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...जब देहरादून में फंसे 3000 भूखे मजदूरों को मिला भरपेट भोजन
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हरदोई। सांडी विकास खंड अंतर्गत अरवल थाना क्षेत्र के गांव मंसूररपुर निवासी युवक ने सोशल साइट पर देहरादून में फंसे हरदोई के कई क्षेत्रों के मजदूरों के भूखे होने का मामला उठाया। मामले की जानकारी शेयर होते ही देहरादून में ही रह रहे हरदोई के युवक ने मजदूरों के भोजन की व्यवस्था करने की मकान मालिक से बात की। इसके बाद गुरुद्वारे के माध्यम से कुल तीन हजार श्रमिकों को लंच पैकेट बांटे गए हैं।
जिले के सांडी ब्लाक के गांव मंसूररपुर निवासी दीपक अवस्थी ने शनिवार को फेसबुक पर शाहाबाद, हरपालपुर, सांडी व अहिरोरी क्षेत्र के करीब 300 से अधिक मजदूरों के देहरादून के डोईवाला इलाके में एक घर में फंसे होने की बात पोस्ट की। इसे डोइवाला में रह रहे हरदोई शहर कोतवाली क्षेत्र के बिलग्राम चुंगी निवासी गौरव मिश्रा ने पढ़ा।
उन्हें पता चला कि कुछ किलोमीटर दूर ही वह जगह है, जहां मजदूर फंसे हैं। गौरव ने फोन पर बताया कि उन्होंने दीपक से बात की तो उन्होंने उस घर के मालिक आनंद का नंबर दिया। वहां हरदोई के 300 मजदूरों समेत 3000 श्रमिक थे। उनके खाने की चिंता में उन्होंने टूरिज्म बिजनेस के पार्टनर नितिन नेगी से बात की।
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जनप्रतिनिधियों तक भी बात पहुंचाई गई। इसी बीच वहां स्थित गुरु द्वारे में बात की तो गुरुद्वारा कमेटी ने आश्वस्त किया। रविवार सुबह गुरुद्वारे से भोजन पहुंच गया। मकान मालिक आनंद का कहना है कि जब तक लॉकडाउन रहेगा, प्रयास रहेगा कि सभी तीन हजार मजदूरों तक भोजन पहुंचता रहे।
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जिले के सांडी ब्लाक के गांव मंसूररपुर निवासी दीपक अवस्थी ने शनिवार को फेसबुक पर शाहाबाद, हरपालपुर, सांडी व अहिरोरी क्षेत्र के करीब 300 से अधिक मजदूरों के देहरादून के डोईवाला इलाके में एक घर में फंसे होने की बात पोस्ट की। इसे डोइवाला में रह रहे हरदोई शहर कोतवाली क्षेत्र के बिलग्राम चुंगी निवासी गौरव मिश्रा ने पढ़ा।
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उन्हें पता चला कि कुछ किलोमीटर दूर ही वह जगह है, जहां मजदूर फंसे हैं। गौरव ने फोन पर बताया कि उन्होंने दीपक से बात की तो उन्होंने उस घर के मालिक आनंद का नंबर दिया। वहां हरदोई के 300 मजदूरों समेत 3000 श्रमिक थे। उनके खाने की चिंता में उन्होंने टूरिज्म बिजनेस के पार्टनर नितिन नेगी से बात की।
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जनप्रतिनिधियों तक भी बात पहुंचाई गई। इसी बीच वहां स्थित गुरु द्वारे में बात की तो गुरुद्वारा कमेटी ने आश्वस्त किया। रविवार सुबह गुरुद्वारे से भोजन पहुंच गया। मकान मालिक आनंद का कहना है कि जब तक लॉकडाउन रहेगा, प्रयास रहेगा कि सभी तीन हजार मजदूरों तक भोजन पहुंचता रहे।