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दहेज हत्या में तीन को 10-10 साल की कैद
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हरदोई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रत्नेश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने बुधवार को दहेज हत्या के मामले में सास, ननद व देवर को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पति को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
मुकदमे की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर त्रिपाठी ने बताया कि सरला देवी ने पुत्री अलका की शादी 11 मई 2015 को मल्लावां थाना क्षेत्र के बांसा निवासी संदीप के साथ की थी। आरोप था कि ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये व बाइक की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर अलका को प्रताड़ित करते थे। वादिनी ने रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि दहेज की मांग को लेकर 17 अप्रैल 2016 को योजनाबद्ध तरीके से मारपीट कर मिट्टी का तेल डालकर पुत्री को जला दिया गया। गंभीर रूप से झुलसी अलका की 25 अप्रैल 2016 को लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
मौत से पूर्व मजिस्ट्रेट ने बयान दर्ज किए थे। उसमें अलका ने बताया था कि सास, ननद व देवर उससे लड़ते व दहेज मांगते थे। पति नहीं लड़ते थे। उसने ये भी बताया कि सास, ननद व देवर तीनों ने मिलकर उसे मारपीट कर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। अदालत ने मृतका के मृत्यु पूर्व बयान व अन्य साक्ष्य के आधार पर पति संदीप को बरी कर दिया। वहीं सास मालती, ननद बबली व देवर रोहित को सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि में से आधी मृतका के वारिस को प्रदान करने का भी कोर्ट ने आदेश दिया है।
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मुकदमे की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर त्रिपाठी ने बताया कि सरला देवी ने पुत्री अलका की शादी 11 मई 2015 को मल्लावां थाना क्षेत्र के बांसा निवासी संदीप के साथ की थी। आरोप था कि ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये व बाइक की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर अलका को प्रताड़ित करते थे। वादिनी ने रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि दहेज की मांग को लेकर 17 अप्रैल 2016 को योजनाबद्ध तरीके से मारपीट कर मिट्टी का तेल डालकर पुत्री को जला दिया गया। गंभीर रूप से झुलसी अलका की 25 अप्रैल 2016 को लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
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मौत से पूर्व मजिस्ट्रेट ने बयान दर्ज किए थे। उसमें अलका ने बताया था कि सास, ननद व देवर उससे लड़ते व दहेज मांगते थे। पति नहीं लड़ते थे। उसने ये भी बताया कि सास, ननद व देवर तीनों ने मिलकर उसे मारपीट कर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। अदालत ने मृतका के मृत्यु पूर्व बयान व अन्य साक्ष्य के आधार पर पति संदीप को बरी कर दिया। वहीं सास मालती, ननद बबली व देवर रोहित को सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि में से आधी मृतका के वारिस को प्रदान करने का भी कोर्ट ने आदेश दिया है।
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