{"_id":"37-106531","slug":"Hardoi-106531-37","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाबा शाह रब्बानी के उर्स में दिखी गंगा जमुनी तहजीब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाबा शाह रब्बानी के उर्स में दिखी गंगा जमुनी तहजीब
Hardoi
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
संडीला। जिले की गंगा-जमुनी तहज़ीब का नजारा हजरत रब्बानी शाह कादरी उर्फ झाड़ी शाह बाबा के 21वें सालाना उर्स में भी दिखा। श्री महावीर झंडा मेला कमेटी के अध्यक्ष व पालिकाध्यक्ष शैलेश अगिभनहोत्री ने सरकारी चादर में शामिल होकर मजार पर फूल मालाएं चढ़ाईं और अमन चैन की दुआ मांगी। इस मौके पर चेयरमैन ने फीता काटकर नुमाइश का उद्घाटन किया।
तकरीर में मौलाना मुख्तार ने कहा कि अल्लाह के प्यारे नबी (सल्ल़) के दुनिया से रुख्सत होने के बाद चारों ओर इस्लाम के खिलाफ बातिल की आवाजें उठने लगी थीं। उस समय दुनिया की दो सबसे बड़ी ताक तें ईरान और रोम भी इस्लाम के खिलाफ खड़े हो गए थे। हालात इतने नाजुक हो गए थे कि इस्लाम का बच पाना मुश्किल हो गया था। मगर हजरत अबू बकर ने महज 2 साल 4 माह के मुख्तसर से खिलाफत के जमाने में न सिर्फ इस्लाम को बचाया बल्कि सारी मुखालफतों को कुछ हद तक रोम और ईरान तक इस्लाम को पहुंचाया। इससे पहले मदरसा अहले सुन्नत मंसूरिया के छात्रों ने नौहाख्वानी की। सुबह 11 बजे कुल शरीफ हुआ, उसके बाद आम लंगर शुरू हुआ। जो रात 11 बजे तक चलता रहा। इस दौरान अकीदतमंदों का तांता लगा रहा। मेले की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा सीओ सुखराम भारती ने लिया।
विज्ञापन
तकरीर में मौलाना मुख्तार ने कहा कि अल्लाह के प्यारे नबी (सल्ल़) के दुनिया से रुख्सत होने के बाद चारों ओर इस्लाम के खिलाफ बातिल की आवाजें उठने लगी थीं। उस समय दुनिया की दो सबसे बड़ी ताक तें ईरान और रोम भी इस्लाम के खिलाफ खड़े हो गए थे। हालात इतने नाजुक हो गए थे कि इस्लाम का बच पाना मुश्किल हो गया था। मगर हजरत अबू बकर ने महज 2 साल 4 माह के मुख्तसर से खिलाफत के जमाने में न सिर्फ इस्लाम को बचाया बल्कि सारी मुखालफतों को कुछ हद तक रोम और ईरान तक इस्लाम को पहुंचाया। इससे पहले मदरसा अहले सुन्नत मंसूरिया के छात्रों ने नौहाख्वानी की। सुबह 11 बजे कुल शरीफ हुआ, उसके बाद आम लंगर शुरू हुआ। जो रात 11 बजे तक चलता रहा। इस दौरान अकीदतमंदों का तांता लगा रहा। मेले की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा सीओ सुखराम भारती ने लिया।
विज्ञापन