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तीन मुकदमों में पांच को सजा
Hardoi
Updated Wed, 26 Feb 2014 05:30 AM IST
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हरदोई। जिले की अलग-अलग कोर्टों ने मंगलवार को दुराचार, आगजनी व आत्म हत्या के उत्प्रेरण के अपराधों से संबंधित मुकदमों की सुनवाई पूरी कर पांच आरोपियोें को सजा सुनाई।
अपर जिला जज प्रथम देवेंद्र मिश्रा की अदालत में चले मुकदमे की रिपोर्ट कछौना क्षेत्र निवासी पीड़िता के पति ने थाने पर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 12 मार्च 12 को वह अपनी बहन के यहां आलापुर गया था। उसके घर पर मझिला क्षेत्र केे करावां निवासी चचिया ससुर शंकर दयाल उर्फ शंकर पुरी आया था। रात 10 बजे वह अपनी बहन के यहां से लौटकर आया तो देखा कि शंकर दयाल उसकी पत्नी के साथ जबरन दुराचार कर रहा था। जब वादी ने ललकारा तो शंकर ने वादी पर बांके से हमला कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ज्योति बाजपेयी ने की। कोर्ट ने आरोपी को दुराचार के अपराध में 10 साल की कैद व दो हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशंभर प्रसाद की कोर्ट के समक्ष चले मुकदमे की रिपोर्ट पाली क्षेत्र के बितौली निवासी नीरज यादव ने थाने पर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 30 अप्रैल 13 को उसके ही गांव के अश्वनी कुमार उर्फ पिंकू यादव ने दोपहर 1 बजे घर के पास बनी कोठरी में आग लगा दी थी। जिसमें उसका सामान जल कर खाक हो गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता टीएन मिश्र ने की। कोर्ट ने आरोपी को आगजनी के अपराध में पांच साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। उधर, अपर जिला जज रामराज ने आत्म हत्या के उत्प्रेरण में पति समेत तीन लोगों को सजा सुनाई।
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रामनरेश ने अपनी पुत्री अर्चना की शादी घटना के डेढ़ वर्ष पहले लोनार क्षेत्र के बिसकुला अकबरपुर निवासी रामसच्चे के साथ की थी और हैसियत के अनुसार दान दहेज भी दिया, पर पति व ससुराल वाले दहेज से संतुष्ट नहीं थे और दहेज में सोने की चेन व बाइक की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। आरोप लगाया था कि ससुराल वालों ने 1 फरवरी 12 को अर्चना की हत्या कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मणिका गुलाटी ने की। कोर्ट ने पति रामसच्चे, उसके भाई चंद्रेश्वर तथा ससुर लालाराम को 7-7 साल की कैद कुल 13-13 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।
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अपर जिला जज प्रथम देवेंद्र मिश्रा की अदालत में चले मुकदमे की रिपोर्ट कछौना क्षेत्र निवासी पीड़िता के पति ने थाने पर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 12 मार्च 12 को वह अपनी बहन के यहां आलापुर गया था। उसके घर पर मझिला क्षेत्र केे करावां निवासी चचिया ससुर शंकर दयाल उर्फ शंकर पुरी आया था। रात 10 बजे वह अपनी बहन के यहां से लौटकर आया तो देखा कि शंकर दयाल उसकी पत्नी के साथ जबरन दुराचार कर रहा था। जब वादी ने ललकारा तो शंकर ने वादी पर बांके से हमला कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ज्योति बाजपेयी ने की। कोर्ट ने आरोपी को दुराचार के अपराध में 10 साल की कैद व दो हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशंभर प्रसाद की कोर्ट के समक्ष चले मुकदमे की रिपोर्ट पाली क्षेत्र के बितौली निवासी नीरज यादव ने थाने पर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 30 अप्रैल 13 को उसके ही गांव के अश्वनी कुमार उर्फ पिंकू यादव ने दोपहर 1 बजे घर के पास बनी कोठरी में आग लगा दी थी। जिसमें उसका सामान जल कर खाक हो गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता टीएन मिश्र ने की। कोर्ट ने आरोपी को आगजनी के अपराध में पांच साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। उधर, अपर जिला जज रामराज ने आत्म हत्या के उत्प्रेरण में पति समेत तीन लोगों को सजा सुनाई।
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रामनरेश ने अपनी पुत्री अर्चना की शादी घटना के डेढ़ वर्ष पहले लोनार क्षेत्र के बिसकुला अकबरपुर निवासी रामसच्चे के साथ की थी और हैसियत के अनुसार दान दहेज भी दिया, पर पति व ससुराल वाले दहेज से संतुष्ट नहीं थे और दहेज में सोने की चेन व बाइक की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। आरोप लगाया था कि ससुराल वालों ने 1 फरवरी 12 को अर्चना की हत्या कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मणिका गुलाटी ने की। कोर्ट ने पति रामसच्चे, उसके भाई चंद्रेश्वर तथा ससुर लालाराम को 7-7 साल की कैद कुल 13-13 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।