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Hardoi News: हेलमेट लगाकर बाइक चलाई होती तो बच जाती 91 लोगों की जान
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हरदोई। जनपद में सड़कों पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। इनमें किसी न किसी की जान जा रही हैं। ज्यादातर मौतें बाइक सवारों की हो रही है, जो लोग हेलमेट नहीं लगाए हुए थे। ट्रैफिक विभाग के आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2022 में सड़क हादसों में हेलमेट नहीं लगाने की वजह से 91 बाइक सवार काल के गाल में समा गए।
इसके अलावा सीट बेल्ट की अनदेखी करने वाले चौपहिया वाहनों को मिला लिया जाए तो एक जनवरी 2021 से 31 दिसंबर 2022 तक 504 लोगों ने जान गंवाई है। लोगों को सड़क हादसे से बचाने के लिए अभियान चलाया जाता है। उन्हें हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के फायदे बताए जाते हैं। उस समय तो नियमों का पालन करने और हेलमेट लगाने की बात कहते हैं, लेकिन वाहन चलाते समय हेलमेट लगने से बचते हैं। पुलिस कुछ माह में हेलमेट लगाने के लिए जुर्माने की कार्रवाई भी करती है, लेकिन दोपहिया चालकों पर इसका असर नहीं दिख रहा है। हर दिन बिना हेलमेट के दर्जनों लोग सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
वहीं पुलिस के मुताबिक सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार है। तेज गति की वजह से करीब 300 वाहन चालकों की मौत हुई है। इसके अलावा करीब 200 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
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जिम्मेदार नागरिक भी नहीं लगाते हेलमेट और सीट बेल्ट
पुलिसकर्मी हेलमेट लगाने के लिए जागरूकता का पाठ पढ़ाती हैं। सीट बेल्ट लगाने पर जोर देते हैं। अक्सर वही लोग सड़क पर बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाते दिखाई देते हैं। यही नहीं बिना सीट बेल्ट के चार पहिया वाहन भी चलाते हैं। नव युवक नए-नए बहाने बताकर हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने से बचने की कोशिश करते हुए दिखाई देते हैं।
सात करोड़ 52 लाख 34 हजार वसूला जुर्माना
पिछले साल का आंकड़ा देखा जाए तो जनवरी 2021 से दिसंबर 2022 तक कुल सात करोड़ 52 लाख 34 हजार 100 का जुर्माना वसूला गया है। 67,497 लोगों का चालान किया गया है। बिना हेलमेट में चार करोड़ 81 लाख जुर्माना किया गया है। बिना हेलमेट 45,703 लोगों का चालान किया गया है। बिना सीट बेल्ट के 16,62,000 रुपये का जुर्माना किया गया है। बिना सीट बेल्ट के 1662 वाहनों का चालान किया गया है। तीन सवारी में 57,96,500 का जुर्माना किया गया है। 4814 वाहनों का चालान किया गया है। मोबाइल फोन लगाकर वाहन चलाने के मामले में 5,82,000 का जुर्माना किया गया है। 456 वाहनों का चालान किया गया है। नो पार्किंग के उल्लंघन में 7385 अनु का चालान किया गया है। 45 लाख 59 हजार का जुर्माना किया गया है। यातायात नियमों के उल्लंघन में 560 4500 का जुर्माना किया गया है। 5488 वाहनों का चालान किया गया है। नो एंट्री के उल्लंघन में 8704500 का जुर्माना किया गया है 1989 वाहनों का चालान किया गया है।
सड़क हादसों को रोकने के लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरूकता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। यहां तक नवयुवकों में जागरूकता लाने के लिए कॉलेजों में पहुंच कर उन्हें यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इससे सड़क हादसों में गिरावट लाई जा सके। हालांकि पिछले सालों की अपेक्षा सड़क हादसों में काफी गिरावट भी आई है।
- अनिल कुमार सिंह, ट्रैफिक निरीक्षक
बिना हेलमेट की वजह से चली गई जान
: केस- एक
बीती तीन मार्च को थाना कछौना के कलौली गांव निवासी गुलेशर (50) रात करीब 10 बजे मल्लावां मेहंदी घाट रोड पर कल्यानपुर गांव अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी। हेलमेट न होने की वजह से सिर में गंभीर चोट आई थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
केस- दो
तीन मार्च को ही मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के गांव खैरूद्दीनपुर निवासी रामू 50 की रात करीब 9:30 बजे दवा लेकर जा थे। रास्ते गांव के निकट मवेशियों को बचाने में उनकी बाइक पेड़ से टकरा गई, जिससे उनकी मौत हो गई थी। हेलमेट न होने की वजह से सिर में गंभीर चोट आई थी।
क्या कहते हैं चिकित्सक
