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कैंपों में बनेंगे बायोमैट्रिक डाटा
Hardoi
Updated Mon, 16 Sep 2013 05:37 AM IST
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हरदोई। आवास योजना में लाभार्थियों को लेकर आ रहीं तमाम अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए अब शासन ने बड़ा कदम उठाया है। आवास योजना में पारदर्शिता बरतने को तथा अनियमितताओं पर रोकथाम लगाने को लाभार्थियों का बायोमैट्रिक डाटा तैयार कराया जाएगा।
प्रमुख सचिव ने लोहिया ग्रामीण एवं इंदिरा आवास के लाभार्थियों का बायोमैट्रिक डाटा तैयार करने के निर्देश देते हुए जिले मेें भी पत्र भेजा है। जिसमें उन्हाेेंने जिलाधिकारी को तिथियों का निर्धारण कर कैंप लगाकर लाभार्थियों का बायोमैट्रिक डाटा बनाने के निर्देश दिए हैं। बेघर गरीबाें को सिर पर छत देने के लिए सरकार ने आवास योजनाआें का संचालन किया है। सूबे में प्रदेश सरकार की लोहिया ग्रामीण आवास योजना तथा केंद्र की इंदिरा आवास योजना का संचालन होता है। जिसके अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को आवास बनाने के लिए धनराशि दी जाती है। ज्ञात हो कि आवास योजनाओं के तहत घर बनाने को मिलने वाली धनराशि में ही तमाम तरह की अनियमितताओं की शिकायत आई है। जिसमें ही पारदर्शिता बरतने को अब शासन ने कठोर कदम उठाया है।
प्रमुख सचिव ने आवास योजनाओं के लाभार्थियोें का बायोमैट्रिक डाटा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि आवास योजनाओं में पारदर्शिता बरतने को प्रमुख सचिव अरुण सिंघल ने इंदिरा आवास योजना और लोहिया ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थियों का ब्योरा बायोमैट्रिक कार्ड पर दर्ज करने का आदेश दिया है, जिसमें लाभार्थी का फोटो सहित नाम व पता के साथ ही बैंक खाते में धनराशि का स्थानांतरण, भवन निर्माण का स्टेटस, आवास प्राप्त करने का माध्यम व लाभार्थी चयन की स्थिति भी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा इसी तरह की कई जानकारी को कंप्यूटराइज्ड बायोमैट्रिक डाटा बेस तैयार करने के लिए प्रमुख सचिव ने कैंप लगाने के भी निर्देश दिए हैं।
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उन्हाेंने जिलाधिकारी एके द्विवेदी को पत्र भेजकर बायोमैट्रिक डाटा तैयार करने के लिए जिले में कैंपों के आयोजन के निर्देश दिए। जिसके संबंध में तिथियों के निर्धारण को पत्र भेजा गया है।
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प्रमुख सचिव ने लोहिया ग्रामीण एवं इंदिरा आवास के लाभार्थियों का बायोमैट्रिक डाटा तैयार करने के निर्देश देते हुए जिले मेें भी पत्र भेजा है। जिसमें उन्हाेेंने जिलाधिकारी को तिथियों का निर्धारण कर कैंप लगाकर लाभार्थियों का बायोमैट्रिक डाटा बनाने के निर्देश दिए हैं। बेघर गरीबाें को सिर पर छत देने के लिए सरकार ने आवास योजनाआें का संचालन किया है। सूबे में प्रदेश सरकार की लोहिया ग्रामीण आवास योजना तथा केंद्र की इंदिरा आवास योजना का संचालन होता है। जिसके अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को आवास बनाने के लिए धनराशि दी जाती है। ज्ञात हो कि आवास योजनाओं के तहत घर बनाने को मिलने वाली धनराशि में ही तमाम तरह की अनियमितताओं की शिकायत आई है। जिसमें ही पारदर्शिता बरतने को अब शासन ने कठोर कदम उठाया है।
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प्रमुख सचिव ने आवास योजनाओं के लाभार्थियोें का बायोमैट्रिक डाटा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि आवास योजनाओं में पारदर्शिता बरतने को प्रमुख सचिव अरुण सिंघल ने इंदिरा आवास योजना और लोहिया ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थियों का ब्योरा बायोमैट्रिक कार्ड पर दर्ज करने का आदेश दिया है, जिसमें लाभार्थी का फोटो सहित नाम व पता के साथ ही बैंक खाते में धनराशि का स्थानांतरण, भवन निर्माण का स्टेटस, आवास प्राप्त करने का माध्यम व लाभार्थी चयन की स्थिति भी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा इसी तरह की कई जानकारी को कंप्यूटराइज्ड बायोमैट्रिक डाटा बेस तैयार करने के लिए प्रमुख सचिव ने कैंप लगाने के भी निर्देश दिए हैं।
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उन्हाेंने जिलाधिकारी एके द्विवेदी को पत्र भेजकर बायोमैट्रिक डाटा तैयार करने के लिए जिले में कैंपों के आयोजन के निर्देश दिए। जिसके संबंध में तिथियों के निर्धारण को पत्र भेजा गया है।