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संदिग्ध डीएपी की 53 बोरियां मिलने पर दुकान सील
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हरदोई। नकली डीएपी की शिकायत पर मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी ने सवायजपुर स्थित भदौरिया किसान सेवा केंद्र की जांच की। इस दौरान 53 बोरियों में नकली खाद होने की आशंका पर सेवा केंद्र को सील कर दिया गया। डीएपी का नमूना जांच के लिए शासन से अधिसूचित प्रयोगशाला भेजा गया है। दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और संचालक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की गई है।
इन दिनों डीएपी को लेकर मारामारी है। इस बीच नकली डीएपी बेचे जाने की शिकायतें भी आ रही हैं। ऐसी ही एक गोपनीय शिकायत पर मंगलवार शाम जिला कृषि अधिकारी उमेश साहू ने भूमि संरक्षण अधिकारी प्रथम नरोत्तम कुमार और सवायजपुर के नायब तहसीलदार सुशील कुमार के साथ सवायजपुर स्थित भदौरिया किसान सेवा केंद्र पर छापा मारा। दुकान बंद मिलने पर इसके मालिक फर्रुखाबाद जनपद के जैनापुर निवासी दुष्यंत सिंह भदौरिया को मौके पर बुलाकर दुकान खुलवाई।
दुकान में पचास किलो की 53 बारियों में एक विशेष कंपनी की डीएपी मिली। जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक प्राथमिक जांच में यह डीएपी नकली मिली है। विस्तृत जांच के लिए नमूना प्रयोगशाला भेजा गया है। दुकान को सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
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तो पड़ोसी जनपद से लाकर बेची जा रही खाद
अधिकारियों की टीम ने डीएपी के बारे में जब दुकानदार दुष्यंत सिंह से जानकारी ली तो चौंकाने वाली बात सामने आई। दुष्यंत ने अधिकारियों को बताया और लिखित में बयान भी दिया। जो खाद दुकान में मिली है वह शाहजहांपुर जनपद के अल्हागंज में स्थित एक खाद भंडार से खरीदी गई है। जिला कृषि अधिकारी उमेश साहू ने कहा कि दूसरे जनपद से खाद लाकर बेचना भी गैरकानूनी है, क्योंकि डीएपी और यूरिया समेत अन्य खाद का आवंटन जनपद के हिसाब से किया जाता है। यही वजह है कि पूरे मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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इन दिनों डीएपी को लेकर मारामारी है। इस बीच नकली डीएपी बेचे जाने की शिकायतें भी आ रही हैं। ऐसी ही एक गोपनीय शिकायत पर मंगलवार शाम जिला कृषि अधिकारी उमेश साहू ने भूमि संरक्षण अधिकारी प्रथम नरोत्तम कुमार और सवायजपुर के नायब तहसीलदार सुशील कुमार के साथ सवायजपुर स्थित भदौरिया किसान सेवा केंद्र पर छापा मारा। दुकान बंद मिलने पर इसके मालिक फर्रुखाबाद जनपद के जैनापुर निवासी दुष्यंत सिंह भदौरिया को मौके पर बुलाकर दुकान खुलवाई।
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दुकान में पचास किलो की 53 बारियों में एक विशेष कंपनी की डीएपी मिली। जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक प्राथमिक जांच में यह डीएपी नकली मिली है। विस्तृत जांच के लिए नमूना प्रयोगशाला भेजा गया है। दुकान को सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
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तो पड़ोसी जनपद से लाकर बेची जा रही खाद
अधिकारियों की टीम ने डीएपी के बारे में जब दुकानदार दुष्यंत सिंह से जानकारी ली तो चौंकाने वाली बात सामने आई। दुष्यंत ने अधिकारियों को बताया और लिखित में बयान भी दिया। जो खाद दुकान में मिली है वह शाहजहांपुर जनपद के अल्हागंज में स्थित एक खाद भंडार से खरीदी गई है। जिला कृषि अधिकारी उमेश साहू ने कहा कि दूसरे जनपद से खाद लाकर बेचना भी गैरकानूनी है, क्योंकि डीएपी और यूरिया समेत अन्य खाद का आवंटन जनपद के हिसाब से किया जाता है। यही वजह है कि पूरे मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।