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अपहृत अर्दली की हत्या
Hardoi
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। 10 दिन पहले अपहृत हुए एक न्यायिक अधिकारी के अर्दली का शव शुक्रवार को गन्ने के खेत में पड़ा मिला। पुलिस ने हिरासत में लिए गए आरोपी की निशानदेही पर शव और चाकू घटनास्थल से बरामद कर लिया। शव मिलने की जानकारी मिलते ही परिजनों का कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा। टीम की इस कामयाबी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पांच हजार रुपए का ईनाम देने की घोषणा की।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोयल बाग कालोनी निवासी राधेश्याम (40) एडीजे कोर्ट संख्या प्रथम में अर्दली पद पर तैनात था। 14 नवंबर को वह मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बंदीपुर निवासी मित्रराम सिंह के घर कार्यक्रम में शामिल होने गया था लेकिन नहीं लौटा। उसकी पत्नी राजेश्वरी ने मामले की तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के दौरान 20 नवंबर को मुकदमे को अपहरण में तरमीन कर विवेचना शुरू कर दी। पुलिस को सर्विलांस की मदद से पता चला कि राधेश्याम कोतवाली देहात के महोलिया शिवपार में रंजीत व रक्षपाल के यहां गया था। मगर कुछ समय के बाद उसके मोबाइल की स्थित का पता नहीं चल सका। एसएसपी आरके श्रीवास्तव ने सीओ सिटी राजेश कु मार की अगुवाई में 8 सदस्यीय टीम का गठन कर खोजबीन शुरू करवा दी। पुलिस टीम ने मिले सुरागों के आधार पर रंजीत पुत्र गंन्धर्व सिंह निवासी इटोरिया थाना लोनार को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछतांछ की जिस पर रंजीत ने घटना का खुलासा करते हुए शव गन्ने के खेत में पड़े होने की जानकारी दी। रंजीत की निशान देही पर पुलिस ने शुक्रवार की दोपहर महोलिया शिवपार में गुड्डू सिंह के खेत से राधेश्याम का शव बरामद कर लिया। शव के पास से ही हत्या में प्रयोग किया गया चाकू भी बरामद हुआ। घटना के संबंध में आरोपी ने बताया कि 14 नवंबर को वह राधेश्याम और रक्षपाल महोलिया में थे। तीनों लोगों ने शराब पी। इसके बाद रक्षपाल उसकी जेब से एटीएम कार्ड और पैसा निकालने लगे। इसका राधेश्याम ने विरोध किया जिस पर उन लोगों की राधेश्याम से हाथा पाई होने लगी। इसके बाद गन्ने के खेत में ले जाकर उसकी चाकू मारकर और गमझे से गला दबाकर हत्या कर दी गई। शव मिलने की जानकारी पर मृतक के भाई हरेराम, बुद्धिराम और ससुर मेवाराम पटेल खेत में पहुंचे और शव की शिनाख्त की। घटना की जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके दूसरे साथी की तलाश शुरू कर दी।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोयल बाग कालोनी निवासी राधेश्याम (40) एडीजे कोर्ट संख्या प्रथम में अर्दली पद पर तैनात था। 14 नवंबर को वह मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बंदीपुर निवासी मित्रराम सिंह के घर कार्यक्रम में शामिल होने गया था लेकिन नहीं लौटा। उसकी पत्नी राजेश्वरी ने मामले की तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के दौरान 20 नवंबर को मुकदमे को अपहरण में तरमीन कर विवेचना शुरू कर दी। पुलिस को सर्विलांस की मदद से पता चला कि राधेश्याम कोतवाली देहात के महोलिया शिवपार में रंजीत व रक्षपाल के यहां गया था। मगर कुछ समय के बाद उसके मोबाइल की स्थित का पता नहीं चल सका। एसएसपी आरके श्रीवास्तव ने सीओ सिटी राजेश कु मार की अगुवाई में 8 सदस्यीय टीम का गठन कर खोजबीन शुरू करवा दी। पुलिस टीम ने मिले सुरागों के आधार पर रंजीत पुत्र गंन्धर्व सिंह निवासी इटोरिया थाना लोनार को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछतांछ की जिस पर रंजीत ने घटना का खुलासा करते हुए शव गन्ने के खेत में पड़े होने की जानकारी दी। रंजीत की निशान देही पर पुलिस ने शुक्रवार की दोपहर महोलिया शिवपार में गुड्डू सिंह के खेत से राधेश्याम का शव बरामद कर लिया। शव के पास से ही हत्या में प्रयोग किया गया चाकू भी बरामद हुआ। घटना के संबंध में आरोपी ने बताया कि 14 नवंबर को वह राधेश्याम और रक्षपाल महोलिया में थे। तीनों लोगों ने शराब पी। इसके बाद रक्षपाल उसकी जेब से एटीएम कार्ड और पैसा निकालने लगे। इसका राधेश्याम ने विरोध किया जिस पर उन लोगों की राधेश्याम से हाथा पाई होने लगी। इसके बाद गन्ने के खेत में ले जाकर उसकी चाकू मारकर और गमझे से गला दबाकर हत्या कर दी गई। शव मिलने की जानकारी पर मृतक के भाई हरेराम, बुद्धिराम और ससुर मेवाराम पटेल खेत में पहुंचे और शव की शिनाख्त की। घटना की जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके दूसरे साथी की तलाश शुरू कर दी।
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