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55 किलोमीटर पैदल चलकर संडीला पहुंचे %मुसाफिर’
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लखनऊ से हरदोई के संडीला पैदल आए लोग।
- फोटो : HARDOI
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संडीला (हरदोई)। जिले से बाहर गए लोगों को मंगलवार रात लॉकडाउन की घोषणा पता चली तो वह परेशान हो गए। बीमार बहन को देखने लखनऊ गया युवक बुधवार तड़के कोई साधन न मिलने पर पत्नी सहित पैदल ही 55 किलोमीटर चलकर घर पहुंचा। इसके साथ कुछ अन्य युवकों ने भी पैदल ही सफर तय किया।
कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कस्बे के छोटा चौराहा निवासी आशीष पुत्र श्रीकृष्ण अपनी पत्नी माया देवी के साथ मंगलवार को लखनऊ में प्राइवेट अस्पताल में भर्ती बीमार बहन को देखने गया था। मंगलवार रात 12 बजे से लॉकडाउन हो जाने के कारण वाहन नहीं मिला तो आशीष पत्नी मायादेवी के साथ बुधवार तड़के तीन बजे लखनऊ के दुबग्गा से हरदोई के लिए पैदल चल पड़ा।
दुबग्गा से कुछ आगे बढ़ने पर संडीला कोतवाली क्षेत्र के शांतीखेड़ा निवासी आशीष पुत्र पप्पू और शोभित पुत्र राजू भी मिल गए। चारों पैदल ही लखनऊ से संडीला आ गए। 55 किलोमीटर की दूरी तय करने में उन्हें करीब 13 घंटे लगे। इन लोगों ने कहा कि देश की जनता के हित में सब कुछ बंद किया जाना जरूरी था, इसलिए किसी से न तो मदद मांगी और न ही शिकायत की। आना जरूरी था, इसलिए पैदल ही आ गए।
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इसी तरह देहरी निवासी रामअवतार पुत्र मुन्नूलाल, संजय व हरदेव पुत्रगण मलिखे, मुकेश पुत्र भोले, देवीदीन व हंसराज लखनऊ में मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन के कारण काम बंद हो गया तो पैदल ही लखनऊ से घर के लिए निकल पड़े। दोपहर दो बजे ये लोग संडीला पहुंचे। बेनीगंज के श्रीपाल, रामभजन, विनीत भी लखनऊ से पैदल संडीला पहुंचे।
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कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कस्बे के छोटा चौराहा निवासी आशीष पुत्र श्रीकृष्ण अपनी पत्नी माया देवी के साथ मंगलवार को लखनऊ में प्राइवेट अस्पताल में भर्ती बीमार बहन को देखने गया था। मंगलवार रात 12 बजे से लॉकडाउन हो जाने के कारण वाहन नहीं मिला तो आशीष पत्नी मायादेवी के साथ बुधवार तड़के तीन बजे लखनऊ के दुबग्गा से हरदोई के लिए पैदल चल पड़ा।
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दुबग्गा से कुछ आगे बढ़ने पर संडीला कोतवाली क्षेत्र के शांतीखेड़ा निवासी आशीष पुत्र पप्पू और शोभित पुत्र राजू भी मिल गए। चारों पैदल ही लखनऊ से संडीला आ गए। 55 किलोमीटर की दूरी तय करने में उन्हें करीब 13 घंटे लगे। इन लोगों ने कहा कि देश की जनता के हित में सब कुछ बंद किया जाना जरूरी था, इसलिए किसी से न तो मदद मांगी और न ही शिकायत की। आना जरूरी था, इसलिए पैदल ही आ गए।
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इसी तरह देहरी निवासी रामअवतार पुत्र मुन्नूलाल, संजय व हरदेव पुत्रगण मलिखे, मुकेश पुत्र भोले, देवीदीन व हंसराज लखनऊ में मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन के कारण काम बंद हो गया तो पैदल ही लखनऊ से घर के लिए निकल पड़े। दोपहर दो बजे ये लोग संडीला पहुंचे। बेनीगंज के श्रीपाल, रामभजन, विनीत भी लखनऊ से पैदल संडीला पहुंचे।