज्यादा हैं। समय-समय पर नियामक आयोग की सिफारिशों पर इसे बढ़ा भी दिया जाता है। कहा कि पड़ोसी राज्य में बिजली की दरें कम हैं। इसको पुनर्विचार कर कम किया जाए। उद्योगों और व्यापार की प्रतिस्पर्धा के आधार पर तभी टिकने का मौका मिलेगा। इस मौके पर व्यापारियों ने कलक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी की और सीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंघल को सौंप कर कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर आशीष प्रजापति, जगतर सिंह, अवनीश चंद्र गुप्ता, अनुराग शुक्ला, विनय द्विवेदी, सुमित अग्निहोत्री, अनवीश त्रिवेदी आदि मौजूद थे।
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