यदि हादसे में किसी के सिर पर चोट लगी होती है तो उसे बचाना संभव नहीं होता है। क्योंकि सिर पर लगने वाली इंसान के दिमाग पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में इसे बचाना काफी कठिन रहता है। उनका कहना है कि बाइक चलाने वाले ज्यादातर लोगों के सिर पर ही चोट लगती है। इसलिए बाइक चलाते समय यदि चालक हेलमेट लगा लें तो जान बच सकती है।
- डॉ. शेर सिंह, ईएमओ, जिला अस्पताल
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इसके अलावा सीट बेल्ट की अनदेखी करने वाले चौपहिया वाहनों को मिला लिया जाए तो एक जनवरी 2021 से 31 दिसंबर 2022 तक 504 लोगों ने जान गंवाई है। लोगों को सड़क हादसे से बचाने के लिए अभियान चलाया जाता है। उन्हें हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के फायदे बताए जाते हैं। उस समय तो नियमों का पालन करने और हेलमेट लगाने की बात कहते हैं, लेकिन वाहन चलाते समय हेलमेट लगने से बचते हैं। पुलिस कुछ माह में हेलमेट लगाने के लिए जुर्माने की कार्रवाई भी करती है, लेकिन दोपहिया चालकों पर इसका असर नहीं दिख रहा है। हर दिन बिना हेलमेट के दर्जनों लोग सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
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वहीं पुलिस के मुताबिक सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार है। तेज गति की वजह से करीब 300 वाहन चालकों की मौत हुई है। इसके अलावा करीब 200 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
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जिम्मेदार नागरिक भी नहीं लगाते हेलमेट और सीट बेल्ट
पुलिसकर्मी हेलमेट लगाने के लिए जागरूकता का पाठ पढ़ाती हैं। सीट बेल्ट लगाने पर जोर देते हैं। अक्सर वही लोग सड़क पर बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाते दिखाई देते हैं। यही नहीं बिना सीट बेल्ट के चार पहिया वाहन भी चलाते हैं। नव युवक नए-नए बहाने बताकर हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने से बचने की कोशिश करते हुए दिखाई देते हैं।
सात करोड़ 52 लाख 34 हजार वसूला जुर्माना
पिछले साल का आंकड़ा देखा जाए तो जनवरी 2021 से दिसंबर 2022 तक कुल सात करोड़ 52 लाख 34 हजार 100 का जुर्माना वसूला गया है। 67,497 लोगों का चालान किया गया है। बिना हेलमेट में चार करोड़ 81 लाख जुर्माना किया गया है। बिना हेलमेट 45,703 लोगों का चालान किया गया है। बिना सीट बेल्ट के 16,62,000 रुपये का जुर्माना किया गया है। बिना सीट बेल्ट के 1662 वाहनों का चालान किया गया है। तीन सवारी में 57,96,500 का जुर्माना किया गया है। 4814 वाहनों का चालान किया गया है। मोबाइल फोन लगाकर वाहन चलाने के मामले में 5,82,000 का जुर्माना किया गया है। 456 वाहनों का चालान किया गया है। नो पार्किंग के उल्लंघन में 7385 अनु का चालान किया गया है। 45 लाख 59 हजार का जुर्माना किया गया है। यातायात नियमों के उल्लंघन में 560 4500 का जुर्माना किया गया है। 5488 वाहनों का चालान किया गया है। नो एंट्री के उल्लंघन में 8704500 का जुर्माना किया गया है 1989 वाहनों का चालान किया गया है।
सड़क हादसों को रोकने के लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरूकता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। यहां तक नवयुवकों में जागरूकता लाने के लिए कॉलेजों में पहुंच कर उन्हें यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इससे सड़क हादसों में गिरावट लाई जा सके। हालांकि पिछले सालों की अपेक्षा सड़क हादसों में काफी गिरावट भी आई है।
- अनिल कुमार सिंह, ट्रैफिक निरीक्षक
बिना हेलमेट की वजह से चली गई जान
: केस- एक
बीती तीन मार्च को थाना कछौना के कलौली गांव निवासी गुलेशर (50) रात करीब 10 बजे मल्लावां मेहंदी घाट रोड पर कल्यानपुर गांव अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी। हेलमेट न होने की वजह से सिर में गंभीर चोट आई थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
केस- दो
तीन मार्च को ही मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के गांव खैरूद्दीनपुर निवासी रामू 50 की रात करीब 9:30 बजे दवा लेकर जा थे। रास्ते गांव के निकट मवेशियों को बचाने में उनकी बाइक पेड़ से टकरा गई, जिससे उनकी मौत हो गई थी। हेलमेट न होने की वजह से सिर में गंभीर चोट आई थी।
क्या कहते हैं चिकित्सक
यदि हादसे में किसी के सिर पर चोट लगी होती है तो उसे बचाना संभव नहीं होता है। क्योंकि सिर पर लगने वाली इंसान के दिमाग पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में इसे बचाना काफी कठिन रहता है। उनका कहना है कि बाइक चलाने वाले ज्यादातर लोगों के सिर पर ही चोट लगती है। इसलिए बाइक चलाते समय यदि चालक हेलमेट लगा लें तो जान बच सकती है।
- डॉ. शेर सिंह, ईएमओ, जिला अस्पताल