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शहर के मास्टर प्लान से 65 फीसदी लोग नाखुश, कहा बेघर हो जाएंगे
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हरदोई। अमृत योजना के तहत शहर का मास्टर प्लान 2031 तैयार हो रहा है। प्रशासन के मास्टर प्लान में ग्रीन प्लान और ग्रीन जोन को लेकर अधिक 65 फीसदी लोगों ने आपत्तियां लगाई है।
कहा कि इससे शहर व आसपास के इलाकों में बने भवनों को अधिक नुकसान होने की संभावना है। इसको लेकर डीएम एमपी सिंह ने विभागीय बैठक कर ग्रीन प्लान और ग्रीन जोन की चौड़ाई कम करने का सुझाव दिया है। कहा कि अधिकारी पहले मौके पर जाकर लोगों की समस्याएं देखें, फिर मास्टर प्लान को बनाएं।
मास्टर प्लान 2031 के विस्तार में हरदोई-लखनऊ रोड हाईवे पर ग्रीन प्लान तथा बिलग्राम रोड, सांडी रोड आदि स्थानों के विस्तार हेतु को सरकार द्वारा पास नक्शे के तहत इन सड़कों के दोनों ओर की भूमि को अधिग्रहीत किया जाना है।
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वर्ष 2011 के मास्टर के तहत ग्रीन जोन के तहत आने वाले उद्यमियों, आवासीय लोगों आदि की आपत्तियों को सुनते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि सभी सड़कों पर आबादी के अंदर जो आवास मास्टर प्लान घोषित होने से पहले बने हैं, उनका स्थलीय सर्वे कराएं।
इसके बाद आम लोगों के आवासों को नुकसान से बचाने के लिए अपने उच्च अधिकारियों को सुझाव प्रेषित करते हुए ग्रीन प्लान एवं ग्रीन जोन की चौड़ाई कम कराने का प्रयास करें।
नीचे दुकान ऊपर आवास बना सकेंगे
शहर आबादी तेजी से बढ़ रही है। पुराने शहरों में जमीन कम पड़ रही हैं। नए विकसित होने वाले क्षेत्रों में ज्यादातर कृषि भूमि है। इस वजह से निर्माण के क्षेत्र में समस्याएं आ रही हैं। शहर का मास्टर प्लान बनने के बाद कम भूमि पर ऊंची इमारत बन सकेंगी। आम लोगों को आसानी से आवास मिल पाएगा। मास्टर प्लान बनने के बाद नीचे दुकान और ऊपर आवास बनाने की अनुमति होगी। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मेन सड़कों को व्यवसाय करने की छूट रहेगी। इसे 2031 के आस पास तक बढ़ने वाली आबादी को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है।
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कहा कि इससे शहर व आसपास के इलाकों में बने भवनों को अधिक नुकसान होने की संभावना है। इसको लेकर डीएम एमपी सिंह ने विभागीय बैठक कर ग्रीन प्लान और ग्रीन जोन की चौड़ाई कम करने का सुझाव दिया है। कहा कि अधिकारी पहले मौके पर जाकर लोगों की समस्याएं देखें, फिर मास्टर प्लान को बनाएं।
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मास्टर प्लान 2031 के विस्तार में हरदोई-लखनऊ रोड हाईवे पर ग्रीन प्लान तथा बिलग्राम रोड, सांडी रोड आदि स्थानों के विस्तार हेतु को सरकार द्वारा पास नक्शे के तहत इन सड़कों के दोनों ओर की भूमि को अधिग्रहीत किया जाना है।
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वर्ष 2011 के मास्टर के तहत ग्रीन जोन के तहत आने वाले उद्यमियों, आवासीय लोगों आदि की आपत्तियों को सुनते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि सभी सड़कों पर आबादी के अंदर जो आवास मास्टर प्लान घोषित होने से पहले बने हैं, उनका स्थलीय सर्वे कराएं।
इसके बाद आम लोगों के आवासों को नुकसान से बचाने के लिए अपने उच्च अधिकारियों को सुझाव प्रेषित करते हुए ग्रीन प्लान एवं ग्रीन जोन की चौड़ाई कम कराने का प्रयास करें।
नीचे दुकान ऊपर आवास बना सकेंगे
शहर आबादी तेजी से बढ़ रही है। पुराने शहरों में जमीन कम पड़ रही हैं। नए विकसित होने वाले क्षेत्रों में ज्यादातर कृषि भूमि है। इस वजह से निर्माण के क्षेत्र में समस्याएं आ रही हैं। शहर का मास्टर प्लान बनने के बाद कम भूमि पर ऊंची इमारत बन सकेंगी। आम लोगों को आसानी से आवास मिल पाएगा। मास्टर प्लान बनने के बाद नीचे दुकान और ऊपर आवास बनाने की अनुमति होगी। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मेन सड़कों को व्यवसाय करने की छूट रहेगी। इसे 2031 के आस पास तक बढ़ने वाली आबादी को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है।