मल्लावां (हरदोई)। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा किनारे बेरिया घाट पर लगे मेले में श्रद्धालुओं द्वारा फेंकी खाद्य व अन्य सामग्री खाने से छह मवेशियों की मौत हो गई जबकि छह मवेशी बीमार हैं। शवों को बिना पोस्टमार्टम के दफना दिया गया। हालांकि ग्रामीण 11 मवेशियों की मौत होने की बात कह रहे हैं। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुतबापुर के निकट कार्तिक पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गंगा किनारे बेरिया घाट पर 15 से 20 नवंबर तक मेला लगा था। मेला खत्म होने के बाद वहां फेंकी गई खाद्य और अन्य सामग्री मवेशियों ने खा ली। ग्रामीणों ने बताया कि फेंकी गई सामग्री खाने से कुतुवापुर निवासी राम रतन की दो भैंसों की मौत हो गई, जबकि एक बीमार है। रायसिंह पुरवा निवासी रामचंद्र की तीन भैंसें मर गईं, एक बीमार है। कुतुवापुर निवासी ठाकुर की तीन गायों की मौत हो गई, जबकि एक बीमार है।
दो छुट्टा मवेशियों की भी मौत हुई है। रामकुमार की भी एक गाय की मौत हुई है। मवेशियों की मौत की खबर पर मेंहदीखेड़ा पशु चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. विपिन कर्मचारियों के साथ गांव पहुंचे। बीमार मवेशियों के लक्षण देखकर डॉ. विपिन ने बताया कि छह मवेशियों की मौत खराब खाद्य सामग्री खाने के कारण फूड प्वाइजनिंग से हुई है। बताया कि ग्रामीणों ने शवों को दफन कर दिया था इसलिए पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका। कानूनगो राजेश कुमार ने बताया कि छह मवेशियों की मौत हुई है।